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डीआईजी जेल ने की अनशनरत बंदी से बात
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Sun, 01 Feb 2015 11:37 PM IST
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तिहरे हत्याकांड में निरुद्ध बंदी मनोज कुमार का अनशन जारी है। अनशन के दौरान कोई प्रशासनिक अधिकारी तो नहीं पहुंचा, मगर रविवार को डीआईजी जेल आगरा जरूर जिला जेल में पहुंचे। बंदी से वार्ता कर अनशन तोड़ने की बात कही, मगर बंदी ने अनशन नहीं तोड़ा। बता दें कि पिछले दिनों एमएलसी के आश्वासन पर भी बंदी ने अनशन नहीं तोड़ा था।
2011 में चर्चित तिहरे हत्याकांड में जैथरा के मोहल्ला गांधी नगर निवासी मनोज कुमार को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था। तब से जेल में निरुद्ध है। बंदी के भाई सोनू ने बताया कि पुलिस जांच के बाद मनोज आरोपी नहीं पाया गया। उसके बाद भी जेल में बंद है। इस पर बंदी ने शासन को अवगत कराया। कई बार शासन-प्रशासन को अपनी बेगुनाही का सबूत दे चुका है। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर वह मंगलवार से अनशन पर बैठ गया था। छठवें दिन भी अनशन जारी रहा।
शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष व एमएलसी रमेश यादव भी जेल में बंदी से मिलने पहुंचे थे। रविवार को डीआईजी जेल आगरा केदारनाथ जिला जेल पहुंचे। बंदी से वार्ता की, मगर बंदी ने अनशन नहीं तोड़ा है। जेलर एएन त्रिपाठी ने बताया कि निरीक्षण के लिए पहुंचे डीआईजी जेल आगरा ने बंदी से वार्ता की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
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2011 में चर्चित तिहरे हत्याकांड में जैथरा के मोहल्ला गांधी नगर निवासी मनोज कुमार को भी पुलिस ने आरोपी बनाया था। तब से जेल में निरुद्ध है। बंदी के भाई सोनू ने बताया कि पुलिस जांच के बाद मनोज आरोपी नहीं पाया गया। उसके बाद भी जेल में बंद है। इस पर बंदी ने शासन को अवगत कराया। कई बार शासन-प्रशासन को अपनी बेगुनाही का सबूत दे चुका है। उसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं होने पर वह मंगलवार से अनशन पर बैठ गया था। छठवें दिन भी अनशन जारी रहा।
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शुक्रवार को सपा जिलाध्यक्ष व एमएलसी रमेश यादव भी जेल में बंदी से मिलने पहुंचे थे। रविवार को डीआईजी जेल आगरा केदारनाथ जिला जेल पहुंचे। बंदी से वार्ता की, मगर बंदी ने अनशन नहीं तोड़ा है। जेलर एएन त्रिपाठी ने बताया कि निरीक्षण के लिए पहुंचे डीआईजी जेल आगरा ने बंदी से वार्ता की, लेकिन नतीजा कुछ नहीं निकला।
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