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Etah News: केपीआई से होगी परिषदीय विद्यालयों की शिक्षा और सुविधाओं की परख
Fri, 07 Aug 2026 10:56 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Fri, 07 Aug 2026 10:56 PM IST
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एटा। जिले के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता और सुविधाओं का आकलन अब की परफॉर्मेंस इंडिकेटर (केपीआई) प्रणाली के माध्यम से किया जाएगा। बेसिक शिक्षा विभाग ने निपुण भारत मिशन के तहत विद्यालयों की शैक्षणिक प्रगति, शिक्षण व्यवस्था और उपलब्ध संसाधनों की नियमित समीक्षा के लिए नई व्यवस्था लागू कर दी है। इसके तहत विद्यालय, ब्लॉक और जिला स्तर पर तय मानकों के आधार पर मूल्यांकन होगा तथा सभी योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति समयबद्ध तरीके से ऑनलाइन पोर्टल पर दर्ज की जाएगी।
नई व्यवस्था में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, भाषा एवं गणितीय दक्षता, शिक्षकों के प्रशिक्षण, कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी। साथ ही विद्यालयों में भवन, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, विद्युत व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा। पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप एनालिसिस के माध्यम से कमियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी ने बताया कि सभी अधिकारियों को निर्धारित समय में योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। यदि किसी विद्यालय में निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होते हैं तो उसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे विद्यालयों की जवाबदेही बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
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उन्होंने बताया कि केपीआई आधारित मूल्यांकन से न केवल विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों की कार्यप्रणाली और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। समय-समय पर समीक्षा के आधार पर प्रदर्शन का आकलन कर विद्यालयों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।
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नई व्यवस्था में विद्यार्थियों के सीखने के स्तर, भाषा एवं गणितीय दक्षता, शिक्षकों के प्रशिक्षण, कक्षा शिक्षण की गुणवत्ता और विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी की जाएगी। साथ ही विद्यालयों में भवन, पेयजल, शौचालय, फर्नीचर, विद्युत व्यवस्था और अन्य मूलभूत सुविधाओं का भी मूल्यांकन किया जाएगा। पोर्टल आधारित मॉनिटरिंग और गैप एनालिसिस के माध्यम से कमियों की पहचान कर समय रहते सुधारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
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जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुपम अवस्थी ने बताया कि सभी अधिकारियों को निर्धारित समय में योजनाओं और गतिविधियों की प्रगति पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। यदि किसी विद्यालय में निर्धारित लक्ष्य पूरे नहीं होते हैं तो उसके लिए विशेष कार्ययोजना तैयार कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे। इससे विद्यालयों की जवाबदेही बढ़ेगी और शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता आएगी।
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उन्होंने बताया कि केपीआई आधारित मूल्यांकन से न केवल विद्यार्थियों के अधिगम स्तर में सुधार होगा, बल्कि शिक्षकों की कार्यप्रणाली और विद्यालयों में उपलब्ध सुविधाओं की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। समय-समय पर समीक्षा के आधार पर प्रदर्शन का आकलन कर विद्यालयों को आवश्यक सहयोग और मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे निपुण भारत मिशन के लक्ष्यों को प्रभावी ढंग से हासिल किया जा सके।