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Etah News: रसूलपुर गढ़ौली में बुखार पीड़ित एक और महिला की मौत
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हरप्यारी फाइल फोटो
एटा/मिरहची। मिरहची क्षेत्र के ग्राम रसूलपुर गढ़ौली में लंबे समय से बुखार का प्रकोप जारी है। मंगलवार रात एक निजी अस्पताल में 48 वर्षीय महिला की मौत हो गई। अब तक गांव में कुल छह लोगों की बुखार से मौत हो चुकी है। वहीं ग्रामीणों ने अस्पताल खुलवाने की मांग की है।
रसूलपुर गढ़ौली निवासी हर प्यारी (48) पत्नी कालीचरन की मंगलवार की रात को मौत हो गई। गांव निवासी देवेंद्र लोधी ने बताया कि हर प्यारी पिछले करीब 15 दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविर में भी उनका उपचार कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर परिजन ने उन्हें करीब 15 दिन पहले शहर मुख्यालय पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
ग्रामीणों का दावा है कि महिला की मौत के साथ ही गांव में डेंगू से मरने वालों की संख्या छह हो गई है। लगातार हो रही मौतों से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों से गांव में अस्पताल खुलवाने की मांग की है। जिससे स्थायी चिकित्सक की तैनाती हो सके और ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सके।
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इस संबंध में मिरहची के एमओआईसी डॉ. रवि रंजन ने बताया कि महिला पहले से ही किडनी रोग से ग्रसित थीं और उन्हें लंबे समय से बुखार भी आ रहा था। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में चार लोग डेंगू पीड़ित
मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में रसूलपुर गढ़ौली के दंपती योगेश (38) और उनकी पत्नी देवेश (36) डेंगू पीड़ित मिले। योगेश ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा था। गांव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में उपचार लिया था। यहां मलेरिया व डेंगू की जांच भी कराई लेकिन रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। दवा का सेवन करने के बाद भी आराम नहीं मिला।
इसके बाद निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचे। यहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देखते हुए दोनों लोगों को संचारी रोग वार्ड में भर्ती करा दिया। सोमवार की रात को भर्ती होने के बाद भी यहां पर मंगलवार की दोपहर तक उपचार नहीं दिया गया।
वहीं पुरांव निवासी मुन्नी देवी (60) ने बताया कि उन्हें एक माह से बुखार आ रहा था। निजी क्लीनिक पर उपचार कराने के बाद भी आराम नहीं मिला। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई।
वहीं सकीट क्षेत्र के अंगदपुर निवासी बबली (18) ने बताया कि दो दिन पहले बुखार आया था। निजी उपचार लेने के बाद भी बुखार में आराम नहीं मिला। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई। बताया कि उसकी बहन मंजू भी पहले से डेंगू पीड़ित है और मेडिकल कॉलेज में ही उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में चार नए मरीज डेंगू पीड़ित मिले हैं। जिन्हें भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। इसमें एक दंपती रसूलपुर गढ़ौली के भर्ती है। - डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस
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रसूलपुर गढ़ौली में एक महिला की मौत हुई है। इसकी अभी जानकारी नहीं मिली है। महिला की मौत का कारण का पता लगाया जाएगा। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ
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रसूलपुर गढ़ौली निवासी हर प्यारी (48) पत्नी कालीचरन की मंगलवार की रात को मौत हो गई। गांव निवासी देवेंद्र लोधी ने बताया कि हर प्यारी पिछले करीब 15 दिनों से बुखार से पीड़ित थीं। गांव में स्वास्थ्य विभाग की ओर से लगाए गए शिविर में भी उनका उपचार कराया गया था। हालत में सुधार न होने पर परिजन ने उन्हें करीब 15 दिन पहले शहर मुख्यालय पर स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। मंगलवार रात उन्होंने दम तोड़ दिया।
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ग्रामीणों का दावा है कि महिला की मौत के साथ ही गांव में डेंगू से मरने वालों की संख्या छह हो गई है। लगातार हो रही मौतों से गांव में भय का माहौल है। ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग और जनप्रतिनिधियों से गांव में अस्पताल खुलवाने की मांग की है। जिससे स्थायी चिकित्सक की तैनाती हो सके और ग्रामीणों को समय पर उपचार मिल सके।
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इस संबंध में मिरहची के एमओआईसी डॉ. रवि रंजन ने बताया कि महिला पहले से ही किडनी रोग से ग्रसित थीं और उन्हें लंबे समय से बुखार भी आ रहा था। उन्होंने कहा कि महिला की मौत के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मेडिकल कॉलेज में चार लोग डेंगू पीड़ित
मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में रसूलपुर गढ़ौली के दंपती योगेश (38) और उनकी पत्नी देवेश (36) डेंगू पीड़ित मिले। योगेश ने बताया कि तीन दिन से बुखार आ रहा था। गांव में लगाए गए स्वास्थ्य शिविर में उपचार लिया था। यहां मलेरिया व डेंगू की जांच भी कराई लेकिन रिपोर्ट में डेंगू की पुष्टि नहीं हुई। दवा का सेवन करने के बाद भी आराम नहीं मिला।
इसके बाद निजी अस्पताल में उपचार कराने के लिए पहुंचे। यहां जांच में डेंगू की पुष्टि हुई। इसके बाद मेडिकल कॉलेज के मेडिसिन विभाग में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने गंभीर स्थिति देखते हुए दोनों लोगों को संचारी रोग वार्ड में भर्ती करा दिया। सोमवार की रात को भर्ती होने के बाद भी यहां पर मंगलवार की दोपहर तक उपचार नहीं दिया गया।
वहीं पुरांव निवासी मुन्नी देवी (60) ने बताया कि उन्हें एक माह से बुखार आ रहा था। निजी क्लीनिक पर उपचार कराने के बाद भी आराम नहीं मिला। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई।
वहीं सकीट क्षेत्र के अंगदपुर निवासी बबली (18) ने बताया कि दो दिन पहले बुखार आया था। निजी उपचार लेने के बाद भी बुखार में आराम नहीं मिला। इसके बाद मेडिकल कॉलेज में दवा लेने के लिए पहुंचे। यहां चिकित्सकों ने मलेरिया व डेंगू की जांच कराई जिसमें डेंगू की पुष्टि हुई। बताया कि उसकी बहन मंजू भी पहले से डेंगू पीड़ित है और मेडिकल कॉलेज में ही उपचार चल रहा है।
मेडिकल कॉलेज के संचारी रोग वार्ड में चार नए मरीज डेंगू पीड़ित मिले हैं। जिन्हें भर्ती कर उपचार दिया जा रहा है। इसमें एक दंपती रसूलपुर गढ़ौली के भर्ती है। - डॉ. सुरेश चंद्रा, सीएमएस
रसूलपुर गढ़ौली में एक महिला की मौत हुई है। इसकी अभी जानकारी नहीं मिली है। महिला की मौत का कारण का पता लगाया जाएगा। - डॉ. राजेंद्र प्रसाद, सीएमओ

हरप्यारी फाइल फोटो