{"_id":"571119634f1c1b240f4a6b23","slug":"maata-siddhidaatree-kee-aaraadhana-kar-maangee-khushahaalee","type":"story","status":"publish","title_hn":"माता सिद्धिदात्री की आराधना कर मांगी खुशहाली","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
माता सिद्धिदात्री की आराधना कर मांगी खुशहाली
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Fri, 15 Apr 2016 11:13 PM IST
विज्ञापन
रामनवमी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
शुक्रवार को हर ओर देवी मैया के जयकारों की गूंज सुनाई दी। घर से लेकर मंदिरों तक श्रद्धा की सुंदर झांकी देखने को मिलीं। शहर के प्रमुख देवी मंदिरों में सुबह से ही भक्तों की भीड़ रही। नवरात्र के आखिरी दिन सिद्धिदात्री माता की आराधना की गई। सप्तशती के पाठ से देवी के सभी स्वरूपों की महिमा का बखान हुआ। हवन पूजन के साथ घर-घर कन्या लांगुर जिमाए गए।
बीते आठ दिनों से चल रहा नवदुर्गा पर्व रामनवमी के साथ पूरा हो गया। नवमी के अवसर पर कन्या लांगुरों को हलवा, चना-पूड़ी का परंपरागत भोजन कराया गया। सुबह से ही बच्चों की मांग बढ़ गई। लोग पहले अपने घर ले जाने के लिए इनके चक्कर काटते दिखाई दिए। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर एवं विभिन्न तोहफे एवं रुपये देकर विदा किया। बताते चलें कि बच्चों ने कई घरों पर दावत खाकर तोहफे व रुपये जुटाए। मंदिरों में शाम को शुरू हुई आरती, विशेष पूजा अर्चना एवं भजन कीर्तन देर रात तक जारी रहे।
लोगों को इच्छित संख्या में कन्याएं नहीं मिल रहीं थीं। परेशान व्रतधारी महिलाएं कन्याओं के लिए चक्कर काट रहीं थीं। कन्याओं की संख्या पूरी करने के लिए कुछ लोग तो दो साल तक की बेटियों को गोद में ले जाते दिखे। इंद्रपुरी निवासी वरिष्ठ नागरिक बृजराज सिंह परमार कहते हैं कि यदि बेटियों की उपेक्षा कम नहीं हुई तो आने वाले समय में इनका और टोटा बढ़ेगा।
विज्ञापन
भगीपुर निवासी मैया भक्तों ने बैंड बाजे के साथ मातारानी की शोभायात्रा निकाली। इस अवसर पर मैया के जयकारे लगाते भक्तजन बैंड बाजे की स्वर लहरियों पर थिरकते दिखाई दिए। जयकारों से गूंज रहा पूरा माहौल भक्तिमय हो रहा था। प्रेेमनगर तिराहा एवं कलक्ट्रेट स्थित वाटरवर्क्स से भी मातारानी की शोभायात्रा निकाली गई। वहीं नवमी पर भंडारों का आयोजन किया गया। गंाधी मार्केट, घंटाघर, ठंडी सड़क, जनता दुर्गा मंदिर, शांती नगर दुर्गा मंदिर, कोतवाली नगर के पास आयोजित भंडाराें में हजारों लेागों ने प्रसाद लिया। सबसे बड़ा भंडारा जीटी रोड स्थित जलेसर बस अड्डे पर संपन्न हुआ।
विज्ञापन
बीते आठ दिनों से चल रहा नवदुर्गा पर्व रामनवमी के साथ पूरा हो गया। नवमी के अवसर पर कन्या लांगुरों को हलवा, चना-पूड़ी का परंपरागत भोजन कराया गया। सुबह से ही बच्चों की मांग बढ़ गई। लोग पहले अपने घर ले जाने के लिए इनके चक्कर काटते दिखाई दिए। श्रद्धालुओं ने कन्याओं को चुनरी ओढ़ाकर एवं विभिन्न तोहफे एवं रुपये देकर विदा किया। बताते चलें कि बच्चों ने कई घरों पर दावत खाकर तोहफे व रुपये जुटाए। मंदिरों में शाम को शुरू हुई आरती, विशेष पूजा अर्चना एवं भजन कीर्तन देर रात तक जारी रहे।
विज्ञापन
लोगों को इच्छित संख्या में कन्याएं नहीं मिल रहीं थीं। परेशान व्रतधारी महिलाएं कन्याओं के लिए चक्कर काट रहीं थीं। कन्याओं की संख्या पूरी करने के लिए कुछ लोग तो दो साल तक की बेटियों को गोद में ले जाते दिखे। इंद्रपुरी निवासी वरिष्ठ नागरिक बृजराज सिंह परमार कहते हैं कि यदि बेटियों की उपेक्षा कम नहीं हुई तो आने वाले समय में इनका और टोटा बढ़ेगा।
विज्ञापन
भगीपुर निवासी मैया भक्तों ने बैंड बाजे के साथ मातारानी की शोभायात्रा निकाली। इस अवसर पर मैया के जयकारे लगाते भक्तजन बैंड बाजे की स्वर लहरियों पर थिरकते दिखाई दिए। जयकारों से गूंज रहा पूरा माहौल भक्तिमय हो रहा था। प्रेेमनगर तिराहा एवं कलक्ट्रेट स्थित वाटरवर्क्स से भी मातारानी की शोभायात्रा निकाली गई। वहीं नवमी पर भंडारों का आयोजन किया गया। गंाधी मार्केट, घंटाघर, ठंडी सड़क, जनता दुर्गा मंदिर, शांती नगर दुर्गा मंदिर, कोतवाली नगर के पास आयोजित भंडाराें में हजारों लेागों ने प्रसाद लिया। सबसे बड़ा भंडारा जीटी रोड स्थित जलेसर बस अड्डे पर संपन्न हुआ।