{"_id":"65fe7c667e369928c6078134","slug":"from-the-court-another-bail-application-of-rameshwar-jugendra-singh-rejected-etah-news-c-163-1-sagr1016-114475-2024-03-23","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: रामेश्वर-जुगेंद्र सिंह की एक और जमानत अर्जी खारिज","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: रामेश्वर-जुगेंद्र सिंह की एक और जमानत अर्जी खारिज
Sat, 23 Mar 2024 12:23 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 23 Mar 2024 12:23 PM IST
विज्ञापन
एटा। सपा नेता पूर्व विधायक रामेश्वर सिंह यादव और उनके भाई पूर्व जिला पंचायत अध्यक्ष जुगेंद्र सिंह की जमानत अर्जियों की सुनवाई की गई। विशेष न्यायाधीश एससी-एसटी एक्ट प्रीति श्रीवास्तव ने दोनों की अर्जी को खारिज कर दिया।
कासगंज जनपद की रहने वाली एक महिला ने जैथरा थाने में यह मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि वह जुगेंद्र सिंह यादव के आवास पर नौकरी मांगने गई थी। उन्होंने खाना बनाने व आवास की सफाई के लिए रख लिया। अगले दिन जब मैं बर्तन साफ कर रही थी तो वह मुझे खींचकर बेडरूम में ले गए और मेरे साथ बलात्कार किया। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कहा कि यदि किसी को बताया तो मुझे और मेरे घर वालों को मरवा देंगे।
पांच दिन बाद जब उनके भाई रामेश्वर सिंह यादव व अन्य परिजन से इस मामले की शिकायत की तो उन लोगों ने मेरे ऊपर पिस्टल तान दी। अभद्र व्यवहार किया और कपड़े फाड़ डाले। मुश्किल से जान बचाकर भागी। अदालत में रामेश्वर सिंह, जुगेंद्र सिंह के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि मात्र राजनीतिक व क्षेत्रीय पार्टीबंदी के कारण उन्हें झूठा फंसाया गया है।
विज्ञापन
इसी तरह के अन्य मुकदमे भी विपक्षी राजनीतिक नेताओं द्वारा प्रशासन के सहयोग से झूठे दर्ज कराए गए हैं। शासन-प्रशासन ऐसे झूठे मुकदमों के जरिए उन्हें जेल में निरुद्ध रखना चाहती है। संवाद
विज्ञापन
कासगंज जनपद की रहने वाली एक महिला ने जैथरा थाने में यह मामला दर्ज कराया था। आरोप है कि वह जुगेंद्र सिंह यादव के आवास पर नौकरी मांगने गई थी। उन्होंने खाना बनाने व आवास की सफाई के लिए रख लिया। अगले दिन जब मैं बर्तन साफ कर रही थी तो वह मुझे खींचकर बेडरूम में ले गए और मेरे साथ बलात्कार किया। जातिसूचक शब्दों से अपमानित करते हुए जान से मारने की धमकी दी। कहा कि यदि किसी को बताया तो मुझे और मेरे घर वालों को मरवा देंगे।
विज्ञापन
पांच दिन बाद जब उनके भाई रामेश्वर सिंह यादव व अन्य परिजन से इस मामले की शिकायत की तो उन लोगों ने मेरे ऊपर पिस्टल तान दी। अभद्र व्यवहार किया और कपड़े फाड़ डाले। मुश्किल से जान बचाकर भागी। अदालत में रामेश्वर सिंह, जुगेंद्र सिंह के अधिवक्ता की ओर से तर्क दिया गया कि मात्र राजनीतिक व क्षेत्रीय पार्टीबंदी के कारण उन्हें झूठा फंसाया गया है।
विज्ञापन
इसी तरह के अन्य मुकदमे भी विपक्षी राजनीतिक नेताओं द्वारा प्रशासन के सहयोग से झूठे दर्ज कराए गए हैं। शासन-प्रशासन ऐसे झूठे मुकदमों के जरिए उन्हें जेल में निरुद्ध रखना चाहती है। संवाद