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लाइन में खड़ा वृद्घ बेहोश
अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 20 Dec 2016 11:42 PM IST
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वृद्ध को पिलाया पानी
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नोटबंदी के 42 दिन बाद भी ग्रामीण क्षेत्रों में हालात नहीं सुधर रहे। किसी बैंक में कैश नहीं तो कहीं कनेक्टिीविटी फेल होने से लोग परेशान हैं। पटियाली में लोग आक्रोशित हो गए और ग्रामीण बैंक पर लोगों ने नारेबाजी की। वहीं, सहावर में भी लोग नकदी न मिलने से परेशान रहे। इस दौरान लाइन में खड़ा एक वृद्घ भी बेहोश हो गया।
सहावर में एसबीआई एवं श्रेयस ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में रात तीन बजे से ही बुजुर्ग, युवा, महिलाएं लाइन में लगकर बारी का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद से बैंक की कनेक्टिविटी फेल हो गई। इससे उन्हें धनराशि नहीं मिली। वहीं, पटियाली में ग्रामीण बैंक में सुबह से लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई थी। बैंक प्रबंधन की ओर से मात्र दो हजार रुपये ही दिए जा रहे थे। बैंक पर लाइनें काफी लंबी थी। वहीं धन की निकासी न हो पाने से जमकर लोगों ने नारेबाजी की। लोगों कहना है कि नकदी का फ्लो बढ़ाया जाए। इस दौरान सुबह से लाइन में खड़े बुजुर्ग महावीर की स्थिति बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। पानी की छींटे मारने पर वह होश में आए। बाद में उन्हें लाइन में आगे ले जाकर धन की निकासी कराई गई।
इस दौरान नबी हसन (67)ने बताया कि घर में रोजमर्रा की चीजें समाप्त हो गई हैं। वह धननिकासी के लिए बैंक आते हैं और लौट जाते हैं। वहीं, ललूपुरा निवासी शीला देवी(60) ने बताया कि इलाज के लिए धन की जरूरत है। चार दिन से बैंक की लाइन में आकर लगती हूं, लेकिन रुपये नहीं मिल पाये। मीरापुर फार्म निवासी प्रेमजीत कौर (60)ने बताया उन्हें खेती के लिए रुपये चाहिए लेकिन धन बैंक से नहीं निकाल पा रहीं हैं । बीते एक पखवाड़े से बैंकों में मात्र चार हजार रूपये ही निकासी की जा सकी है।
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सहावर में एसबीआई एवं श्रेयस ग्रामीण बैंकों की शाखाओं में रात तीन बजे से ही बुजुर्ग, युवा, महिलाएं लाइन में लगकर बारी का इंतजार कर रहे थे। इसके बाद से बैंक की कनेक्टिविटी फेल हो गई। इससे उन्हें धनराशि नहीं मिली। वहीं, पटियाली में ग्रामीण बैंक में सुबह से लोगों की लंबी लाइनें लगी हुई थी। बैंक प्रबंधन की ओर से मात्र दो हजार रुपये ही दिए जा रहे थे। बैंक पर लाइनें काफी लंबी थी। वहीं धन की निकासी न हो पाने से जमकर लोगों ने नारेबाजी की। लोगों कहना है कि नकदी का फ्लो बढ़ाया जाए। इस दौरान सुबह से लाइन में खड़े बुजुर्ग महावीर की स्थिति बिगड़ गई और वह बेहोश हो गए। पानी की छींटे मारने पर वह होश में आए। बाद में उन्हें लाइन में आगे ले जाकर धन की निकासी कराई गई।
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इस दौरान नबी हसन (67)ने बताया कि घर में रोजमर्रा की चीजें समाप्त हो गई हैं। वह धननिकासी के लिए बैंक आते हैं और लौट जाते हैं। वहीं, ललूपुरा निवासी शीला देवी(60) ने बताया कि इलाज के लिए धन की जरूरत है। चार दिन से बैंक की लाइन में आकर लगती हूं, लेकिन रुपये नहीं मिल पाये। मीरापुर फार्म निवासी प्रेमजीत कौर (60)ने बताया उन्हें खेती के लिए रुपये चाहिए लेकिन धन बैंक से नहीं निकाल पा रहीं हैं । बीते एक पखवाड़े से बैंकों में मात्र चार हजार रूपये ही निकासी की जा सकी है।
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