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Etah News: अतिक्रमण और निर्माण से विलुप्त हो गए फुटपाथ

Sun, 21 Jun 2026 02:20 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sun, 21 Jun 2026 02:20 AM IST
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Footpaths have disappeared due to encroachment and construction.
सीडी शर्मा
एटा। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि फुटपाथ पर चलना नागरिकों का मौलिक अधिकार है। साथ ही अदालत ने साफ किया है कि फुटपाथों का निर्माण, रखरखाव व उन्हें अतिक्रमण मुक्त रखना नगर पालिकाओं व विकास प्राधिकरणों की जिम्मेदारी है। शहर की जमीनी हकीकत अदालत की इस मंशा से बिल्कुल अलग दिखाई देती है। शहर के प्रमुख बाजारों और व्यस्त मार्गों पर फुटपाथ या तो पूरी तरह गायब हैं या फिर अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। ऐसे में हजारों राहगीर हर दिन वाहनों के बीच से गुजरने को मजबूर हैं।
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शहर की जीटी रोड, घंटाघर, बाबूगंज बाजार, रेलवे रोड, आगरा रोड व प्रमुख व्यावसायिक क्षेत्रों में फुटपाथ विलुप्त हो चुके हैं। कई स्थायी अतिक्रमण और निर्माण कर फुटपाथ को दबा लिया गया है। इतना ही नहीं दुकानों को रोड तक सजाकर पैदल चलने के लिए फुटपाथ छोड़ी ही नहीं है। शहर में पैदल राहगीरों के लिए सुरक्षित रास्ते की कमी दिखाई देती है। कई स्थानों पर दुकानों के बाहर रखा सामान, अस्थाई अतिक्रमण, रेहड़ी-ठेले व सड़क किनारे खड़े वाहन राहगीरों के लिए बड़ी समस्या बने हुए हैं।
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जीटी रोड का हाल
शहर के सबसे व्यस्त मार्गों में शामिल जीटी रोड पर दिनभर वाहनों का दबाव बना रहता है। यहां फुटपाथ की व्यवस्था बेहद सीमित है। जहां फुटपाथ बने भी हैं वहां अतिक्रमण व पार्किंग ने उनकी उपयोगिता खत्म कर दी है। धकेल वालों ने इन पर कब्जा कर लिया है। लोगों को मजबूरन सड़क के किनारे चलना पड़ता है।
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घंटाघर में सड़क तक सामान
घंटाघर में खरीदारी के लिए आने वाली महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ता है। शाम के समय भीड़ बढ़ने पर स्थिति और गंभीर हो जाती है। यहां भी दुकानें नालियों के बाहर तक बना ली हैं। इसके आगे दुकानदारों ने सामान सजा लिया है। इससे पैदल चलने की जगह नहीं बचती।



हाथी दरवाजा रोड पर अतिक्रमण
वयोवृद्ध श्याम नारायण बताते हैं कि हाथी दरवाजा मार्ग पर पहले परचून का सर्वाधिक काम था। यहां ट्रकों से माल आता था। ट्रकों की लोडिंग अनलोडिंग होती थी। दो-तीन मीटर चौड़ी फुटपाथ यहां थे। समय के साथ-साथ फुटपाथों पर कब्जा होता चला गया। निर्माण कार्य हो गए। अब यहां से एक कार निकालना भी मुश्किल हो जाता है। बाजारों में खरीदारी करने आने वाले लोगों को वाहनों के बीच से निकलना पड़ता है।



राहगीरों का रोड पार करना मुश्किल
बुजुर्ग राम प्रसाद का कहना है कि फुटपाथों पर अतिक्रमण के कारण उनकी परेशानी कई गुना बढ़ गई है। उम्र अधिक होने के कारण वे तेजी से सड़क पार नहीं कर पाते। कई बार तेज रफ्तार वाहन बेहद करीब से निकलते हैं जिससे भय का माहौल बना रहता है। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को बाजार ले जाना भी चुनौतीपूर्ण हो गया है। ट्रैफिक व्यवस्था पर भी इसका सीधा असर पड़ रहा है। फुटपाथों पर कब्जा होने के कारण पैदल यात्री सड़क पर उतरते हैं, जिससे सडकों की प्रभावी चौड़ाई कम हो जाती है। जाम की स्थिति बनती है और दुर्घटनाओं की संभावना बढ़ जाती है।






शहर में फुटपाथों पर पैदल निकलना भी परेशानी भरा है। पहले बाजारों में ट्रक तक गुजरा करते थे तिक्रमण की दंश झेल रहा शहर अपने फुटपाथ भी खो बैठा है। - सुनील कुमार, पटियाली गेट




सुप्रीम कोर्ट ने फुटपाथ पर चलने को नागरिकों का मौलिक अधिकार बताया है। धीरे-धीरे विलुप्त होते जा रहे फुटपाथों को अतिक्रमण से मुक्त कराया जाना चाहिए। - सीडी शर्मा, मोहल्ला तिवारियान


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सीडी शर्मा

सीडी शर्मा

सीडी शर्मा

सीडी शर्मा

सीडी शर्मा

सीडी शर्मा

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