{"_id":"5bcee977bdec2269625f5872","slug":"devotees-will-have-no-problem-to-see-akshayawat-and-saraswati-kund-in-prayag","type":"story","status":"publish","title_hn":"कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को अक्षयवट और सरस्वती कुंड के दर्शन में नहीं होगी कोई परेशानी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को अक्षयवट और सरस्वती कुंड के दर्शन में नहीं होगी कोई परेशानी
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, प्रयागराज
Updated Tue, 23 Oct 2018 04:08 PM IST
विज्ञापन
Kumbh mela
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रयाग कुंभ के दौरान श्रद्धालुओं को कोई परेशानी न हो इसके लिए प्रशासन तैयारियों में जुट गया है। संगम के किनारे स्थित किले के अंदर आस्था के केन्द्रों को दर्शनार्थ खोले जाने को लेकर राज्य सरकार भी गंभीर है। हाल में ही जिला प्रशासन ने किले में स्थित अक्षयवट और सरस्वती कूप को खोले जाने के लिए सैन्य अफसरों को पत्र भेजा है।
इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि हाल ही में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने किले में स्थित इन धार्मिक केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए थे। प्रयागराज के जिलाधिकारी ने सेना अधिकारियों से आग्रह करते हुए 17 अक्टूबर को महानिदेशक पर्यटन की ओर से रक्षा मंत्रालय को लिखे पत्र का हवाला दिया है।
इस पत्र के अनुसार 1 जनवरी 2019 से 31 मार्च तक अवधि में श्रद्धालुओं को अक्षयवट, सरस्वती कूप और पातालपुरी के दर्शन 24 घंटे निरंतर रहेगा। कुंभ की समाप्ति के बाद इसका समय घटकर सूर्योदय से सूर्यास्त रहेगा।
विज्ञापन
कहा जाता है कि भगवान विष्णु बाल मुकुंद के रूप में अक्षयवट के पत्तों पर शयन करते हैं।
विज्ञापन
इसका अंदाजा इस बात से ही लगाया जा सकता है कि हाल ही में रक्षामंत्री निर्मला सीतारमण ने किले में स्थित इन धार्मिक केन्द्रों का निरीक्षण कर आवश्यक दिशानिर्देश दिए थे। प्रयागराज के जिलाधिकारी ने सेना अधिकारियों से आग्रह करते हुए 17 अक्टूबर को महानिदेशक पर्यटन की ओर से रक्षा मंत्रालय को लिखे पत्र का हवाला दिया है।
विज्ञापन
इस पत्र के अनुसार 1 जनवरी 2019 से 31 मार्च तक अवधि में श्रद्धालुओं को अक्षयवट, सरस्वती कूप और पातालपुरी के दर्शन 24 घंटे निरंतर रहेगा। कुंभ की समाप्ति के बाद इसका समय घटकर सूर्योदय से सूर्यास्त रहेगा।
विज्ञापन
कहा जाता है कि भगवान विष्णु बाल मुकुंद के रूप में अक्षयवट के पत्तों पर शयन करते हैं।