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बारिश के बाद बढ़ी संक्रामक बीमारियां
अमर उजाला ब्यूरो एटा।
Updated Wed, 20 Jul 2016 11:29 PM IST
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बारिश के बाद बढ़ी संक्रामक बीमारियां
- फोटो : अमर उजाला
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बारिश के बाद अब तेज धूप, उमस भरी गर्मी लोगों के लिए मुसीबत बनी है। मौसम के इस बदलाव से संक्रामक बीमारियां तेजी से पनपने लगी हैं। जलभराव, गंदगी के कारण मच्छरजनित बीमारियों भी शुरू हो गई हैं। हालांकि अभी सबसे ज्यादा प्रकोप इन दिनों वायरल बुखार का है। बुखार पीड़ितों से सरकारी और निजी अस्पताल पटे हुए हैं।
जिला चिकित्सालय में बुधवार को बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। ओपीडी में करीब 800 मरीज आए थे। इनमें बुखार के साथ एलर्जी, डायरिया के रोगी भी शामिल थे। जलजमाव वाले इलाकों में बीमारियों का प्रकोप ज्यादा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें तराई इलाको में सक्रिय नहीं की गई हैं। इससे लोगों को इलाज की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं इन इलाकों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप और भी तेज होने की संभावना बनी हुई है। क्योंकि कछारी इलाके में बारिश के साथ नदियों के उफनाने से भरा पानी जल्द सूखने वाला नहीं है। यही जलभराव संक्रामक रोगों के फैलने की सबसे बड़ी वजह है। वहीं नगरीय इलाकों में भी कई बस्तियों में जलभराव होने से मच्छरों की तादात बढ़ने लगी है। इससे मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप भी शुरू हो गया है।
इनसेट
चिकित्सालय में इन दिनों रोजाना औसतन 800 से 1000 मरीज पहुंच रहे हैं। विभाग के पास संक्रामक रोगों से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं। दवाऐं उपलब्ध हैं। चिकित्सकों को भी सतर्क कर दिया गया है।
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डॉ. कृष्णावतार चिकित्सा अधीक्षक
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जिला चिकित्सालय में बुधवार को बुखार पीड़ित मरीजों की संख्या सबसे अधिक रही। ओपीडी में करीब 800 मरीज आए थे। इनमें बुखार के साथ एलर्जी, डायरिया के रोगी भी शामिल थे। जलजमाव वाले इलाकों में बीमारियों का प्रकोप ज्यादा है। फिर भी स्वास्थ्य विभाग की टीमें तराई इलाको में सक्रिय नहीं की गई हैं। इससे लोगों को इलाज की दिक्कतें झेलनी पड़ रही हैं। वहीं इन इलाकों में संक्रामक बीमारियों का प्रकोप और भी तेज होने की संभावना बनी हुई है। क्योंकि कछारी इलाके में बारिश के साथ नदियों के उफनाने से भरा पानी जल्द सूखने वाला नहीं है। यही जलभराव संक्रामक रोगों के फैलने की सबसे बड़ी वजह है। वहीं नगरीय इलाकों में भी कई बस्तियों में जलभराव होने से मच्छरों की तादात बढ़ने लगी है। इससे मच्छरजनित बीमारियों का प्रकोप भी शुरू हो गया है।
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चिकित्सालय में इन दिनों रोजाना औसतन 800 से 1000 मरीज पहुंच रहे हैं। विभाग के पास संक्रामक रोगों से निपटने के पर्याप्त इंतजाम हैं। दवाऐं उपलब्ध हैं। चिकित्सकों को भी सतर्क कर दिया गया है।
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