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जान जोखिम में डाल ग्रामीण कर रहे हैं आवागमन
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Thu, 12 May 2016 11:03 PM IST
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train aacident garh
- फोटो : अमर उजाला
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आगरा रेल मार्ग पर ग्रामीणों ने एक दर्जन से अधिक अवैध रेलवे क्रॉसिंग बना लिए हैं, जो आए दिन हादसों को दावत दे रहे हैं। शॉर्टकट के चक्कर में कई ग्रामीण अब तक अपनी जान तक गवां चुके हैं। मगर, रेलवे और जिला प्रशासन इन अवैध क्रॉसिंग को बंद नहीं करा पा रहा। जबकि बुधवार की रात जलेसर में को भी इसी अवैध रेलवे क्रॉसिंग पर दुग्ध वाहन से होली ट्रेन टकराई थी। जब मामला में प्रकाश में आया, तो रेलवे अधिकारियों ने दावा किया कि डीएम के माध्यम से इन क्रॉसिंग को बंद करा दिया है। जबकि स्थानीय प्रशासन को इसकी जानकारी तक नहीं।
आगरा रेल मार्ग पर एटा जिले में 26 रेलवे क्रॉसिंग हैं। इनमें से आठ पर अंडर पास का निर्माण हो चुका है, जबकि 18 मानव रहित क्रॉसिंग पर गेट मित्र तैनात किए गए हैं। रेल पथ निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि एटा जिले में आगरा रेल मार्ग पर ग्रामीण शार्टकट के चक्कर में एक दर्जन से अधिक स्थानों को रेलवे क्रॉसिंग बनाकर आवागमन कर रहे हैं। बुधवार रात आठ बजे जलेसर के पुन्हैरा में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर दुग्ध वाहन फंस गया था, जिससे होली पैसेंजर ट्रेन टकरा गई। बताया जाता है कि इस अवैध क्रासिंग को रेलवे ने डीएम को पत्र लिखकर बंद करा दिया था। बावजूद इसके ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर क्रॉसिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। एसडीएम जलेसर संदीप गुप्ता से अवैध रेलवे क्रॉसिंग बंद कराए जाने की जानकारी मांगी, तो उन्होंने ऐसी किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
कभी-कभी आते हैं गेट मित्र
आगरा-एटा मार्ग स्थित अधिकृत मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर गेट मित्र तैनात किए हैं। जिनका काम ट्रेन आने पर रेल मार्ग पार कर रहे राहगीरों को रोक कर ट्रेन सुरक्षित निकालना है। लेकिन ग्रामीणों की माने तो 24 घंटे में रेल मार्ग से मात्र चार बार ट्रेन निकलने के कारण गेट मित्र कभी-कभी ड्यूटी पर आते हैं।
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रेलवे क्रॉसिंग के लिए मांगा ज्ञापन
रेल पथ निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुन्हैरा बंबा स्थित अवैध रेलवे क्रॉसिंग काफी व्यस्त है। पिछली बार ग्रामीणों ने क्रॉसिंग पर फाटक लगाने की मांग की थी। बुधवार देर रात भी ग्रामीण मानव रहित अवैध क्रॉसिंग पर फाटक लगाने की मांग कर रहे थे। इसके चलते ग्रामीणों ने दोबारा ज्ञापन मांगा है। यदि रेल अधिकारी मांगों को मानते हैं, तो वहां फाटक लगाकर क्रॉसिंग को अधिकृत किया जा सकता है।
रेल मार्ग पर पहले भी हो चुके हादसे
बुधवार शाम पुन्हैरा स्थित मानव रहित रेल क्रासिंग पर हुई दुर्घटना से पूर्व कई हादसे हो चुके हैं। 23 फरवरी, 2014 को कुवसा मानव रहित रेल क्रॉसिंग पर दुग्ध वाहन के ट्रेन की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए थे। फरवरी, 2012 में ट्रेन की चपेट में आने से झब्बू निवासी नगला भगतुआ और जोगेंद्र निवासी कुसवा गंभीर घायल हुए थे। इसी क्रॉसिंग पर आदित्य निवासी कुसवा, बंटी निवासी खुशहालपुर और नौ वर्षीय मासूम रेखा पुत्री ज्ञानसिंह निवासी खुशहालपुर ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं।
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आगरा रेल मार्ग पर एटा जिले में 26 रेलवे क्रॉसिंग हैं। इनमें से आठ पर अंडर पास का निर्माण हो चुका है, जबकि 18 मानव रहित क्रॉसिंग पर गेट मित्र तैनात किए गए हैं। रेल पथ निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि एटा जिले में आगरा रेल मार्ग पर ग्रामीण शार्टकट के चक्कर में एक दर्जन से अधिक स्थानों को रेलवे क्रॉसिंग बनाकर आवागमन कर रहे हैं। बुधवार रात आठ बजे जलेसर के पुन्हैरा में मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर दुग्ध वाहन फंस गया था, जिससे होली पैसेंजर ट्रेन टकरा गई। बताया जाता है कि इस अवैध क्रासिंग को रेलवे ने डीएम को पत्र लिखकर बंद करा दिया था। बावजूद इसके ग्रामीण जान जोखिम में डाल कर क्रॉसिंग का इस्तेमाल कर रहे हैं। एसडीएम जलेसर संदीप गुप्ता से अवैध रेलवे क्रॉसिंग बंद कराए जाने की जानकारी मांगी, तो उन्होंने ऐसी किसी भी तरह की जानकारी होने से इनकार कर दिया।
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कभी-कभी आते हैं गेट मित्र
आगरा-एटा मार्ग स्थित अधिकृत मानव रहित रेलवे क्रॉसिंग पर गेट मित्र तैनात किए हैं। जिनका काम ट्रेन आने पर रेल मार्ग पार कर रहे राहगीरों को रोक कर ट्रेन सुरक्षित निकालना है। लेकिन ग्रामीणों की माने तो 24 घंटे में रेल मार्ग से मात्र चार बार ट्रेन निकलने के कारण गेट मित्र कभी-कभी ड्यूटी पर आते हैं।
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रेलवे क्रॉसिंग के लिए मांगा ज्ञापन
रेल पथ निरीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया कि पुन्हैरा बंबा स्थित अवैध रेलवे क्रॉसिंग काफी व्यस्त है। पिछली बार ग्रामीणों ने क्रॉसिंग पर फाटक लगाने की मांग की थी। बुधवार देर रात भी ग्रामीण मानव रहित अवैध क्रॉसिंग पर फाटक लगाने की मांग कर रहे थे। इसके चलते ग्रामीणों ने दोबारा ज्ञापन मांगा है। यदि रेल अधिकारी मांगों को मानते हैं, तो वहां फाटक लगाकर क्रॉसिंग को अधिकृत किया जा सकता है।
रेल मार्ग पर पहले भी हो चुके हादसे
बुधवार शाम पुन्हैरा स्थित मानव रहित रेल क्रासिंग पर हुई दुर्घटना से पूर्व कई हादसे हो चुके हैं। 23 फरवरी, 2014 को कुवसा मानव रहित रेल क्रॉसिंग पर दुग्ध वाहन के ट्रेन की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए थे। फरवरी, 2012 में ट्रेन की चपेट में आने से झब्बू निवासी नगला भगतुआ और जोगेंद्र निवासी कुसवा गंभीर घायल हुए थे। इसी क्रॉसिंग पर आदित्य निवासी कुसवा, बंटी निवासी खुशहालपुर और नौ वर्षीय मासूम रेखा पुत्री ज्ञानसिंह निवासी खुशहालपुर ट्रैक पार करते वक्त ट्रेन की चपेट में आकर जान गवां चुके हैं।