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Deoria News: अनाड़ी ई-रिक्शा चालकों की भरमार, हो सकते हैं दुर्घटना के शिकार
Thu, 01 Feb 2024 03:40 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Thu, 01 Feb 2024 03:40 AM IST
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बिना ड्राइविंग लाइसेंस के शहर की मुख्य सड़कों पर चल रहे हैं ई रिक्शा चालक
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साढ़े तीन हजार ई-रिक्शा चल रहे, अधिकतर के पास के ड्राइविंग लाइसेंस नहीं, खतरे में सवारियों की जान
....फोटो समाचार
देवरिया। शहर में ज्यादातर ई-रिक्शा अनाड़ी चला रहे हैं। इनमें किशोर भी शामिल हैं। ऐसे चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं होता। लापरवाही पूर्वक ई-रिक्शा चलाने से कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके मनमानी पर रोक नहीं लग रही है।
एआरटीओ के मुताबिक, जिले में साढ़े तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनके चालकों में केवल दो हजार के पास ही डीएल है। जिनके पास दोपहिया वाहन के लाइसेंस हैं, वे भी खुलेआम बिना डर भय के इसे दौड़ा रहे हैं। जबकि शहर में और जिले की विभिन्न जगहों पर ई-रिक्शा के पलटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
इसमें एक नवजात की मौत हो चुकी है, वहीं, बहुत लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी एआरटीओ कार्यालय के जिम्मेदार सुस्त बने हुए हैं।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को शहर में चल रहे ई-रिक्शा चालकों के बारे में पड़ताल शुरू की तो कई चौंकाने वाली बातें पता चलीं। दोपहर एक बजे बस अड्डे के पास ई-रिक्शा चालक छोटू तीन सवारी बैठाए जा रहा था। पीछे की एक सीट खाली थी। इसके लिए वह इंतजार कर रहा था। छोटू से पूछने पर बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस अभी नहीं है, जल्द ही बनवा लूंगा।
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दोपहर दो बजे कोआपरेटिव चौराहे इरशाद अपना ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी भर रहा था। उसने बताया कि उसके पास दोपहिया का डीएल है। सवारी वाहन का नहीं हैं। अभी किसी ने रोका भी नहीं है। रोकेगा तो देखा जाएगा।
दोपहर तीन बजे रामलीला मैदान रोड पर कई ई-रिक्शा चालक खड़े थे। जो इस मार्ग से सवारी आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान हनुमान मंदिर की ओर से एक ई-रिक्शा चालक आया और खरीदारी कर लौटीं दो महिलाएं उसमें बैठ गईं। चालक देखने से ही नाबालिग लग रहा था। उसके पास भी डीएल नहीं था। इसी प्रकार शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी कम उम्र के चालक यह वाहन चलाते दिखे।
नहीं हो सका रूट का निर्धारण
एक साल पहले परिवहन विभाग की विभागीय समीक्षा में ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारण किए जाने का निर्णय हुआ था। हालांकि, इसका पालन अब तक कराया नहीं जा सका है। जबकि शहर से लेकर देेहात क्षेत्रों में ई-रिक्शा चालकों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कई शहरवासी तो प्रमुख जगहों पर जाम की बड़ी वजह इन्हें मान रहे हैं। वह यातायात व परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की सुस्ती पर भी सवाल खड़ा करते हैं।
