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गर्मी में सूख रहे कंठ, आधा शहर प्यासा
अमर उजाला ब्यूरो, एटा
Updated Sun, 10 Apr 2016 11:27 PM IST
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पालिका से जलापूर्ति नहीं
- फोटो : अमर उजाला ब्यूरो
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नगर पालिका क्षेत्र की तीन लाख से अधिक आबादी में से एक लाख आबादी को पालिका से जलापूर्ति नहीं हो रही। लोगों को पेयजल के लिए हैंडपंप और निजी सबमर्सिबल से पेयजल की व्यवस्था करनी पड़ रही है। नगर की आधा दर्जन कालोनियों में पेयजल आपूर्ति के लिए पाइप लाइन तक नहीं है, जबकि कई किमी पाइप लाइन खराब पड़ी है। शहर के लोगों की प्यास बुझाने के लिए प्रति दिन 85 से 90 लाख लीटर पेयजल आपूर्ति की जरूरत है लेकिन पालिका सिर्फ 70 से 75 लाख लीटर पानी की आपूर्ति कर पा रही है।
नगर पालिका क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी का नगर पालिका से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही। शहर में लगे बीस नलकूप में से चार खराब पड़े हैं। हालांकि पालिका ने पांच नए सबमर्सिबल सेट खरीदने का दावा किया है। 1550 हैंडपंप में से 100 से अधिक खराब हैं। मुख्य विकास अधिकारी साहब सिंह के सरकारी आवास के पास यूं तो तीन हैंडपंप लगे हैं लेकिन दो खराब पड़े हैं। ऐसे में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि शहर की बाकी कालोनियों में पेयजल आपूर्ति का क्या हाल होगा। नगर पालिका ने गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले नगर में पचास नए हैंडपंप लगवाने और 100 हैंडपंप रीबोर कराने का दावा किया है। शहर में 90 किमी लंबी पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछी है, लेकिन 15 किमी पाइप लाइन पुरानी या लीक होने के कारण पेयजल की आपूर्ति लोगों तक नहीं पहुंच रही। नगर के पीपल अड्डा, नया शांति नगर, शिकोहाबाद रोड, बापूनगर, सुनहरीनगर में पानी की पाइप लाइन तक नहीं डाली गई है। पालिका प्रशासन की माने तो शहर में रोजाना 85 से 90 लाख लीटर पेयजल आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन पालिका सिर्फ 70 से 75 लाख लीटर पानी की आपूर्ति कर पा रही है। बाकी की एक लाख से अधिक आबादी निजी सबमर्सिबल और हैंडपंप पर निर्भर है।
महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, रोडवेज के अलावा रेलवे रोड पर यात्रियों और मरीजाें के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। महिला चिकित्सालय में शुद्ध पेयजल की मशीन लगी है, लेकिन मशीन और हैंडपंप दोनाें खराब हैं। कमोवेश यही हाल जिला अस्पताल परिसर का है, जहां हर रोज सैकड़ों मरीज आते हैं, लेकिन पेयजल व्यवस्था नहीं है।
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जिन कालोनियों में पाइप लाइन नहीं है वहां का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही पाइप लाइन बिछाने का काम शुुरू होगा। गर्मी से पहले शहर में 50 नए हैंडपंप और पुराने 100 हैंडपंप रीबोर कराए गए हैं। इसके बाद भी यदि कहीं से शिकायत आएगी तो तुरंत समस्या का समाधान कराया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था के लिए सोमवार को टीम निरीक्षण कर समस्या का समाधान करेगी।
राकेश गांधी
पालिका चेयरमैन एटा
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नगर पालिका क्षेत्र की एक लाख से अधिक आबादी का नगर पालिका से पेयजल की आपूर्ति नहीं हो रही। शहर में लगे बीस नलकूप में से चार खराब पड़े हैं। हालांकि पालिका ने पांच नए सबमर्सिबल सेट खरीदने का दावा किया है। 1550 हैंडपंप में से 100 से अधिक खराब हैं। मुख्य विकास अधिकारी साहब सिंह के सरकारी आवास के पास यूं तो तीन हैंडपंप लगे हैं लेकिन दो खराब पड़े हैं। ऐसे में अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं है कि शहर की बाकी कालोनियों में पेयजल आपूर्ति का क्या हाल होगा। नगर पालिका ने गर्मी का सीजन शुरू होने से पहले नगर में पचास नए हैंडपंप लगवाने और 100 हैंडपंप रीबोर कराने का दावा किया है। शहर में 90 किमी लंबी पेयजल के लिए पाइप लाइन बिछी है, लेकिन 15 किमी पाइप लाइन पुरानी या लीक होने के कारण पेयजल की आपूर्ति लोगों तक नहीं पहुंच रही। नगर के पीपल अड्डा, नया शांति नगर, शिकोहाबाद रोड, बापूनगर, सुनहरीनगर में पानी की पाइप लाइन तक नहीं डाली गई है। पालिका प्रशासन की माने तो शहर में रोजाना 85 से 90 लाख लीटर पेयजल आपूर्ति होनी चाहिए, लेकिन पालिका सिर्फ 70 से 75 लाख लीटर पानी की आपूर्ति कर पा रही है। बाकी की एक लाख से अधिक आबादी निजी सबमर्सिबल और हैंडपंप पर निर्भर है।
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महिला चिकित्सालय, जिला अस्पताल, रोडवेज के अलावा रेलवे रोड पर यात्रियों और मरीजाें के लिए पेयजल की व्यवस्था नहीं है। महिला चिकित्सालय में शुद्ध पेयजल की मशीन लगी है, लेकिन मशीन और हैंडपंप दोनाें खराब हैं। कमोवेश यही हाल जिला अस्पताल परिसर का है, जहां हर रोज सैकड़ों मरीज आते हैं, लेकिन पेयजल व्यवस्था नहीं है।
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जिन कालोनियों में पाइप लाइन नहीं है वहां का प्रस्ताव बनाकर शासन को भेजा गया है। स्वीकृति मिलते ही पाइप लाइन बिछाने का काम शुुरू होगा। गर्मी से पहले शहर में 50 नए हैंडपंप और पुराने 100 हैंडपंप रीबोर कराए गए हैं। इसके बाद भी यदि कहीं से शिकायत आएगी तो तुरंत समस्या का समाधान कराया जाएगा। सार्वजनिक स्थानों पर पेयजल व्यवस्था के लिए सोमवार को टीम निरीक्षण कर समस्या का समाधान करेगी।
राकेश गांधी
पालिका चेयरमैन एटा