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बर्खास्त तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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बर्खास्त तीन शिक्षकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज
रुद्रपुर। तीन बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना का मुकदमा दर्ज कर लिया। दो शिक्षक दूसरे के नाम पर और एक शिक्षक के अंकपत्र में कूट रचना उजागर हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बीईओ रुद्रपुर और बैतालपुर ने तहरीर देकर अभियोग पंजीकृत कराया।
बैतालपुर के बीईओ गोपाल शरण मिश्र की तहरीर पर बलुहवा महराजगंज प्राथमिक विद्यालय पर कार्यरत रहे शिक्षक आनंद सिंह पर केस दर्ज हुआ। वह दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहा था। जांच के दौरान शिक्षक एमडीएम खाते से रकम निकाल कर फरार हो गया। वह महराजगंज जिले में तैनात शिक्षक आनंद सिंह के नाम और कागजात पर नौकरी कर रहा था। एकौना थाने में रुद्रपुर के बीईओ लक्ष्मी नरायन की तहरीर पर कार्रवाई की गई। भेड़ी में तैनात आनंद गांधी के अंकपत्र में कूट रचना मिली। उसने स्नातक की मार्कशीट में अंक बढ़ा कर आवेदन किया था। आरोपी शिक्षक बर्खास्त होने से पहले बैंक से लोन लेकर फरार हो गया। कंपोजिट विद्यालय जगत माझा में तैनात शिक्षक विवेक कुमार भी जांच में फर्जी मिला। वह गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र में विवेक कुमार त्रिपाठी के कागजात पर नौकरी कर रहा था। एसटीएफ की जांच में फर्जी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। सीओ अंबिका प्रसाद ने कहा कि एकौना और रुद्रपुर थाने में फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच करेगी। जांच में सभी दोषियों का नाम उजागर किया जाएगा।
परिषदीय विद्यालय के चार शिक्षकों पर फर्जीवाड़ा का केस
फर्जी अंकपत्र के सहारे कर रहे थे नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी/बरहज। विकासखंड बरहज, बनकटा एवं भाटपाररानी के परिषदीय विद्यालयों में तैनात चार शिक्षक फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करते पकड़े गए हैं। एनके विरुद्ध शुक्रवार को खामपार थाने में बीईओ की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है।
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विकासखंड बनकटा अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात शिक्षक राम लखन फर्जी अंकपत्र व प्रमाण पत्र के आधार पर पिछले कई वर्षों से नौकरी कर रहे थे। इसी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बखरी बाजार में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात विनीता यादव कानपुर में इसी नाम की शिक्षिका के प्रमाण पत्र के आधार पर पिछले कई वर्षों से नौकरी कर रही थीं तथा सुरेंद्र प्रताप सिंह विकासखंड भाटपाररानी के प्राथमिक विद्यालय बिरमा पट्टी मे प्रधानाध्यापक पद पर तैनात थे। वे भी फर्जी अंकपत्र व प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे। पकड़े गए तीनों शिक्षक प्रदेश के अन्य जिलों के रहने वाले हैं। खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों को मानव संपदा के आधार पर फर्जी पैन कार्ड के जरिए जांचोपरांत पकड़ा गया है। उनके विरुद्ध खामपार थाने में तहरीर दे दी गई है। सीओ पंचम लाल ने बताया कि तीनों शिक्षकों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
बरहज क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा के सहायक शिक्षक नरेंद्र यादव पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा सहित अन्य विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। उन पर फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के जरिए कूटरचित तरीके से नौकरी करने का आरोप है।
बीईओ लक्ष्मीनारायण की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा के सहायक अध्यापक नरेंद्र यादव के खिलाफ शुक्रवार को फर्जीवाड़े का केस दर्ज किया है। नरेंद्र यादव बरहज शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त है। करीब छह माह पूर्व से एसटीएफ की ओर से उनके प्रमाणपत्रों की जांच कराई जा रही है। नियुक्ति में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर जांच टीम ने रिपोर्ट प्रेषित किया। नरेंद्र ने परिषदीय विद्यालय में शिक्षक की नौकरी के आवेदन में डीडीयू से स्नातक और बीएड पास होने की डिग्री लगाई थी। गोरखपुर यूनिवर्सिटी की बीएड की डिग्री जांच में उस अनुक्रमांक और वर्ष से संबंधित कोई अभिलेख मौजूद नहीं है। एसओ जयंत कुमार सिंह ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा के सहायक अध्यापक नरेंद्र यादव के विरुद्ध फर्जीवाड़ा का केस दर्ज किया गया है।
