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Deoria News: कफ सिरप की बिक्री का टूटेगा जाल नए मेडिकल स्टोरों की होगी जांच
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देवरिया। बिहार में शराबबंदी के बाद देवरिया जिले के बॉर्डर इलाके में दवा की दुकानों पर कफ सिरप और मानसिक शांति व दर्द निवारक दवाओं की बिक्री में तेजी आई है।
जिले की चार दुकानों पर लखनऊ की फर्माें से भी दवाओं की आपूर्ति हुई है। इसको देखते हुए अब औषधि विभाग ने बॉर्डर इलाके में खुली नई दुकानों और बड़े स्टॉकिस्टों का फिर से सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
देवरिया जिले में होलसेल की 858 और रिटेल की 1820 दुकानें हैं। बिहार में शराब बंदी के बाद से जिले के बॉर्डर वाले हिस्से बघौचघाट, बनकटा, श्रीरामपुर, खामपार, भाटपार रानी, मईल और लार क्षेत्र में तेजी से दवा की दुकानें खुली हैं।
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इन दुकानों से कफ सिरप और दर्द निवारक व मानसिक तनाव घटाने वाले टेबलेट की बिक्री अधिक होने की जानकारी विभाग को मिली है। भाटपार रानी की एक दुकान पर पिछले दिनों दिल्ली से आई क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने छापा मारा था।
इसके अलावा कोडीनयुक्त कफ सिरप के ताजा मामलों की जांच के दौरान पता लगा कि लखनऊ की जिस फर्म ने गोरखपुर और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में नशीली दवाइयों की सप्लाई की है, उसने देवरिया जिले में भी दवाएं भेजी हैं। इसके बाद से चार दवा के दुकानदारों को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा गया है। अब अन्य दुकानों के जांच की भी तैयारी है।
अभी तक नहीं दिया जवाब : देवरिया शहर के तीन और भाटपार रानी क्षेत्र के एक दवा विक्रेता को औषधि विभाग की तरफ नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया था। इन चारों दुकानों पर कफ सिरप की बिक्री की जानकारी विभाग को मिली थी। अब इन्हें यह बताना है कि जो कफ सिरप इन्होंने लखनऊ से मंगाया था, उसे किस व्यक्ति या दुकान को बेचा है, लेकिन ये चारों दुकानदार विक्रय का विवरण नहीं दे रहे हैं, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। विभाग इन्हें अब दूसरी नोटिस भेजने की तैयारी में है। इसके बाद लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू होगी।
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जिले की चार दुकानों पर लखनऊ की फर्माें से भी दवाओं की आपूर्ति हुई है। इसको देखते हुए अब औषधि विभाग ने बॉर्डर इलाके में खुली नई दुकानों और बड़े स्टॉकिस्टों का फिर से सत्यापन कराने का निर्णय लिया है।
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देवरिया जिले में होलसेल की 858 और रिटेल की 1820 दुकानें हैं। बिहार में शराब बंदी के बाद से जिले के बॉर्डर वाले हिस्से बघौचघाट, बनकटा, श्रीरामपुर, खामपार, भाटपार रानी, मईल और लार क्षेत्र में तेजी से दवा की दुकानें खुली हैं।
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इन दुकानों से कफ सिरप और दर्द निवारक व मानसिक तनाव घटाने वाले टेबलेट की बिक्री अधिक होने की जानकारी विभाग को मिली है। भाटपार रानी की एक दुकान पर पिछले दिनों दिल्ली से आई क्राइम ब्रांच की स्पेशल टीम ने छापा मारा था।
इसके अलावा कोडीनयुक्त कफ सिरप के ताजा मामलों की जांच के दौरान पता लगा कि लखनऊ की जिस फर्म ने गोरखपुर और सिद्धार्थनगर समेत कई जिलों में नशीली दवाइयों की सप्लाई की है, उसने देवरिया जिले में भी दवाएं भेजी हैं। इसके बाद से चार दवा के दुकानदारों को नोटिस भेजकर जवाब भी मांगा गया है। अब अन्य दुकानों के जांच की भी तैयारी है।
अभी तक नहीं दिया जवाब : देवरिया शहर के तीन और भाटपार रानी क्षेत्र के एक दवा विक्रेता को औषधि विभाग की तरफ नोटिस भेजकर जवाब मांगा गया था। इन चारों दुकानों पर कफ सिरप की बिक्री की जानकारी विभाग को मिली थी। अब इन्हें यह बताना है कि जो कफ सिरप इन्होंने लखनऊ से मंगाया था, उसे किस व्यक्ति या दुकान को बेचा है, लेकिन ये चारों दुकानदार विक्रय का विवरण नहीं दे रहे हैं, जिससे जांच आगे नहीं बढ़ पा रही है। विभाग इन्हें अब दूसरी नोटिस भेजने की तैयारी में है। इसके बाद लाइसेंस निलंबन की कार्रवाई शुरू होगी।