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Mainpuri News: शाखा प्रबंधक ने मांगी अवैध धनराशि, होगी जांची
Fri, 15 May 2026 11:34 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
संवाद न्यूज एजेंसी, मैनपुरी
Updated Fri, 15 May 2026 11:34 PM IST
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फोटो 43 जिला उद्योग बंधु समिति की बैठक में समीक्षा करते जिलाधिकारी। संवाद
मैनपुरी। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने जिला उद्योग बंधु समिति की समीक्षा की। सीएम युवा उद्यमी विकास अभियान के लाभार्थी से संवाद करने पर शशांक, विपिन कुमार ने बताया कि बैंक ऑफ़ इंडिया शाखा भोगांव में उनकी पत्रावली स्वीकृत नहीं की जा रही है।
10 प्रतिशत धनराशि की मांग की जा रही है। डीएम ने शिकायत की जांच को तीन सदस्य टीम गठित कर रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए। शिकायत सही पाए जाने पर शाखा प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा।
उन्होंने कहा कि योजना के आवेदनों में जो भी कमियां हैं। उन्हें बैंकर्स, लाभार्थियों से समन्वय स्थापित कर दूर कराएं। पत्रावलियों को स्वीकृत कर ऋण उपलब्ध कराएं। ताकि शिक्षित युवा अपना स्वः रोजगार स्थापित कर स्वाबलंबी बन सकें। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, ग्रामीण बैंक तथा बैंक ऑफ इंडिया में पत्रावलियां ऋण वितरण के लिए शेष हैं।
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30 मई तक लंबित पत्रावलियों को स्वीकृत करें। जो पत्रावलियां स्वीकृत हो चुकी है। उन पर ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक से कहा कि सभी बैंकों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रगति सुनिश्चित करें। योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं बल्कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं स्वःरोजगार से जोड़ना है।
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10 प्रतिशत धनराशि की मांग की जा रही है। डीएम ने शिकायत की जांच को तीन सदस्य टीम गठित कर रिपोर्ट एक सप्ताह में देने के निर्देश दिए। शिकायत सही पाए जाने पर शाखा प्रबंधक के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा।
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उन्होंने कहा कि योजना के आवेदनों में जो भी कमियां हैं। उन्हें बैंकर्स, लाभार्थियों से समन्वय स्थापित कर दूर कराएं। पत्रावलियों को स्वीकृत कर ऋण उपलब्ध कराएं। ताकि शिक्षित युवा अपना स्वः रोजगार स्थापित कर स्वाबलंबी बन सकें। उन्होंने कहा कि भारतीय स्टेट बैंक, एचडीएफसी बैंक, एक्सिस बैंक, ग्रामीण बैंक तथा बैंक ऑफ इंडिया में पत्रावलियां ऋण वितरण के लिए शेष हैं।
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30 मई तक लंबित पत्रावलियों को स्वीकृत करें। जो पत्रावलियां स्वीकृत हो चुकी है। उन पर ऋण उपलब्ध कराएं। उन्होंने अग्रणी जिला प्रबंधक से कहा कि सभी बैंकों के बीच समन्वय स्थापित कर प्रगति सुनिश्चित करें। योजनाओं का उद्देश्य केवल लक्ष्य पूर्ति नहीं बल्कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार एवं स्वःरोजगार से जोड़ना है।