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किलौनी गांव में पहुंचा बाढ़ का पानी
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Tue, 16 Aug 2016 10:44 PM IST
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किलौनी गांव में पहुंचा बाढ़ का पानी
- फोटो : अमर उजाला
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जिले में बाढ़ के हालातों के चलते कई गांवों का जनजीवन प्रभावित हो गया है। लोग चारों ओर से बाढ़ के पानी से घिरे हैं। कई गांवों में तो आबादी क्षेत्र के क्षेत्र में बाढ़ के पानी की दस्तक जा पहुंची है। लोग पानी में ही चारपाईयों पर बैठकर दिन गुजार रहे हैं।
पिछले तीन चार दिनों में लगातार गंगा का पानी बढ़ा। जिसके चलते जिन गांवों के किनारे तक पानी की दस्तक थी, वहां आबादी के बीच पानी की दस्तक पहुंच गई। सबसे अधिक प्रभावित किलौनी गांव हुआ है। पूरे गांव में पानी भरा हुआ है। इस गांव के लोगों में पहले से ही खेत खलिहानों में पानी भरा हुआ था। लेकिन और पानी बढ़ जाने से आबादी में पानी पहुंचने से जीवन बे पटरी हो गया है। किसौल गांव में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वमनपुरा, रफातपुर गांव में भी बाढ़ के प्रभाव में हैं। गांव के ग्रामीण बेहद परेशान हैं। पीड़ित लोग स्वयं भोजन की समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं पशुओं के लिए भी संकट बना हुआ है। किलौनी गांव के सुलेमान ने बताया कि गंगा की बाढ़ से काफी परेशानी है। इशहार, मक्खन ने भी बाढ़ से काफी नुकसान बताते हुए कहा कि उनकी सुध नहीं ली जा रही है। गांव के लीलाधर, वृजेश, मोहनलाल ने कहा कि पूरे गांव में चारों ओर पानी भरा है।
सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता मनोज साहू ने बताया कि सोमवार को जिले में मीडियम फ्लड के हालात बने हुए थे। पहाड़ों पर बारिश के चलते पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। लेकिन मंगलवार को पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। जिससे अब लो फ्लड के हालात हैं।
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पिछले तीन चार दिनों में लगातार गंगा का पानी बढ़ा। जिसके चलते जिन गांवों के किनारे तक पानी की दस्तक थी, वहां आबादी के बीच पानी की दस्तक पहुंच गई। सबसे अधिक प्रभावित किलौनी गांव हुआ है। पूरे गांव में पानी भरा हुआ है। इस गांव के लोगों में पहले से ही खेत खलिहानों में पानी भरा हुआ था। लेकिन और पानी बढ़ जाने से आबादी में पानी पहुंचने से जीवन बे पटरी हो गया है। किसौल गांव में भी बाढ़ का पानी भरा हुआ है। वमनपुरा, रफातपुर गांव में भी बाढ़ के प्रभाव में हैं। गांव के ग्रामीण बेहद परेशान हैं। पीड़ित लोग स्वयं भोजन की समस्या का सामना कर रहे हैं। वहीं पशुओं के लिए भी संकट बना हुआ है। किलौनी गांव के सुलेमान ने बताया कि गंगा की बाढ़ से काफी परेशानी है। इशहार, मक्खन ने भी बाढ़ से काफी नुकसान बताते हुए कहा कि उनकी सुध नहीं ली जा रही है। गांव के लीलाधर, वृजेश, मोहनलाल ने कहा कि पूरे गांव में चारों ओर पानी भरा है।
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सिंचाई विभाग के अधिशाषी अभियंता मनोज साहू ने बताया कि सोमवार को जिले में मीडियम फ्लड के हालात बने हुए थे। पहाड़ों पर बारिश के चलते पानी का डिस्चार्ज बना हुआ था। लेकिन मंगलवार को पानी का डिस्चार्ज कम हुआ है। जिससे अब लो फ्लड के हालात हैं।
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