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जिले की 135 मस्जिदों में पढ़ी गई नमाज
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Fri, 01 Jul 2016 11:13 PM IST
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आखिरी जुमा
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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रमजान के आखिरी जुमा की नमाज शुक्रवार को पूरे जिले में शांतिपूर्ण तरीके अदा हुई। अलविदा की नमाज के साथ ही ईद उल फितर का इंतजार बेकरारी में तब्दील हो गया। नमाज के दौरान जिले भर की 135 मस्जिदों पर रोजेदारों और नमाजियों की भीड़ उमड़ी। हजारों रोजेदारों और नमाजियाें ने मुल्क में अमन-चैन के लिए हजारों हाथ उठा कर दुआ मांगी। शहर की जामा मस्जिद पर भीड़ उमड़ने के चलते हाईवे दो घंटे बाधित रहा। पुलिस-प्रशासन के कड़े बंदोबस्त के चलते सुबह से ही स्टेटिक मजिस्ट्रेट तैनात दिखाई दिए।
अलविदा जुमा की नमाज को लेकर सुबह से ही नमाजियों में खासा उत्साह नजर आया। शहर के हाईवे-91 के किनारे स्थित जामा मस्जिद पर दोपहर को मौलाना हाजी खलीलउल्लाह ने नमाज अदा कराई। इसके अलावा शहर के वैरूनगंज, धानमील गली, किदवई नगर, मुसाफिर खाना, मारहरा दरवाजा स्थित मस्जिदों पर अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई गई। मस्जिदों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे। सपा नेता शराफत हुसैन काले, बसपा नेता जहीर अहमद, हाजी सल्लू मियां, शकील अहमद, सलीम कुरैशी, उमरदीन, जुबैर अली, नूरजमा खान, इस्सन खान, मुहम्मद उमर, मुहम्मद शाहिद, तारिक, अदन अमानत, जमील अहमद, शकील सलमानी, मुहम्मद सलीम मौजूद रहे।
जामा मस्जिद में मौलाना खलीलउल्लाह ने नमाज से पहले तकरीर कर शब-ए-कद्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूं तो पूरे रमजान में इबादतों का जोर रहता है। पर रमजान के आखिरी अशरे में जो ताक रातें विषम रातें जैसे 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं रात को जागकर इबादत करना चाहिए। इस एक रात की इबादत हजारों रातों की इबादत का सबब दे जाती है। कहा कि कुरान चूंकि रमजान में ही नाजिल हुआ था इसलिए तिलावतों पर भी जोर दें।
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अलविदा जुमा की नमाज के लिए एक घंटे पहले ही यातायात कर्मियों ने हाईवे-91 पर शिकोहाबाद तिराहे से पहले और रोडवेज बसअड्डे पर यातायात रोक दिया था। इसके चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान यातायात दो घंटे बाधित रहा। वहंी पिलुओं में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
मिरहची। रमजान माह के अंतिम जुमा अलविदा की नमाज शुक्रवार को कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में अदा हुई। कस्बा मस्जिद में मौलाना अहमद हसन ने, जिन्हैरा में हाफिज मोहम्मद नाजिम, गोबरा में इमाम हनीफ सैफी, गोबरा में दूसरे स्थान पर इमाम मोहम्मद इस्लाम सैफी ने जुमा अलविदा की नमाज अदा कराई। इसके अलावा अचलपुर, नगला नत्थू, नगला ख्याली की मस्जिदों में अलविदा जुमा की जमाज अता कर मुल्क और देश दुनिया में अमन और चैन की दुआ मांगी गई।
