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जिले को मिले चार ऑक्सीजन प्लांट, संसाधन भी बढ़े
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मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन प्लान का उद्घाटन करते सांसद राजवीर सिंह। फाइल फोटो संवाद
- फोटो : ETAH
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एटा। कोरोना की दूसरी लहर ने भले ही काफी नुकसान पहुंचाया, लेकिन सकारात्मक पहलू यह भी है कि कोरोना से जंग में स्वास्थ्य सेवाओं की स्थिति बेहतर हुई। चार ऑक्सीजन प्लांट स्थापित हुए, जो जिले के लिए बड़ी उपलब्धि रही। वहीं अन्य संसाधन भी बढ़े हैं।
कोविड-19 की पहली लहर के बाद संसाधनों के बारे में सोचा ही नहीं गया। जिसका खामियाजा दूसरी लहर आने पर भुगतना पड़ा। 2021 में जब अप्रैल, मई, जून में लहर चरम पर थी तो मरीजों के लिए बेड के इंतजाम नहीं हो पा रहे थे। उन्हें घरों पर ही क्वारंटीन रखकर इलाज चलाने की नसीहतें दी जा रही थीं। जबकि ऑक्सीजन की मांग के अनुसार पूर्ति नहीं हो पा रही थी। इसे देखते हुए शासन ने व्यवस्थाएं बढ़ाने के निर्देश दिए तो तेजी से काम शुरू किए गए। चार ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हुए।
मेडिकल कॉलेज के दोनों अस्पताल, चुरथरा सीएचसी और बागवाला सीएचसी पर इन्हें स्थापित कराया गया है। 2663 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन इनकी उत्पादन क्षमता है। जो हर परिस्थिति में लोगों की जरूरत पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा 185 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं। दूसरी बड़ी समस्या गंभीर मरीजों के लिए वेंटीलेटर की रही थी। अब 24 वेंटीलेटर की व्यवस्था कर ली गई है। मेटरनिटी विंग सहित पांच अस्पतालों को कोविड अस्पताल के रूप में स्थापित किया गया है। जिनमें कुल मिलाकर 240 बेड क्षमता है।
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कोविड-19 की पहली लहर के बाद संसाधनों के बारे में सोचा ही नहीं गया। जिसका खामियाजा दूसरी लहर आने पर भुगतना पड़ा। 2021 में जब अप्रैल, मई, जून में लहर चरम पर थी तो मरीजों के लिए बेड के इंतजाम नहीं हो पा रहे थे। उन्हें घरों पर ही क्वारंटीन रखकर इलाज चलाने की नसीहतें दी जा रही थीं। जबकि ऑक्सीजन की मांग के अनुसार पूर्ति नहीं हो पा रही थी। इसे देखते हुए शासन ने व्यवस्थाएं बढ़ाने के निर्देश दिए तो तेजी से काम शुरू किए गए। चार ऑक्सीजन प्लांट बनकर तैयार हुए।
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मेडिकल कॉलेज के दोनों अस्पताल, चुरथरा सीएचसी और बागवाला सीएचसी पर इन्हें स्थापित कराया गया है। 2663 लीटर प्रति मिनट ऑक्सीजन इनकी उत्पादन क्षमता है। जो हर परिस्थिति में लोगों की जरूरत पूरी कर सकेंगे। इसके अलावा 185 ऑक्सीजन कंसंट्रेटर भी उपलब्ध हैं। दूसरी बड़ी समस्या गंभीर मरीजों के लिए वेंटीलेटर की रही थी। अब 24 वेंटीलेटर की व्यवस्था कर ली गई है। मेटरनिटी विंग सहित पांच अस्पतालों को कोविड अस्पताल के रूप में स्थापित किया गया है। जिनमें कुल मिलाकर 240 बेड क्षमता है।
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