{"_id":"67f800fbfabbaaabec0f0a40","slug":"5-years-rigorous-imprisonment-for-gang-leader-etah-news-c-163-1-sagr1016-132148-2025-04-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Etah News: गैंगलीडर को 5 साल का कठोर कारावास","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Etah News: गैंगलीडर को 5 साल का कठोर कारावास
Thu, 10 Apr 2025 11:03 PM IST
आगरा ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
Updated Thu, 10 Apr 2025 11:03 PM IST
विज्ञापन
सांकेतिक
- फोटो : संवाद
एटा। आपराधिक गैंग का संचालन करने वाले मनजीत निवासी शेखपुरा थाना बागवाला को अदालत में दोषी ठहराया गया। विशेष न्यायाधीश गैंगस्टर एक्ट निशांत शैव्य ने उसे पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।
बागवाला थाना प्रभारी शीशपाल सिंह ने 16 जून 2008 को मनजीत और सत्यवीर निवासी मेनाठेर थाना बागवाला के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि मनजीत ने एक संगठित गिरोह बना लिया है। इसका नेतृत्व वह स्वयं करता है। अपने सदस्यों के साथ मिलकर अपहरण, हत्या जैसे अपराध करता है। अपनी इच्छाओं और शौक पूरे करने के लिए ये लोग रुपयों की वसूली करते हैं।
इनके आतंक की वजह से कोई इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और गवाही देने का साहस नहीं करता है। विभिन्न थानों में इन पर कई मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सत्यवीर को दोषमुक्त घोषित किया। जबकि मनजीत को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
बागवाला थाना प्रभारी शीशपाल सिंह ने 16 जून 2008 को मनजीत और सत्यवीर निवासी मेनाठेर थाना बागवाला के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। इसमें कहा था कि मनजीत ने एक संगठित गिरोह बना लिया है। इसका नेतृत्व वह स्वयं करता है। अपने सदस्यों के साथ मिलकर अपहरण, हत्या जैसे अपराध करता है। अपनी इच्छाओं और शौक पूरे करने के लिए ये लोग रुपयों की वसूली करते हैं।
विज्ञापन
इनके आतंक की वजह से कोई इनके खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने और गवाही देने का साहस नहीं करता है। विभिन्न थानों में इन पर कई मुकदमे दर्ज हैं। दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने सत्यवीर को दोषमुक्त घोषित किया। जबकि मनजीत को दोषी ठहराते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास के साथ ही 50 हजार रुपये अर्थदंड से दंडित करने का आदेश दिया है। अर्थदंड अदा न करने पर 3 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
विज्ञापन