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रुद्रपुर। तीन बर्खास्त शिक्षकों के खिलाफ शुक्रवार को पुलिस ने धोखाधड़ी और कूटरचना का मुकदमा दर्ज कर लिया। दो शिक्षक दूसरे के नाम पर और एक शिक्षक के अंकपत्र में कूट रचना उजागर हुई है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर बीईओ रुद्रपुर और बैतालपुर ने तहरीर देकर अभियोग पंजीकृत कराया।
बैतालपुर के बीईओ गोपाल शरण मिश्र की तहरीर पर बलुहवा महराजगंज प्राथमिक विद्यालय पर कार्यरत रहे शिक्षक आनंद सिंह पर केस दर्ज हुआ। वह दूसरे के नाम पर नौकरी कर रहा था। जांच के दौरान शिक्षक एमडीएम खाते से रकम निकाल कर फरार हो गया। वह महराजगंज जिले में तैनात शिक्षक आनंद सिंह के नाम और कागजात पर नौकरी कर रहा था। एकौना थाने में रुद्रपुर के बीईओ लक्ष्मी नरायन की तहरीर पर कार्रवाई की गई। भेड़ी में तैनात आनंद गांधी के अंकपत्र में कूट रचना मिली। उसने स्नातक की मार्कशीट में अंक बढ़ा कर आवेदन किया था। आरोपी शिक्षक बर्खास्त होने से पहले बैंक से लोन लेकर फरार हो गया। कंपोजिट विद्यालय जगत माझा में तैनात शिक्षक विवेक कुमार भी जांच में फर्जी मिला। वह गोरखपुर जिले के खजनी क्षेत्र में विवेक कुमार त्रिपाठी के कागजात पर नौकरी कर रहा था। एसटीएफ की जांच में फर्जी पाए जाने पर बेसिक शिक्षा विभाग ने तीनों शिक्षकों को बर्खास्त कर दिया है। सीओ अंबिका प्रसाद ने कहा कि एकौना और रुद्रपुर थाने में फर्जी शिक्षकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच करेगी। जांच में सभी दोषियों का नाम उजागर किया जाएगा।
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परिषदीय विद्यालय के चार शिक्षकों पर फर्जीवाड़ा का केस
फर्जी अंकपत्र के सहारे कर रहे थे नौकरी
संवाद न्यूज एजेंसी
भाटपाररानी/बरहज। विकासखंड बरहज, बनकटा एवं भाटपाररानी के परिषदीय विद्यालयों में तैनात चार शिक्षक फर्जी अंकपत्र व प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी करते पकड़े गए हैं। एनके विरुद्ध शुक्रवार को खामपार थाने में बीईओ की तहरीर पर केस दर्ज किया गया है।
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विकासखंड बनकटा अंतर्गत प्राथमिक विद्यालय कौशलपुर में सहायक अध्यापक पद पर तैनात शिक्षक राम लखन फर्जी अंकपत्र व प्रमाण पत्र के आधार पर पिछले कई वर्षों से नौकरी कर रहे थे। इसी विकास खंड के प्राथमिक विद्यालय बखरी बाजार में प्रधानाध्यापक पद पर तैनात विनीता यादव कानपुर में इसी नाम की शिक्षिका के प्रमाण पत्र के आधार पर पिछले कई वर्षों से नौकरी कर रही थीं तथा सुरेंद्र प्रताप सिंह विकासखंड भाटपाररानी के प्राथमिक विद्यालय बिरमा पट्टी मे प्रधानाध्यापक पद पर तैनात थे। वे भी फर्जी अंकपत्र व प्रमाण पत्र के आधार पर नौकरी कर रहे थे। पकड़े गए तीनों शिक्षक प्रदेश के अन्य जिलों के रहने वाले हैं। खंड शिक्षा अधिकारी शैलेंद्र कुमार ने बताया कि तीनों को मानव संपदा के आधार पर फर्जी पैन कार्ड के जरिए जांचोपरांत पकड़ा गया है। उनके विरुद्ध खामपार थाने में तहरीर दे दी गई है। सीओ पंचम लाल ने बताया कि तीनों शिक्षकों के विरुद्ध धोखाधड़ी सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर विवेचना की जा रही है।
बरहज क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा के सहायक शिक्षक नरेंद्र यादव पर पुलिस ने फर्जीवाड़ा सहित अन्य विभिन्न धाराओं में केस दर्ज किया है। उन पर फर्जी शैक्षिक प्रमाण पत्रों के जरिए कूटरचित तरीके से नौकरी करने का आरोप है।
बीईओ लक्ष्मीनारायण की तहरीर पर पुलिस ने पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा के सहायक अध्यापक नरेंद्र यादव के खिलाफ शुक्रवार को फर्जीवाड़े का केस दर्ज किया है। नरेंद्र यादव बरहज शिक्षा क्षेत्र के पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा में सहायक अध्यापक पद पर नियुक्त है। करीब छह माह पूर्व से एसटीएफ की ओर से उनके प्रमाणपत्रों की जांच कराई जा रही है। नियुक्ति में फर्जीवाड़ा उजागर होने पर जांच टीम ने रिपोर्ट प्रेषित किया। नरेंद्र ने परिषदीय विद्यालय में शिक्षक की नौकरी के आवेदन में डीडीयू से स्नातक और बीएड पास होने की डिग्री लगाई थी। गोरखपुर यूनिवर्सिटी की बीएड की डिग्री जांच में उस अनुक्रमांक और वर्ष से संबंधित कोई अभिलेख मौजूद नहीं है। एसओ जयंत कुमार सिंह ने बताया कि बीईओ की तहरीर पर पूर्व माध्यमिक विद्यालय हरनौठा के सहायक अध्यापक नरेंद्र यादव के विरुद्ध फर्जीवाड़ा का केस दर्ज किया गया है।