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जिला कारागार में खुलेगी एक लाख पुस्तकों की लाइब्रेरी
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Tue, 03 May 2016 11:34 PM IST
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प्रदेजेलश की पहली
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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जिला कारागार एटा सूबे की ऐसी पहली जेल बनने जा रही है जहां बंदियों के पढ़ने के लिए एक लाख पुस्तकों का पुस्तकालय खोला जाएगा।
सामाजिक संस्था राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि जल्द ही जिला कारागार के बंदियों के लिए एक लाख पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय खोला जाएगा। पुस्तकालय में भागवत गीता, वेद, पुराण, रामायण, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विषय की पुस्तकाें का संग्रह होगा। ताकि जेल में बंदी पुस्तकों का पठन-पाठन कर आध्यात्म से जुड़ सकें। संस्था पुस्तकालय में पुस्तकों के कलेक्शन के लिए लेखकों, साहित्यकारों, प्रकाशकाें की मदद ले रही है। प्रदीप ने बताया कि अगले छह महीने में एक लाख पुस्तकों का संग्रह पूरा कर लिया जाएगा। पुस्तकालय जिला कारागार परिसर स्थित चिकित्सालय के खाली पड़े हॉल में खोला जाएगा। रघुनंदन ने बताया कि बंदी चाहेंगे तो बैरक में ले जाने के लिए उन्हे पुस्तकालय से पुस्तकें मिल सकेंगी। इसके अलावा बंदी पुस्तकालय में जाकर भी पुस्तकें पढ़ पाएंगे।
जिला कारागार में बंदियों के लिए पुस्तकालय खोलने का संकल्प राष्ट्रीय युवा शक्ति संस्था के मुखिया प्रदीप रघुनंदन की बेहतर पहल है। पुस्तकालय जेल सुधार के क्षेत्र में एक नई परिभाषा लिखेगा और जेल सुधार के क्षेत्र में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
अनूप सिंह अधीक्षक जिला कारागार एटा
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सामाजिक संस्था राष्ट्रीय युवा शक्ति के प्रमुख प्रदीप रघुनंदन ने बताया कि जल्द ही जिला कारागार के बंदियों के लिए एक लाख पुस्तकों से सुसज्जित पुस्तकालय खोला जाएगा। पुस्तकालय में भागवत गीता, वेद, पुराण, रामायण, सामाजिक, शैक्षणिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक विषय की पुस्तकाें का संग्रह होगा। ताकि जेल में बंदी पुस्तकों का पठन-पाठन कर आध्यात्म से जुड़ सकें। संस्था पुस्तकालय में पुस्तकों के कलेक्शन के लिए लेखकों, साहित्यकारों, प्रकाशकाें की मदद ले रही है। प्रदीप ने बताया कि अगले छह महीने में एक लाख पुस्तकों का संग्रह पूरा कर लिया जाएगा। पुस्तकालय जिला कारागार परिसर स्थित चिकित्सालय के खाली पड़े हॉल में खोला जाएगा। रघुनंदन ने बताया कि बंदी चाहेंगे तो बैरक में ले जाने के लिए उन्हे पुस्तकालय से पुस्तकें मिल सकेंगी। इसके अलावा बंदी पुस्तकालय में जाकर भी पुस्तकें पढ़ पाएंगे।
जिला कारागार में बंदियों के लिए पुस्तकालय खोलने का संकल्प राष्ट्रीय युवा शक्ति संस्था के मुखिया प्रदीप रघुनंदन की बेहतर पहल है। पुस्तकालय जेल सुधार के क्षेत्र में एक नई परिभाषा लिखेगा और जेल सुधार के क्षेत्र में यह कदम मील का पत्थर साबित होगा।
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अनूप सिंह अधीक्षक जिला कारागार एटा