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सवारियों से ओवरलोड बसों की छतें भी फुल
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 21 Aug 2016 11:31 PM IST
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चरमराई परिवहन व्यवस्था
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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यात्रियों की त्योहारी भीड़ से रविवार को परिवहन व्यवस्था चरमरा गई। रक्षाबंधन के बाद लोगों के काम पर लौटने के चलते बस स्टैंड पर दिनभर मुसाफिरों का मेला लगा रहा। लोग वाहनों में खिड़की से घुसते दिखे। वहीं सवारियों से ओवरलोड बसें की छतें भी यात्रियों से फुल होकर फर्राटा भरती दिखी।
अपनों के साथ रक्षाबंधन मनाने के बाद दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले लोग अब काम पर लौटने लगे हैं। इसके कारण बस, ट्रेनें सवारियों से ओवरलोड हैं। सोमवार से काम करने की नीयत से रविवार को ज्यादातर लोग घरों से निकले। इसके कारण दिल्ली, बरेली, अलीगढ़ आदि रूटों पर चलने वाली सरकारी, प्राइवेट सभी बसें फुल रही। बस स्टैंड पर सुबह से लेकर देर रात तक भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी। इस त्योहारी भीड़ से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा उठी। कोई भी वाहन आते ही लोग उसमें सवार होने के लिए टूट पड़ रहे थे। आलम यह रहा कि लोगों को बस में सवार होने के लिए खिड़की से घुसने की जद्दोजहद तक करनी पड़ी। वहीं वाहनों की किल्लत और भारी भीड़ के कारण बसों की छतों पर सवार होकर लोगों ने सफर करने की मजबूरी झेली। वहीं रोडवेज बसों की कमी का फायदा डग्गामार वाहनों ने भी जमकर उठाया। एआरएम दीपेंद्र सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए सभी रूटों पर अधिक से अधिक बसों के संचालन का प्रयास किया गया है।
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अपनों के साथ रक्षाबंधन मनाने के बाद दूसरे शहरों में नौकरी करने वाले लोग अब काम पर लौटने लगे हैं। इसके कारण बस, ट्रेनें सवारियों से ओवरलोड हैं। सोमवार से काम करने की नीयत से रविवार को ज्यादातर लोग घरों से निकले। इसके कारण दिल्ली, बरेली, अलीगढ़ आदि रूटों पर चलने वाली सरकारी, प्राइवेट सभी बसें फुल रही। बस स्टैंड पर सुबह से लेकर देर रात तक भीड़ ही भीड़ नजर आ रही थी। इस त्योहारी भीड़ से परिवहन व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा उठी। कोई भी वाहन आते ही लोग उसमें सवार होने के लिए टूट पड़ रहे थे। आलम यह रहा कि लोगों को बस में सवार होने के लिए खिड़की से घुसने की जद्दोजहद तक करनी पड़ी। वहीं वाहनों की किल्लत और भारी भीड़ के कारण बसों की छतों पर सवार होकर लोगों ने सफर करने की मजबूरी झेली। वहीं रोडवेज बसों की कमी का फायदा डग्गामार वाहनों ने भी जमकर उठाया। एआरएम दीपेंद्र सिंह ने बताया कि यात्रियों की सुविधा के लिए सभी रूटों पर अधिक से अधिक बसों के संचालन का प्रयास किया गया है।
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