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Etah News: बारिश से बाजार और गलियों में भरा पानी, राहगीरों ने झेली परेशानी
Sat, 08 Aug 2026 11:25 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 08 Aug 2026 11:25 PM IST
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शनिवार दोपहर हुई बारिश के बाद सब्जी मंडी में हुए जलभराव से होकर गुजरते लोग। संवाद
एटा। झमाझम बारिश ने शनिवार दोपहर शहर की जलनिकासी व्यवस्था की पोल खोल दी। करीब ढाई घंटे तक हुई तेज बारिश से शहर की प्रमुख सड़कों व मोहल्लों में जगह-जगह पानी भर गया। दुपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ पैदल राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
दोपहर करीब 12 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो बीच-बीच में तेज होता रहा। 1:30 बजे बारिश तेज बारिश शुरू हो गई। एक घंटे तक लगाकार बारिश होती र ही। तेज बारिश के कारण सुबह से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली लेकिन शहर में जलभराव ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। ठंडी सड़क, सब्जी मंडी, विजय नगर व एमपी नगर में सड़कें बारिश के पानी से जलमग्न हो गईं। कृष्णा नगर, गली धोबियान, अवंतीबाई नगर और बाबूगंज की गलियों में भी पानी भर गया। ठंडी सड़क पर पानी अधिक होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ा। पैदल राहगीरों के कपड़े और जूते पानी में भीग गए। स्कूली बच्चों को भी बारिश के बीच घर लौटना पड़ा। कई बच्चे साइकिल से भीगते हुए अपने घर पहुंचे। बारिश थमने के करीब एक घंटे बाद सड़कों पर भरा पानी धीरे-धीरे कम हुआ जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
बाजार में पसरा सन्नाटा
हरियाली तीज के चलते आमदिनों में बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा पसर गया। बाबू, गंज, घंटाघर, सब्जी मंडी समेत अन्य बाजरों में सड़़क पर पानी भरने से लोग जहां के तहां ठहर गए। ग्राहकों की भीड़ कम रही।
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खेतों में पानी पहुंचा तो किसानों के खिले चेहरे
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज बारिश हुई। खेतों में पानी पहुंचने से धान की फसल को राहत मिली है। बारिश के दौरान ही कई किसान खेतों में पहुंच गए और पानी को नियंत्रित करने के लिए मेड़ों को दुरुस्त करते दिखे। एटा के किसान सोनपाल का कहना है कि बारिश से फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बच रहा है। किसान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि धान की फसल के लिए इस समय पानी की जरूरत है। बारिश होने से निजी साधनों से सिंचाई कराने पर खर्च होने वाली रकम की बचत हो रही है। फसल में यूरिया और जिंक का छिड़काव करने का भी यह उपयुक्त समय है। बारिश के बाद किसान फसल में खाद और जरूरी पोषक तत्वों का छिड़काव करने की तैयारी में जुट गए हैं। किसान हरीश प्रताप का मानना है कि पर्याप्त बारिश और समय से खाद मिलने से धान की फसल बेहतर तैयार होगी।
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दोपहर करीब 12 बजे से बारिश का सिलसिला शुरू हुआ, जो बीच-बीच में तेज होता रहा। 1:30 बजे बारिश तेज बारिश शुरू हो गई। एक घंटे तक लगाकार बारिश होती र ही। तेज बारिश के कारण सुबह से उमस और गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली लेकिन शहर में जलभराव ने उनकी परेशानी बढ़ा दी। ठंडी सड़क, सब्जी मंडी, विजय नगर व एमपी नगर में सड़कें बारिश के पानी से जलमग्न हो गईं। कृष्णा नगर, गली धोबियान, अवंतीबाई नगर और बाबूगंज की गलियों में भी पानी भर गया। ठंडी सड़क पर पानी अधिक होने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को संभलकर निकलना पड़ा। पैदल राहगीरों के कपड़े और जूते पानी में भीग गए। स्कूली बच्चों को भी बारिश के बीच घर लौटना पड़ा। कई बच्चे साइकिल से भीगते हुए अपने घर पहुंचे। बारिश थमने के करीब एक घंटे बाद सड़कों पर भरा पानी धीरे-धीरे कम हुआ जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।
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बाजार में पसरा सन्नाटा
हरियाली तीज के चलते आमदिनों में बाजारों में भीड़ उमड़ रही है। शनिवार को बारिश के कारण बाजारों में सन्नाटा पसर गया। बाबू, गंज, घंटाघर, सब्जी मंडी समेत अन्य बाजरों में सड़़क पर पानी भरने से लोग जहां के तहां ठहर गए। ग्राहकों की भीड़ कम रही।
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खेतों में पानी पहुंचा तो किसानों के खिले चेहरे
शहर के साथ ग्रामीण क्षेत्रों में भी तेज बारिश हुई। खेतों में पानी पहुंचने से धान की फसल को राहत मिली है। बारिश के दौरान ही कई किसान खेतों में पहुंच गए और पानी को नियंत्रित करने के लिए मेड़ों को दुरुस्त करते दिखे। एटा के किसान सोनपाल का कहना है कि बारिश से फसलों को पर्याप्त नमी मिल रही है और सिंचाई पर होने वाला खर्च भी बच रहा है। किसान सुरेंद्र कुमार ने बताया कि धान की फसल के लिए इस समय पानी की जरूरत है। बारिश होने से निजी साधनों से सिंचाई कराने पर खर्च होने वाली रकम की बचत हो रही है। फसल में यूरिया और जिंक का छिड़काव करने का भी यह उपयुक्त समय है। बारिश के बाद किसान फसल में खाद और जरूरी पोषक तत्वों का छिड़काव करने की तैयारी में जुट गए हैं। किसान हरीश प्रताप का मानना है कि पर्याप्त बारिश और समय से खाद मिलने से धान की फसल बेहतर तैयार होगी।

शनिवार दोपहर हुई बारिश के बाद सब्जी मंडी में हुए जलभराव से होकर गुजरते लोग। संवाद