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Etah News: 18 साल पुराने किशोर हत्याकांड में दोषी को उम्रकैद
Thu, 15 Oct 2026 11:45 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 15 Oct 2026 11:45 PM IST
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एटा। बक्सीपुर खास गांव में 18 साल पहले हुए किशोर के हत्याकांड में अदालत ने फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश ईसी एक्ट विनीत कुमार वासवानी की अदालत ने आरोपी रामऔतार उर्फ बदन सिंह को हत्या और साक्ष्य मिटाने का दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने कुल 25 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है।
घटना 10 अप्रैल 2008 की है। पटियाली थाना क्षेत्र के नगला भूड़ गांव निवासी बालकराम अपने 14 वर्षीय बेटे रुकम सिंह के साथ सकीट थाना क्षेत्र के गांव बक्सीपुर खास में रामप्रकाश के बेटे बबलेश कुमार के लगुन समारोह में शामिल होने आए थे। दावत खाने के बाद रुकम सिंह पड़ोस में सीडी देख रहा था। इसी दौरान आरोपी उसे शौच के बहाने खेत की ओर ले गया। अगले दिन 11 अप्रैल की शाम करीब पांच बजे किशोर का शव गांव के बाहर हाकिम सिंह के गेहूं के खेत में पड़ा मिला।
पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोर की गर्दन की हड्डी और श्वास नली की चार रिंगें टूटने की पुष्टि हुई थी। इससे गला घोंटकर हत्या किए जाने का पता चला। सुनवाई के दौरान आरोपी ने घटना के समय खुद को नाबालिग बताते हुए मामला किशोर न्याय बोर्ड में भेजने का प्रयास किया। हालांकि, जांच के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने 30 मार्च 2026 को उसे घटना के समय बालिग घोषित कर दिया। इसके बाद मामला सत्र न्यायालय में वापस आ गया।
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अदालत ने मौखिक और अभिलेखीय साक्ष्य के साथ घटना से पहले किशोर को आरोपी के साथ अंतिम बार देखे जाने की कड़ी को महत्वपूर्ण मानते हुए दोषी करार दिया। अदालत ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में पांच साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया गया है। मामले के दो अन्य आरोपी शैलेंद्र और राजकुमार उर्फ भूरा अब तक फरार हैं।
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घटना 10 अप्रैल 2008 की है। पटियाली थाना क्षेत्र के नगला भूड़ गांव निवासी बालकराम अपने 14 वर्षीय बेटे रुकम सिंह के साथ सकीट थाना क्षेत्र के गांव बक्सीपुर खास में रामप्रकाश के बेटे बबलेश कुमार के लगुन समारोह में शामिल होने आए थे। दावत खाने के बाद रुकम सिंह पड़ोस में सीडी देख रहा था। इसी दौरान आरोपी उसे शौच के बहाने खेत की ओर ले गया। अगले दिन 11 अप्रैल की शाम करीब पांच बजे किशोर का शव गांव के बाहर हाकिम सिंह के गेहूं के खेत में पड़ा मिला।
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पोस्टमार्टम रिपोर्ट में किशोर की गर्दन की हड्डी और श्वास नली की चार रिंगें टूटने की पुष्टि हुई थी। इससे गला घोंटकर हत्या किए जाने का पता चला। सुनवाई के दौरान आरोपी ने घटना के समय खुद को नाबालिग बताते हुए मामला किशोर न्याय बोर्ड में भेजने का प्रयास किया। हालांकि, जांच के बाद किशोर न्याय बोर्ड ने 30 मार्च 2026 को उसे घटना के समय बालिग घोषित कर दिया। इसके बाद मामला सत्र न्यायालय में वापस आ गया।
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अदालत ने मौखिक और अभिलेखीय साक्ष्य के साथ घटना से पहले किशोर को आरोपी के साथ अंतिम बार देखे जाने की कड़ी को महत्वपूर्ण मानते हुए दोषी करार दिया। अदालत ने हत्या के मामले में आजीवन कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना तथा साक्ष्य मिटाने के मामले में पांच साल के कारावास और पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई। जुर्माने की पूरी राशि पीड़ित परिवार को देने का आदेश दिया गया है। मामले के दो अन्य आरोपी शैलेंद्र और राजकुमार उर्फ भूरा अब तक फरार हैं।