{"_id":"6994beeb206f3c850c052e0d","slug":"the-principal-demanded-rs-35000-for-the-admission-form-and-expelled-the-student-from-the-school-for-not-paying-deoria-news-c-208-1-deo1035-175177-2026-02-18","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: प्रधानाचार्य ने प्रवेश पत्र के लिए मांगें 35 हजार, नहीं देने पर स्कूल से भगाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: प्रधानाचार्य ने प्रवेश पत्र के लिए मांगें 35 हजार, नहीं देने पर स्कूल से भगाया
Wed, 18 Feb 2026 12:48 AM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Wed, 18 Feb 2026 12:48 AM IST
विज्ञापन
तरकुलवा। केंद्र सरकार एक तरफ बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ का नारा दे रही है, वहीं कुछ प्रधानाचार्य सरकार के इस मुहिम की हवा निकाल रहे हैं। यूपी बोर्ड परीक्षा के एक दिन पहले एक प्रधानाचार्य द्वारा अपनी दो बेटियों का प्रवेश पत्र लेने गए पिता को भगा देने का मामला सामने आया है। आरोप है कि एक पिता दस हजार में अंगूठी बेचकर दो बेटियों का प्रवेश पत्र लेने स्कूल गया था, लेकिन प्रधानाचार्य उससे 35 हजार रुपये मांग रहा था। मामला पथरदेवा विकास खंड के एक चर्चित इंटर कॉलेज का बताया जा रहा है।
जानकारी के मुताबिक बोर्ड परीक्षा के ठीक एक दिन पहले पथरदेवा विकास खंड के एक विद्यालय में अपनी दो बेटियों का प्रवेश पत्र लेने गए पिता को प्रधानाचार्य और उसके सहयोगियों ने भगा दिया। पथरदेवा कस्बा का रहने वाला पीड़ित पिता इस मामले का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस तरह के किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। पीड़ित राजकुमार मद्धेशिया ने आरोप लगाया है कि पड़ोस के एक इंटर कॉलेज में उनकी दो बेटियां गुड़िया और समीक्षा 12वीं में पढ़ती हैं। 18 फरवरी को द्वितीय पाली में हिंदी विषय की परीक्षा है। आरोप है कि वे मंगलवार को अंगूठी बेचकर दस हजार रुपये लेकर बेटियों का प्रवेश पत्र लेने गए थे, लेकिन वहां पहुंचने पर प्रधानाचार्य उनसे 35 हजार रुपये की मांग करने लगे। जब उन्होंने इतनी अधिक फीस की वजह पूछी तो प्रधानाचार्य व उनके सहयोगियों ने उनके साथ अभद्रता की और स्कूल से बाहर निकाल दिया। राजकुमार ने बताया कि प्रधानाचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि जो मर्जी करो, जब तक पूरा 35 हजार रुपये जमा नहीं करोगे लड़कियों को परीक्षा में उन्हें बैठने नहीं दिया जाएगा।
पथरदेवा के स्कूल में प्रवेश पत्र के नाम रुपये मांगने की शिकायत नहीं मिली है। पता करके इस मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी प्रवेश पत्र के बदले में रुपये लेने का अधिकार नहीं है। बोर्ड द्वारा प्रवेश पत्र नि:शुल्क वितरित कराया जा रहा है।
विज्ञापन
- शिवनारायण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, देवरिया
दो साल पढ़ी छात्रा, फिर भी स्कूल ने नहीं किया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संवरेजी खर्ग के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने मंगलवार को डीएम से मिलकर प्रवेश पत्र नहीं देने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मामले की जांच करने को कहा। डीआईओएस की जांच में पता चला कि छात्रा का पंजीकरण ही नहीं हुआ है। डीआईओएस ने पूरे प्रकरण की जांच सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय को सौंपी है।
यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त संवरेजी खर्ग के एक इंटर कॉलेज में छात्रा मृदुला सिंह इंटर की पढ़ाई कर रही थी। वह मंगलवार को विद्यालय में प्रवेश पत्र लेने पहुंची तो उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया। इसके बाद छात्रा ने डीएम से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने जांच पड़ताल की तो उसका पंजीकरण विद्यालय में नहीं मिला। इसके बाद डीआईओएस ने पूरे प्रकरण की जांच सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय को सौंप दिया है। हालांकि छात्रा बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठने पाएगी।
