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UP: 'मैं गरीब हूं...', जुर्म कबूला तो अदालत ने दिखाया रहम; 11 साल पुराने मामले में जुर्माने पर छोड़ा
Mon, 12 May 2025 07:25 PM IST
अरुन पाराशर
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Mon, 12 May 2025 07:25 PM IST
सार
11 साल से केस लड़ने के बाद आरोपी ने कोर्ट में अपना जुर्म कबूल कर लिया। इस पर अदालत ने भी रहम दिखाया। जुर्माना लगाने के बाद उसे छोड़ दिया गया।
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अदालत
- फोटो : ANI
विस्तार
एटा में मोटर दुर्घटना का एक मामला 11 साल से चल रहा था। अदालत के चक्कर लगाकर परेशान आरोपी ने अदालत में जुर्म कबूल लिया। अदालत ने भी रहम दिखाते हुए उसे जुर्माने पर छोड़ दिया।
कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में कासगंज रोड पर हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड के सामने 13 सितंबर 2014 को हादसा हुआ था। कार और लोडर गाड़ी में टक्कर हो गई थी। इसमें लोडर सवार हरीशंकर व अनिल कुमार को गंभीर चोटें आईं। लोडर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में कासगंज रोड पर हिंदुस्तान लीवर लिमिटेड के सामने 13 सितंबर 2014 को हादसा हुआ था। कार और लोडर गाड़ी में टक्कर हो गई थी। इसमें लोडर सवार हरीशंकर व अनिल कुमार को गंभीर चोटें आईं। लोडर भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया।
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मामले की रिपोर्ट हरीशंकर ने कार चालक कालीचरन निवासी गांव मछरिया थाना फरिया जनपद फिरोजाबाद के विरुद्ध दर्ज कराई। अदालत में इसमें तारीख पर तारीख लगती रहीं। परेशान कालीचरन ने विशेष न्यायिक मजिस्ट्रेट योगेश कुमार की अदालत में अपना जुर्म कबूल किया।
कहा कि वह गरीब व्यक्ति है, मुकदमा लड़ने में असमर्थ है। कम से कम दंड से दंडित किया जाए। अदालत ने उसको दोषसिद्ध ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में 2300 रुपये अर्थदंड और न्यायालय उठने तक के दंड से दंडित करने का आदेश दिया।
कहा कि वह गरीब व्यक्ति है, मुकदमा लड़ने में असमर्थ है। कम से कम दंड से दंडित किया जाए। अदालत ने उसको दोषसिद्ध ठहराते हुए विभिन्न धाराओं में 2300 रुपये अर्थदंड और न्यायालय उठने तक के दंड से दंडित करने का आदेश दिया।