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Etah News: जालसाजों ने फिर मांगे रुपये, आंगनबाड़ी भर्ती कराने का किया दावा
Tue, 01 Apr 2025 11:09 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Tue, 01 Apr 2025 11:09 PM IST
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एटा। प्रशासनिक और पुलिस कार्रवाई के अभाव में आंगनबाड़ी भर्ती से जुड़े जालसाज अब भी सक्रिय हैं। पहले एक-एक लाख रुपये से ठगी गई महिलाओं की भर्ती कराने का दावा करते हुए उनसे 35-35 हजार रुपये और मांगे हैं। फोन कर उन्हें सूचना दी है।
महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिले में 148 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई थी। 17 मार्च को चयन सूची जारी की गई। इनमें से 128 पदों पर चयन कर लिया गया। जबकि 20 पद खाली रह गए। महिलाओं को विभाग में इस पद की नौकरी दिलाने के लिए तमाम लोग सक्रिय थे। इन्हीं में से कुछ के चंगुल में 25 महिलाएं फंसीं। उनके अनुसार फरवरी 2024 में कुछ लोगों ने खुद को विभाग का कर्मचारी बताकर एक लाख रुपये प्रति महिला के हिसाब से रुपये लिए।
मई 2024 में इन महिलाओं को फर्जी नियुक्तिपत्र दे दिए। मामला खुलने पर रुपये वापस करने के नाम पर चेक दिए गए, जो बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद जालसाज भर्ती कराने का झांसा देते रहे।
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मार्च में आई सूची में जब इन महिलाओं का नाम नहीं आया तो पूरी तरह मामला साफ हो गया कि उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया है। अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
लेकिन कार्रवाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। अब खुद को विभाग का बाबू संजीव यादव बताते हुए एक महिला के पास फोन किया गया है। उसने कहा कि सभी महिलाओं की नियुक्ति करा देगा। 35-35 हजार रुपये इकट्ठे कर लो। हालांकि महिलाओं का कहना है कि अब वह झांसे में नहीं आने वाली हैं।
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महिला एवं बाल विकास विभाग के अंतर्गत जिले में 148 आंगनबाड़ी कार्यकर्ता के पदों के लिए भर्ती प्रक्रिया हुई थी। 17 मार्च को चयन सूची जारी की गई। इनमें से 128 पदों पर चयन कर लिया गया। जबकि 20 पद खाली रह गए। महिलाओं को विभाग में इस पद की नौकरी दिलाने के लिए तमाम लोग सक्रिय थे। इन्हीं में से कुछ के चंगुल में 25 महिलाएं फंसीं। उनके अनुसार फरवरी 2024 में कुछ लोगों ने खुद को विभाग का कर्मचारी बताकर एक लाख रुपये प्रति महिला के हिसाब से रुपये लिए।
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मई 2024 में इन महिलाओं को फर्जी नियुक्तिपत्र दे दिए। मामला खुलने पर रुपये वापस करने के नाम पर चेक दिए गए, जो बैंक में बाउंस हो गए। इसके बाद जालसाज भर्ती कराने का झांसा देते रहे।
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मार्च में आई सूची में जब इन महिलाओं का नाम नहीं आया तो पूरी तरह मामला साफ हो गया कि उन्हें ठगी का शिकार बनाया गया है। अधिकारियों को इसकी जानकारी दी।
लेकिन कार्रवाई के लिए कोई प्रयास नहीं किया गया। अब खुद को विभाग का बाबू संजीव यादव बताते हुए एक महिला के पास फोन किया गया है। उसने कहा कि सभी महिलाओं की नियुक्ति करा देगा। 35-35 हजार रुपये इकट्ठे कर लो। हालांकि महिलाओं का कहना है कि अब वह झांसे में नहीं आने वाली हैं।