फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Deoria News ›   week dams can be danger

दोआबा में तबाही मचा सकते हैं जर्जर बांध

Wed, 01 Jun 2016 11:52 PM IST
deoria
deoria Updated Wed, 01 Jun 2016 11:52 PM IST
विज्ञापन
week dams can be danger
- फोटो : amar ujala bureau
रुद्रपुर। दोआबा और कछार में जर्जर बांध बरसात में तबाही मचा सकते है। राप्ती और गोर्रा नदीं बने लगभग 100 किलोमीटर तटबंधों पर तीन साल से मरम्मत कार्य नहीं हुआ है। इस कारण बंधों पर जगह जगह गढ्ढे हो गए हैं। कटान स्थल करोड़ों की परियोजना चला रहा सिंचाई विभाग बंधो की मरम्मत को लेकर अभी कोई तैयारी नहीं कर पाया है।
विज्ञापन


उल्लेखनीय है कि रुद्रपुर के बाढ़ प्रभावित इलाके में दो नदियों के उफान से कई बार तबाही मच चुकी है। यहां राप्ती और गोर्रा के वेग से दोआबा और कछार के 116 गांवों को बचाने के लिए करीब 100 किलोमीटर तटबंध बनाए गए हैं। वर्ष 1998 और 2001 की भीषण बाढ़ में दोआबा के 52 और कछार के 64 गांवों तबाही मची थी। इस दौरान दो नदियों ने करीब तीन दर्जन तटबंधों को तहस नहस कर दिया। इस तबाही के बाद क्षेत्र में 100 किलोमीटर बांध बनाकर उसकी सुरक्षा की जिम्मेदारी सिंचाई विभाग को सौंपी गई। पिछले कई सालों से बाढ़ नहीं आने से मरम्मत के नाम पर सिंचाई विभाग खानापूर्ति कराता रहा।

विज्ञापन

हालांकि हर साल बाढ़ निरोधक काम के नाम पर बंधों पर करोड़ों रुपये का वारा न्यारा हो जाता, पर बंधों पर एक खांची मिट्टी दिखाई नहीं देती। दोआबा के राप्ती नदी पर बना सबसे बड़ा तट बंध तिघरा मराछी की हालात अत्यंत दयनीय है। यह बांध जगह जगह खदर कर गिर रहा है। बांध की मरम्मत नहीं होने से राहगीरों को खासा परेशान होना पड़ रहा है। यहीं हाल पलिया छपरा, गाजन डहरौली, सेमरौना नकईल, पिड़रा करनपुर, पिड़रा भुसउल, जोगिया सरमोहना आदि बंधों का है। कछार क्षेत्र के बंधे इस कदर जर्जर हो गए हैं कि मानसून आने के पहले हुई बारिश में ही कई जगह दरारे दिख रही हैं। बंधों की मरम्मत का कोई तैयारी नहीं है। बंधों की जर्जर हालत से आसन्न बारिश को लेकर दोआबा और कछार के लोगों में चिंता बनी है।

विज्ञापन
विज्ञापन


बरसात के पहले बंधों के मरम्मत की तैयारी कर ली गई है। अभियंताओं को बांध आवंटित कर दिए गए हैं। उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी अवर अभियंता की होगी। - वीरेंद्र सिंह, अधिशासी अभियंता, सिंचाई विभाग 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed