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वतन वापसी, अब घर आने का इंतजार
ब्यूरो अमर उजाला एटा
Updated Fri, 12 Dec 2014 12:09 AM IST
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पांच साल पहले घर से रोजगार की तलाश में निकला जफरुद्दीन पाकिस्तान की कैद तक जा पहुंचा। परिवारीजन चाह कर भी कुछ नहीं कर पा रहे थे। इसी माह पाकिस्तान ने 40 कैदियों को जेल से रिहा कर भारत को सौंपा है। इनमें जफरुद्दीन की रिहाई भी हुई है। यह जानकारी भारतीय रेडक्रास सोसाइटी द्वारा उसके परिवारीजनों को दी गई है। अभी उसे परिवारीजनों के सुपुर्द नहीं किया गया है। उसके बुजुर्ग माता-पिता उसका बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
जफरुद्दीन का परिवार जिले के ढोलना थाना क्षेत्र के गांव कुढ़ार का रहने वाला है। उसके पिता बुंदी खां की उम्र काफी हो चुकी है। अब वह चलने-फिरने के लायक नहीं है। परिवार में खेतीबाड़ी का कार्य हो रहा है। मां प्यारे बेगम भी काफी वृद्ध है। बताया गया है कि जफरुद्दीन 18 साल की उम्र में ही घर से चला गया। कुछ दिन उसने अमृतसर में किसी होटल में काम किया। इसके बाद वह किसी तरह पाकिस्तान की सीमा पार कर गया। पाकिस्तानी सेना ने उसे कैद में ले लिया। पिछले पांच वर्षों से वह पाक की जेल में था। परिवारीजनाें को दो साल पहले ही इस बात की जानकारी हुई जब उनके घर पुलिस जांच पड़ताल करने पहुंची।
घरवालों को जब यह जानकारी मिली कि वह पाकिस्तान की जेल में है तो वह घबरा गए, क्योंकि वह मामले की पैरवी में सक्षम नहीं थे। उन्होंने सब खुदा के भरोसे छोड़ दिया, लेकिन अब उन्हें सप्ताह भर पूर्व जफरुदद्ीन के वतन वापसी की सूचना मिली तो पूरा परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। अब परिवारीजनों को जफरुद्दीन के घर पहुंचने का इंतजार है। पिता और मां ने बताया कि वह अमृतसर में रेडक्रास सोसाइटी के पास है। यह जानकारी टेलीफोन पर उन्हें दी गई है। गांव के लोग भी उसकी वापसी को लेकर उत्साहित हैं।
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जफरुद्दीन का परिवार जिले के ढोलना थाना क्षेत्र के गांव कुढ़ार का रहने वाला है। उसके पिता बुंदी खां की उम्र काफी हो चुकी है। अब वह चलने-फिरने के लायक नहीं है। परिवार में खेतीबाड़ी का कार्य हो रहा है। मां प्यारे बेगम भी काफी वृद्ध है। बताया गया है कि जफरुद्दीन 18 साल की उम्र में ही घर से चला गया। कुछ दिन उसने अमृतसर में किसी होटल में काम किया। इसके बाद वह किसी तरह पाकिस्तान की सीमा पार कर गया। पाकिस्तानी सेना ने उसे कैद में ले लिया। पिछले पांच वर्षों से वह पाक की जेल में था। परिवारीजनाें को दो साल पहले ही इस बात की जानकारी हुई जब उनके घर पुलिस जांच पड़ताल करने पहुंची।
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घरवालों को जब यह जानकारी मिली कि वह पाकिस्तान की जेल में है तो वह घबरा गए, क्योंकि वह मामले की पैरवी में सक्षम नहीं थे। उन्होंने सब खुदा के भरोसे छोड़ दिया, लेकिन अब उन्हें सप्ताह भर पूर्व जफरुदद्ीन के वतन वापसी की सूचना मिली तो पूरा परिवार में खुशी की लहर दौड़ गई। अब परिवारीजनों को जफरुद्दीन के घर पहुंचने का इंतजार है। पिता और मां ने बताया कि वह अमृतसर में रेडक्रास सोसाइटी के पास है। यह जानकारी टेलीफोन पर उन्हें दी गई है। गांव के लोग भी उसकी वापसी को लेकर उत्साहित हैं।
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