केस एक
25 जनवरी को देवरिया-हाटा मार्ग पर ई रिक्शा अनियंत्रित होकर पलटने से चालक समेत एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए थे। इसमें परसौना निवासी सुनील गुप्ता व उनकी पत्नी व मां को चोटें आई थीं। चालक नया ई-रिक्शा खरीदकर सड़क पर दौड़ा रहा था।
केस दो
6 दिसंबर को शादी समारोह में जाते समय रात में ई-रिक्शा गौरा चौराहा के पास अनियंत्रित होकर पलट गया था। इसमें 22 दिन के एक बच्चे की मौत हो गई थी। उसकी मां सीमा व पिता नवीन कुशवाहा निवासी जिगिना मिश्र तेनुआ टोला घायल हो गए थे।
केस तीन
23 अप्रैल को बरहज नगर के रामजानकी मार्ग पर ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें सवार आजादनगर दक्षिणी की निवासी विमला देवी और बेबी तथा गौरीबाजार की मंजू घायल हो गई थी।
स्पीकअप
शहर में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई नाबालिग भी इसे तेज गति से दौड़ा रहे हैं। कई बार ऐसे चालकों से आराम से चलने को कहा जाता है, लेकिन ये अपनी मनमानी जारी रखते हैं। सड़क पर पैदल आने-जाने के दौरान कब यह अचानक पीछे से आ जाते हैं, पता ही नहीं चलता।
-संध्या यादव, साकेतनगर
हर दिन स्कूल ऑटो या ई-रिक्शा से आना-जाना होता है। ये मनमाने तरीके से चलते हैं। 15 दिन पहले ही गोरखपुर ओवरब्रिज पर एक ई-रिक्शा तेजी से चलने के चक्कर में पलट गया। इसके बाद लोगों ने चालक को खूब डांट लगाई। इनकी मनमानी रुके यह यातायात पुलिस को देखना चाहिए।
-हेमा त्रिपाठी, शिक्षिका भुजौली काॅलोनी
बिना ड्राइविंग लाइसेंस चलने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ जांच कर हर दिन कार्रवाई की जाती है। इन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। जल्द ही पुन: अभियान चलाकर इसका परीक्षण किया जाएगा। ऐसे चालकों को डीएल बनवा लेने के लिए जागरूक भी किया जाता है।
-एके शुक्ला, एआरटीओ
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....फोटो समाचार
देवरिया। शहर में ज्यादातर ई-रिक्शा अनाड़ी चला रहे हैं। इनमें किशोर भी शामिल हैं। ऐसे चालकों के पास ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं होता। लापरवाही पूर्वक ई-रिक्शा चलाने से कई हादसे हो चुके हैं। बावजूद इसके मनमानी पर रोक नहीं लग रही है।
एआरटीओ के मुताबिक, जिले में साढ़े तीन हजार से अधिक ई-रिक्शा पंजीकृत हैं। इनके चालकों में केवल दो हजार के पास ही डीएल है। जिनके पास दोपहिया वाहन के लाइसेंस हैं, वे भी खुलेआम बिना डर भय के इसे दौड़ा रहे हैं। जबकि शहर में और जिले की विभिन्न जगहों पर ई-रिक्शा के पलटने की कई घटनाएं हो चुकी हैं।
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इसमें एक नवजात की मौत हो चुकी है, वहीं, बहुत लोग घायल हो चुके हैं। इसके बाद भी एआरटीओ कार्यालय के जिम्मेदार सुस्त बने हुए हैं।
अमर उजाला की टीम ने बुधवार को शहर में चल रहे ई-रिक्शा चालकों के बारे में पड़ताल शुरू की तो कई चौंकाने वाली बातें पता चलीं। दोपहर एक बजे बस अड्डे के पास ई-रिक्शा चालक छोटू तीन सवारी बैठाए जा रहा था। पीछे की एक सीट खाली थी। इसके लिए वह इंतजार कर रहा था। छोटू से पूछने पर बताया कि ड्राइविंग लाइसेंस अभी नहीं है, जल्द ही बनवा लूंगा।
