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Etah News: चीखों से गूंज उठा गदनपुर, छोटे बेटे राहुल ने दी मां और नानी को मुखाग्नि
Wed, 23 Sep 2026 11:53 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Wed, 23 Sep 2026 11:53 PM IST
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एटा। अवागढ़ के यादव नगर में हुए दोहरे हत्याकांड के बाद समूचा गदनपुर गांव आंसुओं में डूब गया। हथौड़े से वार कर मौत के घाट उतारी गईं कमला देवी और उनकी बेटी प्रियंका के पार्थिव शरीर मंगलवार रात करीब 10:30 बजे जैसे ही फिरोजाबाद के थाना एका क्षेत्र के गांव गदनपुर पहुंचे परिजन के क्रंदन से माहौल गमगीन हो गया।
दुखों के इस पहाड़ के बीच कमला देवी को अपने बेटों का कंधा तक नसीब न हो सका जिसके बाद प्रियंका के बेटे (कमला देवी के धेवते) राहुल ने दोनों को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही हर आंख नम हो गई। यहां ग्रामीणों का गुस्सा व शोक साफ झलक रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि रुकमपाल का परिवार लगभग चार वर्ष पूर्व गदनपुर छोड़कर अवागढ़ के यादव नगर में रहने लगा था। परिवार में सबसे बड़े भाई रामअवतार सेना में कार्यरत हैं।
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जबकि ओमपाल और प्रेमपाल गांव में ही खेती-बाड़ी संभालते हैं। वहीं चौथे भाई धर्मेंद्र वाहन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। चार साल पहले अवागढ़ शिफ्ट हुए इस परिवार पर अचानक दुखों का ऐसा पहाड़ टूटेगा इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।
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दुखों के इस पहाड़ के बीच कमला देवी को अपने बेटों का कंधा तक नसीब न हो सका जिसके बाद प्रियंका के बेटे (कमला देवी के धेवते) राहुल ने दोनों को मुखाग्नि देकर अंतिम संस्कार की रस्में पूरी कीं।
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गांव में पार्थिव शरीर पहुंचते ही हर आंख नम हो गई। यहां ग्रामीणों का गुस्सा व शोक साफ झलक रहा था। ग्रामीणों ने बताया कि रुकमपाल का परिवार लगभग चार वर्ष पूर्व गदनपुर छोड़कर अवागढ़ के यादव नगर में रहने लगा था। परिवार में सबसे बड़े भाई रामअवतार सेना में कार्यरत हैं।
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जबकि ओमपाल और प्रेमपाल गांव में ही खेती-बाड़ी संभालते हैं। वहीं चौथे भाई धर्मेंद्र वाहन चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। चार साल पहले अवागढ़ शिफ्ट हुए इस परिवार पर अचानक दुखों का ऐसा पहाड़ टूटेगा इसकी कल्पना किसी ने नहीं की थी।