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Etah News: सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष की मुश्किलें बढ़ीं, खुली लूट और दुष्कर्म की फाइल
Wed, 18 Oct 2023 11:17 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 18 Oct 2023 11:17 PM IST
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एटा। सहकार भारती के प्रदेश अध्यक्ष की मुश्किलें ताजा मामले ने और बढ़ा दी हैं। 2020 में उनके खिलाफ दर्ज लूट व दुष्कर्म के मामले में पुलिस ने अंतिम आख्या लगाकर मामला बंद कर दिया था। अब इसकी फाइल फिर खोल दी गई है। कोतवाली नगर पुलिस को पुन: विवेचना करने का आदेश दिया गया है।
राजनीतिक प्रभाव के कारण पीड़िता की एफआईआर थाने पर नहीं हुई थी। इसके बाद उसने अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन को शिकायत दी। जिस पर 24 सितंबर 2020 को कोतवाली नगर में नरेंद्र उपाध्याय सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई। फिरोजाबाद जनपद की रहने वाली महिला का कहना था कि उसके पति ने जीटी रोड स्थित गोस्वामी ऑटोमोबाइल को 25 लाख रुपये का मोबाइल भेजा था। जिसका कुछ रुपया स्वामी विमलेश गोस्वामी ने दे दिया। जबकि 10 लाख व 7.60 लाख रुपये के चेक दिए। बाद में पति को फोन कर 13 नवंबर 2017 को नकद रुपया लेने के लिए बुलाया। 7 लाख रुपये दिए गए। विमलेश के लोगों ने एक गाड़ी में बैठा दिया। बाद में उन्हें हजारा नहर पर ले जाकर तमंचा दिखाकर लूट लिया और बंधक बना लिया। उन्हें छोड़ने के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की।
बाद में मेरे दो बच्चों और मुझे भी घर से बुलवाकर बंधक बना लिया। रुपया, पैसा आदि भी भरवा लिया। 88 दिन तक इन लोगों ने बंधक बनाकर रखा और इस दौरान मुझसे दुष्कर्म किया गया। दबाव बनने पर मेरे नाम एक फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर हम लोगों को छोड़ दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस राजनीतिक दबाव में रही और दो बार इसमें अंतिम आख्या लगा दी। पिछले दिनों महिला व उसका पति एसएसपी राजेश कुमार सिंह से मिले।
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इस पर उन्होंने विवेचना की पड़ताल कराई। इसमें कई गवाहों के बयान दर्ज नहीं थी। जबकि कुछ और महत्वपूर्ण तथ्यों की तफ्तीश नहीं की गई थी। इस पर पुन: विवेचना करने के लिए उन्होंने आदेश दिया है। कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर विवेचना शुरू करा दी गई है। पूर्व में जो भी खामियां रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।
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राजनीतिक प्रभाव के कारण पीड़िता की एफआईआर थाने पर नहीं हुई थी। इसके बाद उसने अपर पुलिस महानिदेशक आगरा जोन को शिकायत दी। जिस पर 24 सितंबर 2020 को कोतवाली नगर में नरेंद्र उपाध्याय सहित चार लोगों के खिलाफ एफआईआर लिखी गई। फिरोजाबाद जनपद की रहने वाली महिला का कहना था कि उसके पति ने जीटी रोड स्थित गोस्वामी ऑटोमोबाइल को 25 लाख रुपये का मोबाइल भेजा था। जिसका कुछ रुपया स्वामी विमलेश गोस्वामी ने दे दिया। जबकि 10 लाख व 7.60 लाख रुपये के चेक दिए। बाद में पति को फोन कर 13 नवंबर 2017 को नकद रुपया लेने के लिए बुलाया। 7 लाख रुपये दिए गए। विमलेश के लोगों ने एक गाड़ी में बैठा दिया। बाद में उन्हें हजारा नहर पर ले जाकर तमंचा दिखाकर लूट लिया और बंधक बना लिया। उन्हें छोड़ने के लिए एक करोड़ रुपये की मांग की।
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बाद में मेरे दो बच्चों और मुझे भी घर से बुलवाकर बंधक बना लिया। रुपया, पैसा आदि भी भरवा लिया। 88 दिन तक इन लोगों ने बंधक बनाकर रखा और इस दौरान मुझसे दुष्कर्म किया गया। दबाव बनने पर मेरे नाम एक फर्जी एफआईआर दर्ज कराकर हम लोगों को छोड़ दिया गया। मुकदमा दर्ज होने के बाद भी पुलिस राजनीतिक दबाव में रही और दो बार इसमें अंतिम आख्या लगा दी। पिछले दिनों महिला व उसका पति एसएसपी राजेश कुमार सिंह से मिले।
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इस पर उन्होंने विवेचना की पड़ताल कराई। इसमें कई गवाहों के बयान दर्ज नहीं थी। जबकि कुछ और महत्वपूर्ण तथ्यों की तफ्तीश नहीं की गई थी। इस पर पुन: विवेचना करने के लिए उन्होंने आदेश दिया है। कोतवाली नगर प्रभारी सुधीर कुमार सिंह ने बताया कि एसएसपी के आदेश पर विवेचना शुरू करा दी गई है। पूर्व में जो भी खामियां रही हैं, उन्हें दूर किया जाएगा।