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बारिश के लिए महिलाओं ने चलाया हल
Etah
Updated Thu, 28 Aug 2014 05:30 AM IST
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एटा। मौसम की बेरुखी से त्रस्त लोग पुरानी गाथाओं के अनुसार इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पुराने नुस्खे भी अपना रहे हैं। दर्जनों लोग खेत और सुनसान जगहों पर पूजा-पाठ कर रहे हैं, तो वहीं महिलाओं ने सामूहिक हल चलाकर ऐसी ही कोशिश की है।
शिकोहाबाद रोड स्थित नगला धनी में महिलाओं ने सामूहिक रूप से हल चलाकर भगवान इंद्र को खुश करने की कोशिश की। इस दौरान दर्जनों महिलाएं ढोलक मजीरों के साथ चल रही थीं। गांव की वयोवृद्ध बिटोला देवी और वृशो देवी ने बताया कि पुरानी किवंदतियों के अनुसार गांव की महिलाओं ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पहले मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रार्थना की। बाद में भरी दोपहर में चटक धूप में हल चलाकर बारिश की कामना की। बताते चलें कि 20 मिनट से अधिक देर तक हुए आयोजन में महिलाएं पसीने से तरबतर हो गईं। इस दौरान इनका हौसला बढ़ाने के लिए गांव की दर्जनों महिलाएं ढोलक मजीरों की थाप पर भगवान शंकर और इंद्रदेवता के गीत गा रही थीं। उपस्थित महिलाओं में गिरिजा देवी, मिथलेश, गुड्डी, निर्मला, बेबी, संजो, कांती देवी, सुषमा आदि थीं। बताते चले कि जनपद के आधा दर्जन से अधिक गांवों में जहां लोग धूमी लगाकर बारिश के लिए पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
अगस्त के उतार पर मई-जून की तपिश
तापमान से झुलस रही त्वचा, उमस से बढ़ी पसीने की चिपचिपाहट
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। अगस्त के उतार पर मई-जून जैसी गरमी से लोगों के होश उड़ रहे हैं। चटख धूप से अकुला रहे लोग बढ़ी उमस से पसीना-पसीना हो रहे हैं। असहनीय गरमी से फसलें दम तोड़ रही हैं। पशु-पक्षी अकुला रहे हैं। बारिश के दिनों में लोग पसीने से सराबोर हो रहे हैं। चटक धूप कहर बरपा रही है। बेमौसम गरमी से लोग बेहाल हैं। धान, मक्का, बाजरा आदि खाद्यान्न ही नहीं मौसम की मार हरी सब्जियों पर भी दिखने लगी है। सब्जियों के गिरे उत्पादन के चलते इनके दाम चढ़ रहे हैं। ऐसे में आम आदमी की थाली से सब्जियों का स्वाद दूर हो रहा है।
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रात को भी नहीं थम रहा गरमी का कहर
गरमी उमस का कहर रात को भी कम नहीं हो रहा। चंद्रमा की शीतलता भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही। पंखे भी नाकाम साबित हो रहे हैं। कपड़े पसीने से तरबतर हो रहे हैं। ऐसे में लोगों की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही।
बिजली ने बढ़ाई समस्या
चढ़े पारे के साथ ही चरमराई विद्युत आपूर्ति ने लोगों की परेशानियाें को और भी बढ़ा दिया है। शहरी क्षेत्रों में तो बिजली के इंतजार में लोग घंटों जाग रहे हैं। तो वहीं सिंचाई के अभाव में फसलें सूख रहीं हैं।
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शिकोहाबाद रोड स्थित नगला धनी में महिलाओं ने सामूहिक रूप से हल चलाकर भगवान इंद्र को खुश करने की कोशिश की। इस दौरान दर्जनों महिलाएं ढोलक मजीरों के साथ चल रही थीं। गांव की वयोवृद्ध बिटोला देवी और वृशो देवी ने बताया कि पुरानी किवंदतियों के अनुसार गांव की महिलाओं ने इंद्रदेव को प्रसन्न करने के लिए पहले मंदिर में पूजा-अर्चना और प्रार्थना की। बाद में भरी दोपहर में चटक धूप में हल चलाकर बारिश की कामना की। बताते चलें कि 20 मिनट से अधिक देर तक हुए आयोजन में महिलाएं पसीने से तरबतर हो गईं। इस दौरान इनका हौसला बढ़ाने के लिए गांव की दर्जनों महिलाएं ढोलक मजीरों की थाप पर भगवान शंकर और इंद्रदेवता के गीत गा रही थीं। उपस्थित महिलाओं में गिरिजा देवी, मिथलेश, गुड्डी, निर्मला, बेबी, संजो, कांती देवी, सुषमा आदि थीं। बताते चले कि जनपद के आधा दर्जन से अधिक गांवों में जहां लोग धूमी लगाकर बारिश के लिए पूजा-अर्चना कर रहे हैं।
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अगस्त के उतार पर मई-जून की तपिश
तापमान से झुलस रही त्वचा, उमस से बढ़ी पसीने की चिपचिपाहट
अमर उजाला ब्यूरो
एटा। अगस्त के उतार पर मई-जून जैसी गरमी से लोगों के होश उड़ रहे हैं। चटख धूप से अकुला रहे लोग बढ़ी उमस से पसीना-पसीना हो रहे हैं। असहनीय गरमी से फसलें दम तोड़ रही हैं। पशु-पक्षी अकुला रहे हैं। बारिश के दिनों में लोग पसीने से सराबोर हो रहे हैं। चटक धूप कहर बरपा रही है। बेमौसम गरमी से लोग बेहाल हैं। धान, मक्का, बाजरा आदि खाद्यान्न ही नहीं मौसम की मार हरी सब्जियों पर भी दिखने लगी है। सब्जियों के गिरे उत्पादन के चलते इनके दाम चढ़ रहे हैं। ऐसे में आम आदमी की थाली से सब्जियों का स्वाद दूर हो रहा है।
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रात को भी नहीं थम रहा गरमी का कहर
गरमी उमस का कहर रात को भी कम नहीं हो रहा। चंद्रमा की शीतलता भी लोगों को राहत नहीं दे पा रही। पंखे भी नाकाम साबित हो रहे हैं। कपड़े पसीने से तरबतर हो रहे हैं। ऐसे में लोगों की नींद तक पूरी नहीं हो पा रही।
बिजली ने बढ़ाई समस्या
चढ़े पारे के साथ ही चरमराई विद्युत आपूर्ति ने लोगों की परेशानियाें को और भी बढ़ा दिया है। शहरी क्षेत्रों में तो बिजली के इंतजार में लोग घंटों जाग रहे हैं। तो वहीं सिंचाई के अभाव में फसलें सूख रहीं हैं।