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बिना संसाधनों के कैसे होगा आग पर काबू
एटा, अमर उजाला
Updated Fri, 01 Apr 2016 11:43 PM IST
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बिना संसाधनों के कैसे होगा आग पर काबू
- फोटो : अमर उजाला
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गर्मी के सीजन में आए दिन आगजनी की घटनाओं से निपटने के लिए जिले के अग्निशमन विभाग के पास संसाधन तक नहीं हैं। अगर कोई बड़ा हादसा हो जाए, तो आग बुझाने को कड़ी मशक्कत करनी पड़ती है। विभाग सिर्फ दो फायरब्रिगेड के दम पर ही चल रहा है। जबकि विभाग को 25 लाख से उपकरण खरीदने की स्वीकृति मिल चुकी है। बावजूद अधिकारियों ने कभी भी उपकरण खरीदने की पहल नहीं की।
बीस लाख की आबादी वाले जिले में अग्निशमन उपकरणों की कमी है। विभाग के पास सिर्फ एक साढ़े चार हजार और एक ढाई हजार लीटर पानी वाले अग्निशमन वाहन, एक बोलेरो कैंपर है। 24 नवंबर 2015 की घटना के बाद शासन से विभाग को सिर्फ 14 सिपाही, करीब 750 मीटर नया पाइप और घटना स्थल पर जाने को एक वाहन दिया है। जबकि जरूरत बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए आटोमेटिक सीढ़ियों की थी। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुनवाई नहीं करते। जबकि विभाग की ओर से विगत 4 दिसंबर से 25 जनवरी-2016 तक तीन बार डीएम को रिमाइंडर भेज कर शासन से स्वीकृत उपकरण दिलाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन डीएम कार्यालय ने हर बार डीएफओ को कार्रवाई के लिए लिखने की बात कहकर पत्र वापस विभाग को लौटा दिया।
माननीयों को भी नहीं चिंता
कचहरी रोड पर विगत पर 24 नवंबर को हुए हादसे के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। यही नहीं जिले के माननीयों को 25 लाख रुपये तक के अग्निशमन उपकरण खरीदने का अधिकार दिया गया है, लेकिन अभी तक किसी भी विधायक ने एक पैसे का भी उपकरण खरीदकर नहीं दिया।
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जमीन में दब चुके हैं पालिका के 25 हाईडेंट्स
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में पांच साल पहले तक 25 हाई डेंट्स थे, लेकिन अब वह सब जमीन में दब चुके हैं। हालांकि पालिका प्रशासन ने क्षेत्र के आठ ट्यूबवेल पर कपलिंग लगा कर अग्निशमन वाहनों को पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
शासन की ओर से स्वीकृत हैं यह उपकरण
अग्निशमन मुख्यालय के लिए शासन से बड़ा वाटर टेंडर 4500 लीटर, छोटा वाटर टेंडर 2500 लीटर, 12 हजार लीटर का वाटर ब्राउजर, वाटर टेंडर विद हाई प्रेशर पंप, वाटर टेंडर मिक्स, एंबुलेंस स्वीकृत है। लेकिन इसमें से विभाग के पास आधा सामान भी नहीं। वहीं अलीगंज में 4.35 करोड़ से निर्माणाधीन अग्निशमन केंद्र के लिए 4500 लीटर का वाटर टेंडर, 2500 लीटर का वाटर टेंडर और एक वाटर टेंडर विद हाई प्रेशर मशीन भी नहीं मिली है।
वर्जन
अग्निशमन मशीन की कीमत लिमिट से ज्यादा है। दूसरा यह है कि विभाग में वाहनों का मेंटीनेंस नहीं हो रहा। शासन की नई गाइड लाइन आई है। यदि प्रक्रिया लिमिट से ज्यादा खर्च करने की हुई, तो विभाग को अग्निशमन वाहन खरीदकर दिया जाएगा।
आशीष यादव, सदर विधायक एटा
अप्रैल में एक और वाटर टेंडर हाई प्रेशर मशीन मिलने की उम्मीद है। बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए विभाग के पास ऊंची और आटोमेटिक सीढ़ियां नहीं है। जिले में जलेसर और जिला मुख्यालय पर अग्निशमन वाहन और दो बोलेरो कैंपर हैं। शासन से स्वीकृत कई उपकरण हैं, लेकिन उनका आवंटन नहीं हुआ है।
विजय कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी
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बीस लाख की आबादी वाले जिले में अग्निशमन उपकरणों की कमी है। विभाग के पास सिर्फ एक साढ़े चार हजार और एक ढाई हजार लीटर पानी वाले अग्निशमन वाहन, एक बोलेरो कैंपर है। 24 नवंबर 2015 की घटना के बाद शासन से विभाग को सिर्फ 14 सिपाही, करीब 750 मीटर नया पाइप और घटना स्थल पर जाने को एक वाहन दिया है। जबकि जरूरत बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए आटोमेटिक सीढ़ियों की थी। जनप्रतिनिधि और अधिकारी सुनवाई नहीं करते। जबकि विभाग की ओर से विगत 4 दिसंबर से 25 जनवरी-2016 तक तीन बार डीएम को रिमाइंडर भेज कर शासन से स्वीकृत उपकरण दिलाने की मांग कर चुके हैं। लेकिन डीएम कार्यालय ने हर बार डीएफओ को कार्रवाई के लिए लिखने की बात कहकर पत्र वापस विभाग को लौटा दिया।
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माननीयों को भी नहीं चिंता
कचहरी रोड पर विगत पर 24 नवंबर को हुए हादसे के बाद भी जिला प्रशासन ने कोई सबक नहीं लिया। यही नहीं जिले के माननीयों को 25 लाख रुपये तक के अग्निशमन उपकरण खरीदने का अधिकार दिया गया है, लेकिन अभी तक किसी भी विधायक ने एक पैसे का भी उपकरण खरीदकर नहीं दिया।
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जमीन में दब चुके हैं पालिका के 25 हाईडेंट्स
अग्निशमन विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नगर पालिका क्षेत्र में पांच साल पहले तक 25 हाई डेंट्स थे, लेकिन अब वह सब जमीन में दब चुके हैं। हालांकि पालिका प्रशासन ने क्षेत्र के आठ ट्यूबवेल पर कपलिंग लगा कर अग्निशमन वाहनों को पानी उपलब्ध कराने की व्यवस्था की है।
शासन की ओर से स्वीकृत हैं यह उपकरण
अग्निशमन मुख्यालय के लिए शासन से बड़ा वाटर टेंडर 4500 लीटर, छोटा वाटर टेंडर 2500 लीटर, 12 हजार लीटर का वाटर ब्राउजर, वाटर टेंडर विद हाई प्रेशर पंप, वाटर टेंडर मिक्स, एंबुलेंस स्वीकृत है। लेकिन इसमें से विभाग के पास आधा सामान भी नहीं। वहीं अलीगंज में 4.35 करोड़ से निर्माणाधीन अग्निशमन केंद्र के लिए 4500 लीटर का वाटर टेंडर, 2500 लीटर का वाटर टेंडर और एक वाटर टेंडर विद हाई प्रेशर मशीन भी नहीं मिली है।
वर्जन
अग्निशमन मशीन की कीमत लिमिट से ज्यादा है। दूसरा यह है कि विभाग में वाहनों का मेंटीनेंस नहीं हो रहा। शासन की नई गाइड लाइन आई है। यदि प्रक्रिया लिमिट से ज्यादा खर्च करने की हुई, तो विभाग को अग्निशमन वाहन खरीदकर दिया जाएगा।
आशीष यादव, सदर विधायक एटा
अप्रैल में एक और वाटर टेंडर हाई प्रेशर मशीन मिलने की उम्मीद है। बहुमंजिला इमारतों में आग बुझाने के लिए विभाग के पास ऊंची और आटोमेटिक सीढ़ियां नहीं है। जिले में जलेसर और जिला मुख्यालय पर अग्निशमन वाहन और दो बोलेरो कैंपर हैं। शासन से स्वीकृत कई उपकरण हैं, लेकिन उनका आवंटन नहीं हुआ है।
विजय कुमार सिंह, मुख्य अग्निशमन अधिकारी