{"_id":"2075ea58e14a1db595959c0503d7b033","slug":"objections-claim-send-negligence-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दावे-आपत्तियां भेजने में लापरवाही","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दावे-आपत्तियां भेजने में लापरवाही
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Thu, 19 Mar 2015 11:07 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण द्वारा सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 (बीपीएल सर्वे) के अंतर्गत प्रकाशित की गई सूचियों में दावे आपत्तियां प्रस्तुत करने के मामले में लापरवाही सामने आई है। सीडीओ ने अलीगंज विकास खंड अधिकारी का वेतन रोक दिया है। संबंधित अधिकारी पर आरोप है कि ग्राम पंचायतों से आईं दावे आपत्तियों को उन्होंने समय सीमा के अंदर उपलब्ध नहीं कराया। बता दें कि जिले में अब तक आईं सभी दावे आपत्तियों को संशोधन के लिए विभाग ने लखनऊ भेज दिया है।
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक केके वैश्य ने बताया कि शासनादेश के अनुसार संबंधित विभागों को 14 मार्च तक सूची में मिलने वाले दावे आपत्तियों को ग्राम्य विकास विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना था, लेकिन विकास खंड अलीगंज के बीडीओ द्वारा इस कार्य को समय रहते नहीं किया गया। सीडीओ की संस्तुति पर उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत में हुए सूचियों के प्रकाशन में लगभग ढाई हजार दावे आपत्तियां निर्धारित प्रारूप के माध्यम से विभाग को प्राप्त हुईं, जिन्हें लखनऊ भेज दिया गया है।
बता दें कि उक्त सूची का प्रकाशन 21 जनवरी से 30 जनवरी ग्राम सभा, विकास खंड, नगर पालिका के सभी वार्डों, नगर पंचायत, तहसील व जिला स्तर पर किया गया था। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक के अनुसार सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के तहत बनी सूची इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि इसी बीपीएल सर्वे के आधार पर ही ग्राम्य विकास की योजनाएं लागू होती हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन
जिला ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक केके वैश्य ने बताया कि शासनादेश के अनुसार संबंधित विभागों को 14 मार्च तक सूची में मिलने वाले दावे आपत्तियों को ग्राम्य विकास विभाग के समक्ष प्रस्तुत करना था, लेकिन विकास खंड अलीगंज के बीडीओ द्वारा इस कार्य को समय रहते नहीं किया गया। सीडीओ की संस्तुति पर उनका वेतन रोकने की कार्रवाई की गई है। उन्होंने बताया कि जिले में नगर पालिका, नगर पंचायत, ग्राम पंचायत में हुए सूचियों के प्रकाशन में लगभग ढाई हजार दावे आपत्तियां निर्धारित प्रारूप के माध्यम से विभाग को प्राप्त हुईं, जिन्हें लखनऊ भेज दिया गया है।
विज्ञापन
बता दें कि उक्त सूची का प्रकाशन 21 जनवरी से 30 जनवरी ग्राम सभा, विकास खंड, नगर पालिका के सभी वार्डों, नगर पंचायत, तहसील व जिला स्तर पर किया गया था। ग्राम्य विकास अभिकरण के परियोजना निदेशक के अनुसार सामाजिक, आर्थिक एवं जातिगत जनगणना-2011 के तहत बनी सूची इसलिए भी महत्वपूर्ण हैं कि इसी बीपीएल सर्वे के आधार पर ही ग्राम्य विकास की योजनाएं लागू होती हैं।
विज्ञापन