अलीगंज। मज्जिदों शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। मुसलिम लोगों ने जुमा की नमाज अदा कर वतन, कौम और इंसानियत के अमन चैन की दुआएं मांगी। जुमे की नमाज से पहले हाफिज इमरान मुस्तफा ने अपनी तकरीर में कहा कि रोजादार खुदा के डर से अपने रोजे की हिफाजत अमल में लाएं। गुनाहों से बचे, इंसान एक रोजा रखे और परहेजगारी से पूरा करे तो रोजा इंसान के हक में अल्लाह से माफी मांगते है। हाफिज ने कहा कि जो इंसान बुराई नही छोड़ता अल्लाहताला को उसके खाना-पीना छोड़ने से कोई मतलब नही। अलविदा जुमा पर मस्जिदों पर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रही। पालिका अघ्यक्ष प्रतिनिधि जुनेद मियां, मोहसिन खांन, नूरहसन, गुड्डू खां, तारिक खां, भोले खां समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
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अलविदा जुमा की नमाज को लेकर सुबह से ही नमाजियों में खासा उत्साह नजर आया। शहर के हाईवे-91 के किनारे स्थित जामा मस्जिद पर दोपहर को मौलाना हाजी खलीलउल्लाह ने नमाज अदा कराई। इसके अलावा शहर के वैरूनगंज, धानमील गली, किदवई नगर, मुसाफिर खाना, मारहरा दरवाजा स्थित मस्जिदों पर अलविदा जुमा की नमाज अदा कराई गई। मस्जिदों पर स्टेटिक मजिस्ट्रेट के साथ प्रशासनिक अधिकारी और सुरक्षा बल के जवान तैनात रहे। सपा नेता शराफत हुसैन काले, बसपा नेता जहीर अहमद, हाजी सल्लू मियां, शकील अहमद, सलीम कुरैशी, उमरदीन, जुबैर अली, नूरजमा खान, इस्सन खान, मुहम्मद उमर, मुहम्मद शाहिद, तारिक, अदन अमानत, जमील अहमद, शकील सलमानी, मुहम्मद सलीम मौजूद रहे।
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जामा मस्जिद में मौलाना खलीलउल्लाह ने नमाज से पहले तकरीर कर शब-ए-कद्र के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि यूं तो पूरे रमजान में इबादतों का जोर रहता है। पर रमजान के आखिरी अशरे में जो ताक रातें विषम रातें जैसे 21वीं, 23वीं, 25वीं, 27वीं और 29वीं रात को जागकर इबादत करना चाहिए। इस एक रात की इबादत हजारों रातों की इबादत का सबब दे जाती है। कहा कि कुरान चूंकि रमजान में ही नाजिल हुआ था इसलिए तिलावतों पर भी जोर दें।
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अलविदा जुमा की नमाज के लिए एक घंटे पहले ही यातायात कर्मियों ने हाईवे-91 पर शिकोहाबाद तिराहे से पहले और रोडवेज बसअड्डे पर यातायात रोक दिया था। इसके चलते हाईवे पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। इस दौरान यातायात दो घंटे बाधित रहा। वहंी पिलुओं में भी सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम रहे।
मिरहची। रमजान माह के अंतिम जुमा अलविदा की नमाज शुक्रवार को कस्बा समेत ग्रामीण क्षेत्र की मस्जिदों में अदा हुई। कस्बा मस्जिद में मौलाना अहमद हसन ने, जिन्हैरा में हाफिज मोहम्मद नाजिम, गोबरा में इमाम हनीफ सैफी, गोबरा में दूसरे स्थान पर इमाम मोहम्मद इस्लाम सैफी ने जुमा अलविदा की नमाज अदा कराई। इसके अलावा अचलपुर, नगला नत्थू, नगला ख्याली की मस्जिदों में अलविदा जुमा की जमाज अता कर मुल्क और देश दुनिया में अमन और चैन की दुआ मांगी गई।
अलीगंज। मज्जिदों शुक्रवार को अलविदा जुमा की नमाज अदा की गई। मुसलिम लोगों ने जुमा की नमाज अदा कर वतन, कौम और इंसानियत के अमन चैन की दुआएं मांगी। जुमे की नमाज से पहले हाफिज इमरान मुस्तफा ने अपनी तकरीर में कहा कि रोजादार खुदा के डर से अपने रोजे की हिफाजत अमल में लाएं। गुनाहों से बचे, इंसान एक रोजा रखे और परहेजगारी से पूरा करे तो रोजा इंसान के हक में अल्लाह से माफी मांगते है। हाफिज ने कहा कि जो इंसान बुराई नही छोड़ता अल्लाहताला को उसके खाना-पीना छोड़ने से कोई मतलब नही। अलविदा जुमा पर मस्जिदों पर सुरक्षा व्यवस्था चाकचौबंद रही। पालिका अघ्यक्ष प्रतिनिधि जुनेद मियां, मोहसिन खांन, नूरहसन, गुड्डू खां, तारिक खां, भोले खां समेत अनेक लोग मौजूद रहे।