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बलिया बलिदान दिवस पर क्रांतिकारियों को दी श्रद्धांजलि
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बलिया बलिदान दिवस पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि कर बलिया के क्रांतिकारियो?
- फोटो : DEORIA
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बलिया बलिदान दिवस पर क्रांतिकारियों को दी श्रद्धांजलि
देवरिया। बलिया बलिदान दिवस पर शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। जिला महामंत्री प्रमोद शाही ने कहा कि 19 अगस्त 1942 को बलिया के क्रांतिकारियों ने जिले को आजाद घोषित कर अपनी सरकार बना ली थी। इस दिवस को बलिया बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि बागी बलिया के सैकड़ों क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लेते हुए जिला कारागार का दरवाजा खोल दिया और साथी क्रांतिकारियों को आजाद कराया था। आज का दिन बलिया ही नहीं, पूरे यूपी और देश के लिए गौरव का दिन है। बलिया के सपूतों ने न सिर्फ ब्रिटिश सरकार को उखाड़ने का काम किया, बल्कि बलिया को राष्ट्र घोषित कर यहां एक समानांतर सरकार भी बनाई। उसका नाम रखा गया था स्वतंत्र बलिया प्रजातंत्र।
किसान मोर्चा के अध्यक्ष पवन कुमार मिश्र ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेने में महर्षि भृगु की धरा के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और देश की आजादी से पांच साल पहले ही आजाद भारत माता का दर्शन कर दिया था। चित्तू पांडे की अगुवाई में 1942 में आज ही के दिन बलिया आजाद घोषित हो गया था। कार्यक्रम के संयोजक एडवोकेट अमित कुमार दुबे, भाजपा मीडिया प्रभारी अंबिकेश पांडेय, अरुण कुमार मिश्र, शुभम मणि त्रिपाठी, राजन मल्ल, अजित मिश्र, ओम तिवारी, प्रवीण तिवारी, सन्नी शाही आदि मौजूद रहे।
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देवरिया। बलिया बलिदान दिवस पर शुक्रवार को भाजपा कार्यकर्ताओं ने रामलीला मैदान स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित की। क्रांतिकारियों को श्रद्धांजलि दी। जिला महामंत्री प्रमोद शाही ने कहा कि 19 अगस्त 1942 को बलिया के क्रांतिकारियों ने जिले को आजाद घोषित कर अपनी सरकार बना ली थी। इस दिवस को बलिया बलिदान दिवस के रूप में मनाया जाता है।
उन्होंने कहा कि बागी बलिया के सैकड़ों क्रांतिकारियों ने ब्रिटिश हुकूमत से लोहा लेते हुए जिला कारागार का दरवाजा खोल दिया और साथी क्रांतिकारियों को आजाद कराया था। आज का दिन बलिया ही नहीं, पूरे यूपी और देश के लिए गौरव का दिन है। बलिया के सपूतों ने न सिर्फ ब्रिटिश सरकार को उखाड़ने का काम किया, बल्कि बलिया को राष्ट्र घोषित कर यहां एक समानांतर सरकार भी बनाई। उसका नाम रखा गया था स्वतंत्र बलिया प्रजातंत्र।
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किसान मोर्चा के अध्यक्ष पवन कुमार मिश्र ने कहा कि अंग्रेजी हुकूमत से लोहा लेने में महर्षि भृगु की धरा के लोगों ने बढ़-चढ़ कर हिस्सा लिया और देश की आजादी से पांच साल पहले ही आजाद भारत माता का दर्शन कर दिया था। चित्तू पांडे की अगुवाई में 1942 में आज ही के दिन बलिया आजाद घोषित हो गया था। कार्यक्रम के संयोजक एडवोकेट अमित कुमार दुबे, भाजपा मीडिया प्रभारी अंबिकेश पांडेय, अरुण कुमार मिश्र, शुभम मणि त्रिपाठी, राजन मल्ल, अजित मिश्र, ओम तिवारी, प्रवीण तिवारी, सन्नी शाही आदि मौजूद रहे।
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