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दोपहर दो बजे कोआपरेटिव चौराहे इरशाद अपना ई-रिक्शा खड़ा कर सवारी भर रहा था। उसने बताया कि उसके पास दोपहिया का डीएल है। सवारी वाहन का नहीं हैं। अभी किसी ने रोका भी नहीं है। रोकेगा तो देखा जाएगा।
दोपहर तीन बजे रामलीला मैदान रोड पर कई ई-रिक्शा चालक खड़े थे। जो इस मार्ग से सवारी आने का इंतजार कर रहे थे। इसी दौरान हनुमान मंदिर की ओर से एक ई-रिक्शा चालक आया और खरीदारी कर लौटीं दो महिलाएं उसमें बैठ गईं। चालक देखने से ही नाबालिग लग रहा था। उसके पास भी डीएल नहीं था। इसी प्रकार शहर के अन्य प्रमुख मार्गों पर भी कम उम्र के चालक यह वाहन चलाते दिखे।
नहीं हो सका रूट का निर्धारण
एक साल पहले परिवहन विभाग की विभागीय समीक्षा में ई-रिक्शा संचालन के लिए रूट निर्धारण किए जाने का निर्णय हुआ था। हालांकि, इसका पालन अब तक कराया नहीं जा सका है। जबकि शहर से लेकर देेहात क्षेत्रों में ई-रिक्शा चालकों की संख्या बढ़ती ही जा रही है। कई शहरवासी तो प्रमुख जगहों पर जाम की बड़ी वजह इन्हें मान रहे हैं। वह यातायात व परिवहन विभाग के जिम्मेदारों की सुस्ती पर भी सवाल खड़ा करते हैं।
केस एक
25 जनवरी को देवरिया-हाटा मार्ग पर ई रिक्शा अनियंत्रित होकर पलटने से चालक समेत एक ही परिवार के चार लोग घायल हो गए थे। इसमें परसौना निवासी सुनील गुप्ता व उनकी पत्नी व मां को चोटें आई थीं। चालक नया ई-रिक्शा खरीदकर सड़क पर दौड़ा रहा था।
केस दो
6 दिसंबर को शादी समारोह में जाते समय रात में ई-रिक्शा गौरा चौराहा के पास अनियंत्रित होकर पलट गया था। इसमें 22 दिन के एक बच्चे की मौत हो गई थी। उसकी मां सीमा व पिता नवीन कुशवाहा निवासी जिगिना मिश्र तेनुआ टोला घायल हो गए थे।
केस तीन
23 अप्रैल को बरहज नगर के रामजानकी मार्ग पर ई-रिक्शा अनियंत्रित होकर पलट गया। इसमें सवार आजादनगर दक्षिणी की निवासी विमला देवी और बेबी तथा गौरीबाजार की मंजू घायल हो गई थी।
स्पीकअप
शहर में ई-रिक्शा की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। कई नाबालिग भी इसे तेज गति से दौड़ा रहे हैं। कई बार ऐसे चालकों से आराम से चलने को कहा जाता है, लेकिन ये अपनी मनमानी जारी रखते हैं। सड़क पर पैदल आने-जाने के दौरान कब यह अचानक पीछे से आ जाते हैं, पता ही नहीं चलता।
-संध्या यादव, साकेतनगर
हर दिन स्कूल ऑटो या ई-रिक्शा से आना-जाना होता है। ये मनमाने तरीके से चलते हैं। 15 दिन पहले ही गोरखपुर ओवरब्रिज पर एक ई-रिक्शा तेजी से चलने के चक्कर में पलट गया। इसके बाद लोगों ने चालक को खूब डांट लगाई। इनकी मनमानी रुके यह यातायात पुलिस को देखना चाहिए।
-हेमा त्रिपाठी, शिक्षिका भुजौली काॅलोनी
बिना ड्राइविंग लाइसेंस चलने वाले ई-रिक्शा चालकों के खिलाफ जांच कर हर दिन कार्रवाई की जाती है। इन पर पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया जाता है। जल्द ही पुन: अभियान चलाकर इसका परीक्षण किया जाएगा। ऐसे चालकों को डीएल बनवा लेने के लिए जागरूक भी किया जाता है।
-एके शुक्ला, एआरटीओ