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बूढ़ी गंगा ने मचाई तबाही तो कहां जाओगे भाई

Mon, 30 May 2016 11:00 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो एटा
अमर उजाला ब्यूरो एटा Updated Mon, 30 May 2016 11:00 PM IST
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So where will the devastation caused by old brother Ganga
बूढ़ी गंगा ने मचाई तबाही तो कहां जाओगे भाई - फोटो : अमर उजाला
बूढ़ी गंगा ने तबाही मचाई तो लोगों और प्रशासन को संभलने तक का मौका नहीं मिलेगा। सोरों में मृत प्राय: हो चुकी बूढ़ी गंगा बारिश के दौरान तबाही का कारण बन सकती है। तलहटी के आबादी क्षेत्र और गांव के लोग हर साल इससे होने वाली तबाही का मंजर देखते हैं। बावजूद इसके लोगों ने नदी क्षेत्र में अवैध कब्जे कर लिए हैं। साथ ही नदी किनारे अपनी फसलें तक तैयार कर ली हैं। इस बार भी अत्यधिक बारिश के पूर्वानुमान को देखते हुए बूढ़ी गंगा से तबाही का अनुमान लगाया जा रहा है। 
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सिंचाई विभाग ने अभी तक बूढ़ी गंगा का बहाव सही करने के लिए कोई कार्य नहीं किया है। कई जगह संकरी हो चुकी बूढ़ी गंगा के मार्ग में लोगों ने जगह-जगह अतिक्रमण कर लिया है। और तो और नदी किनारे फसलें खड़ी हैं। नदी क्षेत्र पर भी लोगों ने अवैध कब्जे कर लिए हैं। जनपद में बूढ़ी गंगा करीब 125 किलोमीटर क्षेत्र से होकर गुजरी है और सभी जगह अतिक्रमण की कमोवेश यही स्थिति है। वर्ष 2010-11 में गंगा में आई बाढ़ के दौरान बूढ़ी गंगा में भी जबरदस्त उफान आया था और तब गंगा से ज्यादा जनपद में बूढ़ी गंगा ने कहर ढहाया था। सोरों में तो बूढ़ी गंगा गंदे नाले में तब्दील हो चुकी है। नगर भर का गंदा पानी बूढ़ी गंगा में ही डाला जा रहा है। करीब 400 वर्ष पूर्व गंगा की धारा बूढ़ी गंगा के महमूदपुर, पचलाना, अल्लीपुर, सिरावली, नगला दल, ढेला सराय, कुमरौआ सहित अन्य गांव की ओर से गुजरती थी। 
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सरकार उदासीनता त्यागे: दुबे
सोरो(ब्यूरो)। ब्रह्मण सभा के प्रदेश उपाध्यक्ष पंडित भारत किशोर दुबे का कहना है कि बूढ़ी गंगा लोगों की आस्था का केंद्र है लेकिन सरकार इसको पुनर्जीवित करने की कोई सकारात्मक पहल नहीं कर रही है। बाढ़ के समय हालात बेकाबू हो जाते हैं।
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बूढ़ी गंगा पर भी ध्यान दे केंद्र
कासगंज(ब्यूरो)। समग्र गंगा अभियान के ब्रज प्रदेश संयोजक डॉ. राधाकृष्ण दीक्षित का कहना कि कि नमामि गंगे मिशन की तरह बूढ़ी गंगा को जीवित करने के लिए भी केंद्र सरकार को कोई योजना तैयार करनी चाहिए। 

समिति करेगी आंदोलन
कासगंज(ब्यूरो)। गंगा भक्त समिति के अध्यक्ष सतीश भारद्वाज का कहना है कि बूढ़ी गंगा की सफाई न होने से गंगा का स्वरूप सिकुड़ गया है। सिंचाई विभाग को बूढ़ी गंगा की खुदाई कराकर नदी के तट व्यवस्थित करने चाहिए। ऐसा न होने पर समिति आंदोलन को विवश होगी। 


संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर सतर्क है प्रशासन: हरी शर्मा
कासगंज(ब्यूरो)। सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता हरी शर्मा का कहना है कि बाढ़ आपदा से निपटने के प्रबंध किए जाते हैं। इस बार भी यह प्रबंध किए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों को लेकर प्रशासन सतर्क है।
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