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मुख्यमंत्री के गुरू अवैद्यनाथ का जिले से पुराना नाता
amar ujala
Updated Mon, 20 Mar 2017 12:05 AM IST
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मुख्यमंत्री के गुरू अवैद्यनाथ का जिले से पुराना नाता
- फोटो : amar ujala
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नए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उनके गुरू महंत अवैद्यनाथ का एटा जिले से पुराना नाता है। पांच दशक पूर्व मुख्यमंत्री के गुरु एवं तत्कालीन विधायक महंत अवैद्यनाथ के गोरक्षा आंदोलन के समर्थन में विधानसभा से इस्तीफा देने वाले एक मात्र विधायक अलीगंज के लोकपाल सिंह चौहान थे। वहीं बारह साल पहले योगी आदित्यनाथ भी एटा शहर में चर्चित रहे घर वापसी आंदोलन में शामिल होने आए थे। जबकि वर्ष 2015 में प्रशासन ने योगी को एटा आने से रोक दिया था।
लोकपाल सिंह के भतीजे एवं पूर्व विधायक रज्जनपाल सिंह चौहान के अनुसार महंत के समर्थन में एक मात्र दादा जी ने विधानसभा से इस्तीफा दिया था। इतना ही नहीं दिल्ली में आंदोलन के दौरान वे महंत के साथ गिरफ्तार होकर दो महीने तक तिहाड़ जेल में भी रहे थे। लुहारी परिवार की ये नजदीकियां महंत के बाद उनके शिष्य योगी से भी बनी हुई हैं। बता दें कि रज्जनलाल भी गोरक्षा एवं धर्म जागरण मंच से जुड़े रहे हैं। धर्मजागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे चौहान के अनुसार फरवरी माह में उनकी योगी जी से दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात हुई। रज्जनपाल सिंह चौहान भी दो बार भाजपा के विधायक रहे हैं। वे मंदिर आंदोलन के लिए सरकार गंवाने वाली कल्याण सरकार के समय भी विधायक थे।
योगी को एटा आने से प्रशासन ने रोका था
2005 में एटा आए योगी आदित्य नाथ ने जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में धर्म परावर्तन के तत्वावधान में आयोजित घर वापसी कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी। महासंघ के सुशील गुप्ता के अनुसार 25 दिसंबर 2015 को जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ को आना था, लेकिन प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन ने उन्हें नहीं आने दिया था।
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योगी के जिले में समर्थन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व हिंदू परिषद के अलावा जिले में योगी द्वारा संचालित हिंदू युवा वाहिनी एवं विश्व हिंदू महासंघ सक्रिय है। महासंघ पदाधिकारी समय समय पर प्रदेश स्तरीय आयेाजनों में जाते हैं। इनमें दिलीप पचौरी, अवधेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, अग्रिम जैन आदि शामिल हैं।
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लोकपाल सिंह के भतीजे एवं पूर्व विधायक रज्जनपाल सिंह चौहान के अनुसार महंत के समर्थन में एक मात्र दादा जी ने विधानसभा से इस्तीफा दिया था। इतना ही नहीं दिल्ली में आंदोलन के दौरान वे महंत के साथ गिरफ्तार होकर दो महीने तक तिहाड़ जेल में भी रहे थे। लुहारी परिवार की ये नजदीकियां महंत के बाद उनके शिष्य योगी से भी बनी हुई हैं। बता दें कि रज्जनलाल भी गोरक्षा एवं धर्म जागरण मंच से जुड़े रहे हैं। धर्मजागरण मंच के प्रदेश उपाध्यक्ष रहे चौहान के अनुसार फरवरी माह में उनकी योगी जी से दिल्ली स्थित आवास पर मुलाकात हुई। रज्जनपाल सिंह चौहान भी दो बार भाजपा के विधायक रहे हैं। वे मंदिर आंदोलन के लिए सरकार गंवाने वाली कल्याण सरकार के समय भी विधायक थे।
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योगी को एटा आने से प्रशासन ने रोका था
2005 में एटा आए योगी आदित्य नाथ ने जीटी रोड स्थित सरस्वती विद्या मंदिर में धर्म परावर्तन के तत्वावधान में आयोजित घर वापसी कार्यक्रम की अध्यक्षता की थी। महासंघ के सुशील गुप्ता के अनुसार 25 दिसंबर 2015 को जिले में प्रस्तावित कार्यक्रम में योगी आदित्यनाथ को आना था, लेकिन प्रदेश सरकार एवं जिला प्रशासन ने उन्हें नहीं आने दिया था।
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योगी के जिले में समर्थन का अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि विश्व हिंदू परिषद के अलावा जिले में योगी द्वारा संचालित हिंदू युवा वाहिनी एवं विश्व हिंदू महासंघ सक्रिय है। महासंघ पदाधिकारी समय समय पर प्रदेश स्तरीय आयेाजनों में जाते हैं। इनमें दिलीप पचौरी, अवधेश गुप्ता, सुशील गुप्ता, अग्रिम जैन आदि शामिल हैं।