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Etah News: जिले में खुलेंगे 5 जन औषधि केंद्र, 60 हजार की आबादी को मिलेंगी सस्ती दवाएं

Fri, 04 Aug 2023 11:19 PM IST
आगरा ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, एटा
संवाद न्यूज एजेंसी, एटा Updated Fri, 04 Aug 2023 11:19 PM IST
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5 Jan Aushadhi centers will open in the district, 60 thousand population will get cheap medicines
एटा। सहकारी समितियों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के साथ ही ग्रामीण इलाकों में सस्ती दवा उपलब्ध कराने की अनूठी पहल की जा रही है। सहकारी समितियों को पांच प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र संचालित करने का लाइसेंस दिया जा रहा है। इसके लिए समितियों का चयन कर लिया गया है। वहीं औषधि केंद्र खोलने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। नए केंद्र खुलने से इन पांचों स्थानों पर करीब 60 हजार की आबादी को सस्ती दवाओं का लाभ मिलेगा।
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पिछले एक वर्ष से सहकारी समितियों की दशा सुधारने के लिए वृहद स्तर पर पूरे प्रदेश में कार्य हो रहा है। सहकारिता से समृद्धि की थीम पर हो रहे काम के तहत अब सरकारी समितियों को बहुउद्देशीय समिति बीपैक्स नाम दिया गया है। यह समितियां अभी तक कृषि संबंधी कार्य ही कर रही थीं। अब उन्हें अन्य कार्यों से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाने की कवायद की जा रही है। इसी क्रम में एटा में पांच बीपैक्स को जनऔषधि केंद्र संचालित करने के लिए चुना गया है।
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आसपुर, जैथरा, गहेतू, निधौलीकलां और मिरहची में जल्द ही प्रधानमंत्री जनऔषधि केंद्र का संचालन शुरू हो जाएगा। इससे ग्रामीण इलाकों के रोगियों को सस्ती दवा मिल सकेंगी। वहीं दवाओं की बिक्री से मिलने वाले लाभांश को सहकारी समिति में जमा कर इसे आर्थिक रूप से मजबूत किया जाएगा। एक जनऔषधि केंद्र को एक लाख रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। संवाद
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आबादी को देख किया गया चयन
जिन पांच सहकारी समितियों पर जनऔषधि केंद्र खोले जा रहे हैं। वहां पांच हजार से अधिक आबादी को देखा गया है और ऐसे भी क्षेत्र देखे गए हैं जहां लोगों को निकलना अधिक रहता है। गहेतू व आसपुर में पांच-पांच हजार से अधिक की आबादी है। जबकि जैथरा में 25 हजार तो निधौलीकलां में दस हजार से अधिक है। वहीं मिरहची में भी दस हजार से अधिक है। तीन कस्बे सहित दो ग्रामीण क्षेत्र की समितियां हैं।


अभी दस केंद्र, रहती है दवाओं की कमी
जिले में वर्तमान में दस जनऔषधि केंद्र संचालित हैं। लेकिन इन केंद्रों पर दवाओं की कमी रहती है। कम से कम 600 प्रकार की दवाएं होनी चाहिए, लेकिन जिले में संचालित केंदों पर 150 से 200 प्रकार की ही दवाएं उपलब्ध हैं। ऐसे में सहकारी समितियों को यह भी ध्यान देना होगा कि नए जन औषधि केंद्रों पर मांग और लोगों की जरूरत के अनुरूप पूरी दवाएं मुहैया कराई जाएं।



यहां पहले से खुले हैं जनऔषधि केंद्र
शहर में- 4
जलेसर- 2
अवागढ़-2
करतला-1
अलीगंज-1



सहकारी समिति बीपैक्स पर जनऔषधि केंद्र खोले जाएंगे। इसके लिए समितियों का चयन कर लिया गया है। जनऔषधि केंद्र खुलने से ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को सस्ती दवाएं मिलेंगी। वहीं समितियां भी आत्मनिर्भर बनेंगी। - मोहम्मद कामिल, एआर को-ऑपरेटिव
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