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अफजल है कुल जहां से घराना हुसैन का...
अमर उजाला ब्यूरो एटा
Updated Fri, 14 Oct 2016 11:53 PM IST
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अफजल है कुल जहां से घराना हुसैन का...
- फोटो : अमर उजाला
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होली गेट स्थित तकिया में गुरुवार रात को जलसा जश्न ए मौला अली का आयोजन किया गया। अल सुबह तक समाज के लोगों ने हजरत इमाम हुसैन की शहादत को सुना।
जलसे की अध्यक्षता कर रहे मारहरा शरीफ के अमान मियां ने कहा कि देश में मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण शिक्षा है। उन्होंने मौजूद लोगों से बच्चों को शिक्षित करने की अपील की। मैनपुरी दरगाह से आए अल्हाज रहमान उर्फ बबलू ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को इंसानियत का पैगाम दिया और धर्म की रक्षा करते हुए शहादत दी। रामपुर शरीफ से आए मुफ्ती फैजान अली कादरी ने हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन के बारे में बताया। मुफ्ती मुकीम उर रहमान ने तकरीर पेश करते हुए कहा कि ‘मेरा हुसैन नहीं तरसा था पानी के लिए, पानी खुद तरस गया लब ए हुसैन के लिए।’ बदायूं के मुनाजिर हुसैन ने पढ़ा कि ‘अफजल है कुल जहां से घराना हुसैन का, नाबियों का ताजदार है नाना हुसैन का।’ मुफ्ती वसीम अहमद कादरी, मुफ्ती नूर आलम मिस्बाही, हाफिज शब्बीर हुसैन नूरी, हाफिज शाहजहां, हाफिज रईस, हाफिज शमीम, ताबिश, मुशीद ने भी हजरत मौला अली के बारे में बताया। संचालन बदायूं के मुफ्ती वसीम अहमद कादरी ने किया। इस मौके पर संयोजक हाफिज आबाद, सदर विधायक आशीष यादव, शराफत हुसैन काले, जहीर अहमद, हाजी मुहम्मद जमा खान, पप्पू मिस्त्री, जब्बार राईस, कल्लू राईन, नसीम वारसी, मुहम्मद नईम, भूरे मेंबर, हाजी सुल्तान अहमद, मुहम्मद हाशिम, भाई मौजूद रहे। जलसे के दौरान तकिया पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।
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जलसे की अध्यक्षता कर रहे मारहरा शरीफ के अमान मियां ने कहा कि देश में मुसलमानों के पिछड़ेपन का कारण शिक्षा है। उन्होंने मौजूद लोगों से बच्चों को शिक्षित करने की अपील की। मैनपुरी दरगाह से आए अल्हाज रहमान उर्फ बबलू ने कहा कि हजरत इमाम हुसैन ने पूरी दुनिया को इंसानियत का पैगाम दिया और धर्म की रक्षा करते हुए शहादत दी। रामपुर शरीफ से आए मुफ्ती फैजान अली कादरी ने हजरत इमाम हसन और हजरत इमाम हुसैन के बारे में बताया। मुफ्ती मुकीम उर रहमान ने तकरीर पेश करते हुए कहा कि ‘मेरा हुसैन नहीं तरसा था पानी के लिए, पानी खुद तरस गया लब ए हुसैन के लिए।’ बदायूं के मुनाजिर हुसैन ने पढ़ा कि ‘अफजल है कुल जहां से घराना हुसैन का, नाबियों का ताजदार है नाना हुसैन का।’ मुफ्ती वसीम अहमद कादरी, मुफ्ती नूर आलम मिस्बाही, हाफिज शब्बीर हुसैन नूरी, हाफिज शाहजहां, हाफिज रईस, हाफिज शमीम, ताबिश, मुशीद ने भी हजरत मौला अली के बारे में बताया। संचालन बदायूं के मुफ्ती वसीम अहमद कादरी ने किया। इस मौके पर संयोजक हाफिज आबाद, सदर विधायक आशीष यादव, शराफत हुसैन काले, जहीर अहमद, हाजी मुहम्मद जमा खान, पप्पू मिस्त्री, जब्बार राईस, कल्लू राईन, नसीम वारसी, मुहम्मद नईम, भूरे मेंबर, हाजी सुल्तान अहमद, मुहम्मद हाशिम, भाई मौजूद रहे। जलसे के दौरान तकिया पर बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा।