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Etah News: पत्नी और बेटे के हत्यारे को आजीवन कारावास
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एटा। करीब छह वर्ष पहले शहर में हुए चर्चित दोहरे हत्याकांड के मामले में मंगलवार को न्यायालय ने अपना फैसला सुनाते हुए आरोपी को पत्नी और मासूम बेटे की हत्या का दोषी करार दिया। अपर जिला जज और त्वरित न्यायालय प्रथम ने दोषी गंधर्व यादव को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 50 हजार रुपये के अर्थदंड से भी दंडित किया है। न्यायालय ने अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये जीवित बची बेटी को दिए जाने के आदेश दिए हैं। मामले का दूसरे आरोपी जोधपाल सिंह उर्फ जागन की पहले ही मृत्यु हो चुकी है।
कोतवाली नगर क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी हरीशपाल सिंह ने 26 नवंबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि पड़ोस में वीरेंद्र सिंह सोलंकी का मकान है। मकान की देखरेख के लिए करीब 20 दिन पहले गांव कुसाड़ी कोतवाली देहात निवासी जोधपाल सिंह उर्फ जागन ने नगला जैली थाना सिकंदरपुर वैश्य जिला कासगंज निवासी गंधर्व यादव को वहां रखा था। गंधर्व अपनी पत्नी अंजू, 10 वर्षीय बेटे प्रताप और तीन वर्षीय बेटी किरण के साथ उसी मकान में रहने लगा था। इस दौरान जोधपाल का गंधर्व के घर लगातार आना-जाना रहता था।
अभियोजन के अनुसार 25 नवंबर 2020 को जोधपाल मकान पर आया था। अगले दिन सुबह हरीशपाल दूध लेने निकले तो उन्होंने गंधर्व को घबराई हालत में मकान बंद कर बाहर निकलते देखा। संदेह होने पर अंदर जाकर देखा तो अंजू और 10 वर्षीय प्रताप के शव पड़े मिले, जबकि तीन वर्षीय बेटी किरण वहां नहीं थी। बाद में पता चला कि आरोपी बेटी को अपने साथ ले गया था।
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जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि गंधर्व यादव ने जोधपाल सिंह के साथ मिलकर अवैध संबंध के शक में पत्नी और बेटे की निर्मम हत्या की थी। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मंगलवार को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम शीलवंत ने गंधर्व यादव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये जीवित बची बेटी किरण को दिए जाएं।
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कोतवाली नगर क्षेत्र के शास्त्रीनगर निवासी हरीशपाल सिंह ने 26 नवंबर 2020 को मुकदमा दर्ज कराया था। उन्होंने बताया था कि पड़ोस में वीरेंद्र सिंह सोलंकी का मकान है। मकान की देखरेख के लिए करीब 20 दिन पहले गांव कुसाड़ी कोतवाली देहात निवासी जोधपाल सिंह उर्फ जागन ने नगला जैली थाना सिकंदरपुर वैश्य जिला कासगंज निवासी गंधर्व यादव को वहां रखा था। गंधर्व अपनी पत्नी अंजू, 10 वर्षीय बेटे प्रताप और तीन वर्षीय बेटी किरण के साथ उसी मकान में रहने लगा था। इस दौरान जोधपाल का गंधर्व के घर लगातार आना-जाना रहता था।
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अभियोजन के अनुसार 25 नवंबर 2020 को जोधपाल मकान पर आया था। अगले दिन सुबह हरीशपाल दूध लेने निकले तो उन्होंने गंधर्व को घबराई हालत में मकान बंद कर बाहर निकलते देखा। संदेह होने पर अंदर जाकर देखा तो अंजू और 10 वर्षीय प्रताप के शव पड़े मिले, जबकि तीन वर्षीय बेटी किरण वहां नहीं थी। बाद में पता चला कि आरोपी बेटी को अपने साथ ले गया था।
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जांच के दौरान पुलिस ने पाया कि गंधर्व यादव ने जोधपाल सिंह के साथ मिलकर अवैध संबंध के शक में पत्नी और बेटे की निर्मम हत्या की थी। विवेचना पूरी होने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ न्यायालय में आरोपपत्र दाखिल किया। मंगलवार को दोनों पक्षों की अंतिम दलीलें सुनने के बाद अपर जिला जज त्वरित न्यायालय प्रथम शीलवंत ने गंधर्व यादव को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 50 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। न्यायालय ने आदेश दिया कि अर्थदंड की राशि में से 40 हजार रुपये जीवित बची बेटी किरण को दिए जाएं।