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सेवाकाल में हुई पिता की मृत्यु, बेटा नौकरी पाने के लिए भटक रहा

Wed, 17 Feb 2021 10:50 PM IST
Agra Bureau आगरा ब्यूरो
Updated Wed, 17 Feb 2021 10:50 PM IST
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father dies during service, son wanders to get job
आशीष कुमार । - फोटो : ETAH
एटा। सरकारी सेवा में रहते हुए यदि किसी कर्मचारी का निधन हो जाए तो नियमानुसार उसे अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने का प्रावधान है। अनुकंपा के आधार पर मृतक आश्रित को नौकरी देने के पीछे कारण रहता है कि उस कर्मचारी के परिवार को आर्थिक समस्याओं का सामना न करना पड़े। जिले में एक युवक ऐसा भी है जो पिता की सेवाकाल में मृत्यु के बाद से नौकरी के लिए भटक रहा है, पर उसे अभी तक नौकरी नहीं मिल पाई है। जिले में शिक्षा विभाग अनुकंपा के आधार पर नौकरी देने के मामले में जहां अव्वल है, वहीं उसमें कुछ खामियां भी हैं। यहां विभाग अधिकांश मामलों में मृतक के पद के सापेक्ष योग्यता के आधार पर मृतक आश्रितों को शिक्षक के पद पर तो आसानी से नौकरी दे देता है, पर यदि मृतक चपरासी है और बेटा योग्यता में आगे है तो उच्च पद पर नौकरी पाने के लिए एड़ी चोटी का जोर लगाना पड़ता है।
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बेसिक शिक्षा विभाग में नगर शिक्षा अधिकारी के यहां चपरासी के पद पर शीतलपुर ब्लॉक के गांव मानपुर निवासी पुत्तू लाल कार्यरत थे। नौकरी में रहते हुए वर्ष 1996 में उनका निधन हो गया। उनके बड़े पुत्र आशीष कुमार तब नाबालिग थे ओर पढ़ाई कर रहे थे। वर्ष 2008 में आशीष ने बीए किया और इसके बाद पिता की जगह विभाग में मृतक आश्रित में नौकरी प्राप्त करने के लिए आवेदन किया। उन्होंने योग्यता के आधार पर लिपिक पद पर आवेदन किया, पर उनका आवेदन विभागीय शिथिलता के चलते एक कदम आगे नहीं बढ़ पाया है।
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नहीं हैं इतने रुपये कि पैरोकारी कर सकें
आशीष कुमार का कहना है कि जिस समय पिता का निधन हुआ वह छोटे थे। इसलिए नियमानुसार उन्हें तब नौकरी नहीं मिल सकती थी। जब वह बीए कर 18 साल के हुए तो उन्होंने वर्ष 2008 में नौकरी के लिए आवेदन किया पर यहां लिपिक का पद खाली न होने के कारण उन्हें नियुक्ति नहीं दी जा सकी। यहां तक की विभाग चपरासी तक की नौकरी नहीं दे रहा है। इससे उनकी आर्थिक हालात सही नहीं हैं। कहा कि उनके पास इतने रुपये भी नहीं हैं कि वह लखनऊ तक भागदौड़ कर अपनी नौकरी पक्की कर सकें।
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नहीं है पद रिक्त, चपरासी पर कर सकते हैं ज्वाइन
नगर शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में तैनात पुत्तू लाल के पुत्र आशीष कुमार ने हमारे यहां योग्यता के आधार पर नौकरी के लिए आवेदन किया है। विभाग में लिपिक का कोई पद वर्तमान में रिक्त नहीं है। इसके कारण उन्हें नियुक्ति नही दी जा सकी है। उन्हें पिता के सापेक्ष पद पर चपरासी के लिए नियुक्ति के लिए कई बार पत्र लिखा गया है, उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया है। इस पद पर वह चाहे जब ज्वाइन कर सकते हैं।
संजय सिंह, बेसिक शिक्षा अधिकारी
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