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Etah News: मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार के दौरान व्यक्ति की मौत
Sat, 14 Feb 2026 11:20 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Sat, 14 Feb 2026 11:20 PM IST
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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में एंबुलेंस में अलवर को देखते चिकित्सक। संवाद
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को एक व्यक्ति को गंभीर हालात में लाया गया। यहां चिकित्सक ने भर्ती कर उपचार शुरू कर दिया। शाम को उपचार के दौरान युवक की मौत हो गई। इस पर युवक की बेटी और पत्नी ने चिकित्सक पर लापरवाही का आरोप लगाया है।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दोपहर करीब 12ः30 बजे अलवर (45) निवासी बरसोड़ा जिला कासगंज को परिजन एंबुलेंस से लेकर आए। यहां चिकित्सक ने परीक्षण के बाद भर्ती कर लिया। परिजन ने बताया कि अलवर के दिमाग में संक्रमण फैल चुका था। हालात गंभीर होने की वजह से एंबुलेंस में वेंटीलेटर पर लेकर आए थे। अलीगढ़ के हैरिटेज हॉस्पीटल से एटा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। यहां हालात ज्यादा गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डिस्चार्ज होने के बाद अलवर की मौत हो गई।
इसके बाद अलवर की बेटी शिवांशी के साथ अन्य दो बेटियां एंबुलेंस के पीछे दौड़ती रहीं लेकिन एंबुलेंस को नहीं रोका गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बेटी और पत्नी का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार नहीं किया गया। इसकी वजह से उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पारिवारिक विवाद बताया जा रहा
इमरजेंसी में अलवर की मौत होने के बाद यहां पर अलवर की तीन बेटियां और पत्नी पहुंच गईं। इनके पहुंचने से पहले ही अलवर के पिता और भाई शव लेकर एंबुलेंस में चले गए। बेटी शिवांशी ने एंबुलेंस रोकने का प्रयास किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं रोक सकी। उसने बताया कि पिता की तबीयत खराब थी। हम लोग मां के साथ ननिहाल में थे। इसकी किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। बाद में पता चला तो हम लोग इमरजेंसी पहुंचे। यहां से पापा के शव को लेकर चले गए। यहां पर बेटी रो-रोकर बेहोश होकर सड़क पर ही गिर पड़ी।
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खून की उल्टी होने से टीबी मरीज समेत दो की मौत
- मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को दो लोगो को परिजन लेकर आए। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसमें एक युवक टीबी से पीड़ित था।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार की रात करीब 9ः30 बजे गंगा प्रसाद (40) निवासी खंगारपुर को परिजन लेकर आए। पड़ोसी जितेंद्र ने बताया कि उनको तीन साल पहले टीबी की शिकायत थी। उसके बाद वह ठीक हो गए। शाम को खाना खाने के बाद घर पर लेटे थे। अचानक खून की उल्टी हुई। इसके बाद तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी घटना में शनिवार की दोपहर करीब 1ः30 बजे प्रवेश कुमार (58) निवासी असरौली को परिजन लेकर आए। बेटा मोनू ने बताया कि दोपहर के वक्त खाना खाने के बाद अचानक खांसी आई। इसके बाद खून की उल्टी हो गई। तबीयत खराब होने पर उन्हें इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से कोई दिक्कत नहीं थी।
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मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में दोपहर करीब 12ः30 बजे अलवर (45) निवासी बरसोड़ा जिला कासगंज को परिजन एंबुलेंस से लेकर आए। यहां चिकित्सक ने परीक्षण के बाद भर्ती कर लिया। परिजन ने बताया कि अलवर के दिमाग में संक्रमण फैल चुका था। हालात गंभीर होने की वजह से एंबुलेंस में वेंटीलेटर पर लेकर आए थे। अलीगढ़ के हैरिटेज हॉस्पीटल से एटा मेडिकल कॉलेज के लिए रेफर किया गया। यहां हालात ज्यादा गंभीर होने पर उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। डिस्चार्ज होने के बाद अलवर की मौत हो गई।
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इसके बाद अलवर की बेटी शिवांशी के साथ अन्य दो बेटियां एंबुलेंस के पीछे दौड़ती रहीं लेकिन एंबुलेंस को नहीं रोका गया। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। बेटी और पत्नी का आरोप है कि मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में उपचार नहीं किया गया। इसकी वजह से उसकी मौत हो गई। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. बलवीर सिंह ने बताया कि इस मामले की जांच कराई जाएगी और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
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पारिवारिक विवाद बताया जा रहा
इमरजेंसी में अलवर की मौत होने के बाद यहां पर अलवर की तीन बेटियां और पत्नी पहुंच गईं। इनके पहुंचने से पहले ही अलवर के पिता और भाई शव लेकर एंबुलेंस में चले गए। बेटी शिवांशी ने एंबुलेंस रोकने का प्रयास किया, लेकिन एंबुलेंस नहीं रोक सकी। उसने बताया कि पिता की तबीयत खराब थी। हम लोग मां के साथ ननिहाल में थे। इसकी किसी ने कोई जानकारी नहीं दी। बाद में पता चला तो हम लोग इमरजेंसी पहुंचे। यहां से पापा के शव को लेकर चले गए। यहां पर बेटी रो-रोकर बेहोश होकर सड़क पर ही गिर पड़ी।
खून की उल्टी होने से टीबी मरीज समेत दो की मौत
- मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में चिकित्सकों ने किया मृत घोषित
संवाद न्यूज एजेंसी
एटा। मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शनिवार को दो लोगो को परिजन लेकर आए। चिकित्सक ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसमें एक युवक टीबी से पीड़ित था।
मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में शुक्रवार की रात करीब 9ः30 बजे गंगा प्रसाद (40) निवासी खंगारपुर को परिजन लेकर आए। पड़ोसी जितेंद्र ने बताया कि उनको तीन साल पहले टीबी की शिकायत थी। उसके बाद वह ठीक हो गए। शाम को खाना खाने के बाद घर पर लेटे थे। अचानक खून की उल्टी हुई। इसके बाद तबीयत ज्यादा खराब हो गई। परिजन मेडिकल कॉलेज की इमरजेंसी में लेकर आए। यहां चिकित्सक ने मृत घोषित कर दिया।
दूसरी घटना में शनिवार की दोपहर करीब 1ः30 बजे प्रवेश कुमार (58) निवासी असरौली को परिजन लेकर आए। बेटा मोनू ने बताया कि दोपहर के वक्त खाना खाने के बाद अचानक खांसी आई। इसके बाद खून की उल्टी हो गई। तबीयत खराब होने पर उन्हें इमरजेंसी लेकर आए जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। उन्होंने बताया कि उन्हें पहले से कोई दिक्कत नहीं थी।