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Etah News: ऑनलाइन प्रक्रिया से होता रहा फर्जी लाइसेंसों का नवीनीकरण

Sun, 20 Jul 2025 12:48 AM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Sun, 20 Jul 2025 12:48 AM IST
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Fake licenses were renewed through online process
एटा। गुजरात की एटीएस ने अहमदाबाद में फर्जी शस्त्र लाइसेंस बनाने वाला गिरोह पकड़ा। एटा के पते पर 12 शस्त्र लाइसेंस पाए गए। इनमें दो आरोपी एटा के हैं। शस्त्र लाइसेंस न सिर्फ फर्जी रूप से ऑनलाइन दर्ज करा लिए गए बल्कि निर्धारित समय पर इनका नवीनीकरण भी ऑनलाइन किया जाता रहा और स्थानीय प्रशासन को भनक तक नहीं लगी।
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यह गिरोह गुजरात के लोगों को शस्त्र लाइसेंस बनवाकर देने के लिए मोटी रकम लेता था। उनसे तो रकम पूरी ले जाती थी लेकिन हेराफेरी कर फर्जी लाइसेंस बनाकर दे दिए जाते थे। इस मामले में भी ऐसा ही हुआ। गुजरात के 12 लोगों के लाइसेंस एटा से जारी दिखाए गए। ये सभी लाइसेंस ऑनलाइन थे। जब एटीएस की टीम यहां पड़ताल करने पहुंची तो दर्शाए गए लाइसेंस नंबरों पर अन्य लोगों के लाइसेंस का ब्योरा दर्ज था। गुजरात के लोगों के नाम-पते कहीं नहीं मिले। चौंकाने वाली बात तो यह है कि इन लाइसेंसों का नवीनीकरण भी होता रहा। पहले तीन साल और अब पांच साल बाद लाइसेंस का नवीनीकरण कराए जाने का नियम है। ऑनलाइन आवेदन कर इन लोगों ने नवीनीकरण हासिल कर लिया। जिम्मेदारों ने थोड़ा भी ध्यान दिया होता तो पहले ही यह मामला पकड़ में आ जाता।
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ऑनलाइन फीडिंग के दौरान गड़बड़ी की आशंका
बनाए गए 10 शस्त्र लाइसेंस 2015-16 और दो वर्ष 2019 के हैं। 2015-16 में ही सभी ऑफलाइन शस्त्र लाइसेंसों की ऑनलाइन फीडिंग कराई गई थी। कलेक्ट्रेट के एनआईसी में वृहद स्तर पर यह काम चला था। इसमें कई बाहरी कंप्यूटर ऑपरेटर भी लगाए गए थे। आशंका है कि इसी प्रक्रिया के दौरान बिना अस्तित्व वाले लाइसेंसों को ऑनलाइन फीड करा लिया गया। 2015-16 और 2019 में तैनात रहे शस्त्र लिपिकों को नोटिस जारी कर उनका जवाब मांगा गया है। जरूरत होने पर उस समय काम करने वाले कंप्यूटर ऑपरेटरों को भी तलब किया जा सकता है।
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आरोपियों के शस्त्र लाइसेंस निरस्तीकरण की तैयारी
आराेपी देवकांत पांडेय और श्याम सिंह के अपने शस्त्र लाइसेंस असली हैं। देवकांत का लाइसेंस 2011 और श्याम सिंह का 2007 में बना था। इन दोनों लाइसेंसों को निरस्त करने की तैयारी है। एडीएम प्रशासन सत्यप्रकाश ने बताया कि लाइसेंस निरस्तीकरण के लिए रिपोर्ट भेजी गई है। एक-दो दिन में पहले निलंबन और वाद में मुकदमे के आधार पर निरस्तीकरण की कार्रवाई की जाएगी।
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