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बीसीए छात्रा की गला रेत कर हत्या
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Mon, 08 Feb 2016 10:54 PM IST
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सकीट थाना क्षेत्र के गांव कमालपुर मई में रविवार रात अपनी मां और भाई के साथ घर लौट रही बीसीए छात्रा अर्चना यादव की गला रेतकर हत्या कर दी गई। छात्रा के परिवारीजनों का कहना है कि लूटपाट का विरोध करने पर चार बदमाशों ने उसकी हत्या की, मां और भाई ने भूसे की बुर्जी में छिपकर खुद को बचाया। सोमवार सुबह छह घंटे तक आक्रोशित ग्रामीणों ने पुलिस को शव नहीं उठाने दिया। बाद में एएसपी ने लोगों को समझाबुझाकर शव पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। पुलिस को परिवारीजनों की कहानी में कई झोल नजर आ रहे हैं और आनर किलिंग क ी लाइन पर भी जांच कर रही है।
अर्चना (24) गांव कमालपुर मई निवासी रामपाल यादव की पुत्री थी और बीसीए में पढ़ रही थी। रविवार सुबह उसका शव लहूलुहान शव एक खेत में पड़ा मिला। शव के पास ही खून से सना चाकू और कैंची भी मिली। रामपाल यादव परिवार के साथ गाजियाबाद की खोड़ा कालोनी में रहकर फेब्रिकेशन का काम करते हैं। पांच फरवरी को रामपाल यादव की छोटी बेटी भाग्यश्री की घिरोर में शादी थी और शादी के बाद रविवार शाम उसकी पत्नी मोहरश्री, बेटा जितेंद्र और बेटी अर्चना गांव आ रहे थे। रात करीब आठ बजे ये नाजिरपुर चौराहे पर बस से उतरे और पैदल अपने गांव जा रहे थे। गांव से करीब 100 मीटर पहले हाथों में लाठी डंडे लिए चार बदमाशों ने इन्हें घेर लिया और मोहरश्री से सोने की चेन, अंगूठी, चूड़ी लूटने लगे। रामपाल यादव ने बताया कि जितेंद्र व अर्चना ने विरोध किया तो बदमाशों ने इनके साथ मारपीट की और जितेंद्र व मोहरश्री को धक्का दे दिया। ये दोनों भाग कर अलग-अलग बुर्जी में छिप गए। अर्चना को बदमाश अपने साथ ले गए और उसकी हत्या कर दी। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार सुबह मौके पर पहुंची पुलिस डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग की और शव को नहीं उठाने दिया। एडिशनल एसपी विर्सजन सिंह ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों का शांत कराया। सीओ सकीट ने बताया कि बुर्जी में छिपने बाद भी भाई की पैंट पर खून के निशान मिले है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हत्या की वजह लूटपाट या दुष्कर्म नहीं है। ऑनर किलिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। थाना पुलिस मामले की कई बिंदुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। उधर, सोमवार शाम पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया, बाद में दोबारा पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और चिकित्सकों के पैनल से उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया।
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अर्चना (24) गांव कमालपुर मई निवासी रामपाल यादव की पुत्री थी और बीसीए में पढ़ रही थी। रविवार सुबह उसका शव लहूलुहान शव एक खेत में पड़ा मिला। शव के पास ही खून से सना चाकू और कैंची भी मिली। रामपाल यादव परिवार के साथ गाजियाबाद की खोड़ा कालोनी में रहकर फेब्रिकेशन का काम करते हैं। पांच फरवरी को रामपाल यादव की छोटी बेटी भाग्यश्री की घिरोर में शादी थी और शादी के बाद रविवार शाम उसकी पत्नी मोहरश्री, बेटा जितेंद्र और बेटी अर्चना गांव आ रहे थे। रात करीब आठ बजे ये नाजिरपुर चौराहे पर बस से उतरे और पैदल अपने गांव जा रहे थे। गांव से करीब 100 मीटर पहले हाथों में लाठी डंडे लिए चार बदमाशों ने इन्हें घेर लिया और मोहरश्री से सोने की चेन, अंगूठी, चूड़ी लूटने लगे। रामपाल यादव ने बताया कि जितेंद्र व अर्चना ने विरोध किया तो बदमाशों ने इनके साथ मारपीट की और जितेंद्र व मोहरश्री को धक्का दे दिया। ये दोनों भाग कर अलग-अलग बुर्जी में छिप गए। अर्चना को बदमाश अपने साथ ले गए और उसकी हत्या कर दी। घटना से गुस्साए ग्रामीणों ने सोमवार सुबह मौके पर पहुंची पुलिस डीएम-एसएसपी को मौके पर बुलाने की मांग की और शव को नहीं उठाने दिया। एडिशनल एसपी विर्सजन सिंह ने मौके पर पहुंच कर ग्रामीणों का शांत कराया। सीओ सकीट ने बताया कि बुर्जी में छिपने बाद भी भाई की पैंट पर खून के निशान मिले है। एसएसपी संतोष कुमार सिंह ने बताया कि हत्या की वजह लूटपाट या दुष्कर्म नहीं है। ऑनर किलिंग की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। थाना पुलिस मामले की कई बिंदुओं से जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने का इंतजार है। उधर, सोमवार शाम पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिवारीजनों को सौंप दिया गया, बाद में दोबारा पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और चिकित्सकों के पैनल से उसका दोबारा पोस्टमार्टम कराया।
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