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Etah News: 48 हजार विद्यार्थियों की अब तक नहीं बनी अपार आईडी
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एटा। जिले में विद्यार्थियों की अपार (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी बनाने की प्रगति संतोषजनक नहीं होने पर समग्र शिक्षा माध्यमिक की राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. इंद्रजीत सिंह पर नाराजगी जताई है। उन्होंने इस प्रगति में तेजी लाकर सभी पात्र विद्यार्थियों की अपार आईडी निर्धारित समय सीमा के भीतर बनाने के निर्देश दिए हैं। वहीं, जिला विद्यालय निरीक्षक ने सभी प्रधानाचार्य को अपार आईडी बनाने के निर्देश भी जारी कर दिए हैं।
जिले में कुल 568 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 118737 विद्यार्थियों के सापेक्ष अब तक केवल 48,684 विद्यार्थियों की ही अपार आईडी बनाई जा सकी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की आईडी लंबित होने पर शासन स्तर से कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई है। आंकड़ों के मुताबिक जिले के 25 राजकीय विद्यालयों में कुल 4433 विद्यार्थियों में से 3483 की अपार आईडी बनाई है। 55 सहायता प्राप्त विद्यालयों में 29768 विद्यार्थियों के सापेक्ष 22688 विद्यार्थियों की आईडी तैयार हो चुकी है। वहीं सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन विद्यालयों की है जहां कुल 84536 विद्यार्थियों में से अब तक केवल 43882 विद्यार्थियों की ही अपार आईडी बनाई जा सकी है।
राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने निर्देश दिए हैं कि अपार आईडी विद्यार्थियों के शैक्षिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने डीआईओएस को इसकी नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, डीआईओएस डॉ. इंद्रजीत सिंह ने जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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जिले में कुल 568 विद्यालयों में अध्ययनरत कुल 118737 विद्यार्थियों के सापेक्ष अब तक केवल 48,684 विद्यार्थियों की ही अपार आईडी बनाई जा सकी है। बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की आईडी लंबित होने पर शासन स्तर से कड़ी नाराजगी व्यक्त की गई है। आंकड़ों के मुताबिक जिले के 25 राजकीय विद्यालयों में कुल 4433 विद्यार्थियों में से 3483 की अपार आईडी बनाई है। 55 सहायता प्राप्त विद्यालयों में 29768 विद्यार्थियों के सापेक्ष 22688 विद्यार्थियों की आईडी तैयार हो चुकी है। वहीं सबसे खराब स्थिति वित्तविहीन विद्यालयों की है जहां कुल 84536 विद्यार्थियों में से अब तक केवल 43882 विद्यार्थियों की ही अपार आईडी बनाई जा सकी है।
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राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी ने निर्देश दिए हैं कि अपार आईडी विद्यार्थियों के शैक्षिक रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने की महत्वपूर्ण व्यवस्था है। ऐसे में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने डीआईओएस को इसकी नियमित समीक्षा करते हुए लंबित कार्य जल्द पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। वहीं, डीआईओएस डॉ. इंद्रजीत सिंह ने जिले के सभी राजकीय, सहायता प्राप्त एवं वित्तविहीन विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को 31 जुलाई तक शत-प्रतिशत विद्यार्थियों की अपार आईडी बनवाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्धारित समय सीमा के भीतर लक्ष्य पूरा नहीं करने वाले विद्यालयों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
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