छात्रा का पंजीकरण विद्यालय की ओर से यूपी बोर्ड में नहीं मिला है। इसलिए उसको परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिल पाएगा। इस प्रकरण की जांच सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय को सौंपी गई है। जांच में दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शिवनारायण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक
विज्ञापन
जानकारी के मुताबिक बोर्ड परीक्षा के ठीक एक दिन पहले पथरदेवा विकास खंड के एक विद्यालय में अपनी दो बेटियों का प्रवेश पत्र लेने गए पिता को प्रधानाचार्य और उसके सहयोगियों ने भगा दिया। पथरदेवा कस्बा का रहने वाला पीड़ित पिता इस मामले का एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल किया है। हालांकि संवाद न्यूज एजेंसी इस तरह के किसी वीडियो की पुष्टि नहीं करती है। पीड़ित राजकुमार मद्धेशिया ने आरोप लगाया है कि पड़ोस के एक इंटर कॉलेज में उनकी दो बेटियां गुड़िया और समीक्षा 12वीं में पढ़ती हैं। 18 फरवरी को द्वितीय पाली में हिंदी विषय की परीक्षा है। आरोप है कि वे मंगलवार को अंगूठी बेचकर दस हजार रुपये लेकर बेटियों का प्रवेश पत्र लेने गए थे, लेकिन वहां पहुंचने पर प्रधानाचार्य उनसे 35 हजार रुपये की मांग करने लगे। जब उन्होंने इतनी अधिक फीस की वजह पूछी तो प्रधानाचार्य व उनके सहयोगियों ने उनके साथ अभद्रता की और स्कूल से बाहर निकाल दिया। राजकुमार ने बताया कि प्रधानाचार्य ने साफ शब्दों में कहा कि जो मर्जी करो, जब तक पूरा 35 हजार रुपये जमा नहीं करोगे लड़कियों को परीक्षा में उन्हें बैठने नहीं दिया जाएगा।
विज्ञापन
पथरदेवा के स्कूल में प्रवेश पत्र के नाम रुपये मांगने की शिकायत नहीं मिली है। पता करके इस मामले की जांच कराई जाएगी। दोषी मिलने पर संबंधित के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी। किसी को भी प्रवेश पत्र के बदले में रुपये लेने का अधिकार नहीं है। बोर्ड द्वारा प्रवेश पत्र नि:शुल्क वितरित कराया जा रहा है।
विज्ञापन
- शिवनारायण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक, देवरिया
दो साल पढ़ी छात्रा, फिर भी स्कूल ने नहीं किया पंजीकरण
संवाद न्यूज एजेंसी
देवरिया। संवरेजी खर्ग के एक इंटर कॉलेज में पढ़ने वाली छात्रा ने मंगलवार को डीएम से मिलकर प्रवेश पत्र नहीं देने की जानकारी दी। इस पर डीएम ने जिला विद्यालय निरीक्षक से मामले की जांच करने को कहा। डीआईओएस की जांच में पता चला कि छात्रा का पंजीकरण ही नहीं हुआ है। डीआईओएस ने पूरे प्रकरण की जांच सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय को सौंपी है।
यूपी बोर्ड से मान्यता प्राप्त संवरेजी खर्ग के एक इंटर कॉलेज में छात्रा मृदुला सिंह इंटर की पढ़ाई कर रही थी। वह मंगलवार को विद्यालय में प्रवेश पत्र लेने पहुंची तो उसे प्रवेश पत्र नहीं दिया गया। इसके बाद छात्रा ने डीएम से शिकायत की। डीएम के निर्देश पर डीआईओएस ने जांच पड़ताल की तो उसका पंजीकरण विद्यालय में नहीं मिला। इसके बाद डीआईओएस ने पूरे प्रकरण की जांच सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय को सौंप दिया है। हालांकि छात्रा बोर्ड परीक्षा में नहीं बैठने पाएगी।
छात्रा का पंजीकरण विद्यालय की ओर से यूपी बोर्ड में नहीं मिला है। इसलिए उसको परीक्षा में बैठने का अवसर नहीं मिल पाएगा। इस प्रकरण की जांच सह जिला विद्यालय निरीक्षक नीलेश पांडेय को सौंपी गई है। जांच में दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
- शिवनारायण सिंह, जिला विद्यालय निरीक्षक