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जिला अस्पताल में दवा को भटक रहे मरीज
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Sat, 19 Mar 2016 11:27 PM IST
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दवाईयां बाजार से लानी पड़ रही हैं
- फोटो : अमर उजाला
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मौसम का बदलता मिजाज लोगों के स्वास्थ्य को प्रभावित कर रहा है, लेकिन स्वास्थ्य विभाग में मरीजों को उचित इलाज भी नहीं मिल पा रहा है। डाक्टर समय से बैठते नहीं और न ही अस्पताल में रूरी दवाएं हैं। इससे मरीज परेशान है।
शनिवार को अस्पताल पर मरीजों की खासी भीड़ रही। 800 से अधिक मरीज अस्पताल पर पहुंचे। इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा रही। बदलते मौसम के कारण सबसे ज्यादा वायरल फीवर, सर्दी, खांसी, जुकाम, मलेरिया आदि ने लोगों को जकड़ लिया है, लेकिन अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा। इतने सारे मरीजों को देखने के लिए मात्र तीन चिकित्सक ही हैं। इससे बुरी स्थिति दवा काउंटर की है, जहां पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। यहां पर आधी से अधिक दवाईयां नहीं मिलती। मजबूरी में लोगों को बाजार से खरीदना पड़ता है। बुखार से पीड़ित बच्चों को चिकित्सक ने जो सीरप लिखा वह मौजूद ही नहीं था। उसके स्थान पर टैबलेट दे दी। कैल्शियम की गोली, खांसी का सीरप, शुगर की दबा आदि भी अस्पताल कभी नहीं मिलती।
बच्चे को बुखार आ गया है। चिकित्सक ने बुखार का सीरप लिखा था, लेकिन दवा घर से 500 एमजी की गोली दी गई है। इस गोली को 1/4 हिस्से में बांटकर देने को कहा गया है।
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अशोक कुमार
सप्लाई न मिल पाने से कुछ दवाओं की कमी हो गई है, जिनकी पूर्ति शीघ्र हो जाएगी। कुछ चिकित्सक प्रशिक्षण में गए हुए हैं। जिससे चिकित्सक कम हो गए हैं।
डा. कृष्ण अवतार, चिकित्सा अधीक्षक
फोटो प्रेषित है
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शनिवार को अस्पताल पर मरीजों की खासी भीड़ रही। 800 से अधिक मरीज अस्पताल पर पहुंचे। इनमें बच्चों की संख्या सबसे ज्यादा रही। बदलते मौसम के कारण सबसे ज्यादा वायरल फीवर, सर्दी, खांसी, जुकाम, मलेरिया आदि ने लोगों को जकड़ लिया है, लेकिन अस्पताल में व्याप्त अव्यवस्थाओं के कारण मरीजों को बेहतर इलाज नहीं मिल रहा। इतने सारे मरीजों को देखने के लिए मात्र तीन चिकित्सक ही हैं। इससे बुरी स्थिति दवा काउंटर की है, जहां पर लंबी-लंबी कतारें लगी रहती हैं। यहां पर आधी से अधिक दवाईयां नहीं मिलती। मजबूरी में लोगों को बाजार से खरीदना पड़ता है। बुखार से पीड़ित बच्चों को चिकित्सक ने जो सीरप लिखा वह मौजूद ही नहीं था। उसके स्थान पर टैबलेट दे दी। कैल्शियम की गोली, खांसी का सीरप, शुगर की दबा आदि भी अस्पताल कभी नहीं मिलती।
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बच्चे को बुखार आ गया है। चिकित्सक ने बुखार का सीरप लिखा था, लेकिन दवा घर से 500 एमजी की गोली दी गई है। इस गोली को 1/4 हिस्से में बांटकर देने को कहा गया है।
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अशोक कुमार
सप्लाई न मिल पाने से कुछ दवाओं की कमी हो गई है, जिनकी पूर्ति शीघ्र हो जाएगी। कुछ चिकित्सक प्रशिक्षण में गए हुए हैं। जिससे चिकित्सक कम हो गए हैं।
डा. कृष्ण अवतार, चिकित्सा अधीक्षक
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