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Deoria News: करंट से जान गंवाने वाले भाइयों के परिजनों को मिलेगा 10 लाख मुआवजा
Fri, 05 Jan 2024 11:27 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Fri, 05 Jan 2024 11:27 PM IST
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देवरिया। हाईटेंशन तार की चपेट में आने से जान गंवाने वाले सगे भाइयों के परिजनों को दस लाख मुआवजा मिलेगा। हादसे के बाद मृतक के पिता ने अदालत की शरण ली थी। बिजली निगम की ओर से कोई संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर स्थायी लोक अदालत ने पांच साल बाद बिजली निगम को दोषी करार देते हुए यह फैसला सुनाया है।
शहर के सिंधी मिल कालोनी निवासी पिंटू सिंह जलकल रोड चौराहे पर लल्लू गुप्ता के मकान में डांस क्लास चलाते थे। बड़े भाई विवेक सिंह भी इसमें सहयोग करते थे। डांस क्लास बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर चलती थी। मकान के सामने क्लास के प्रचार का बैनर लगा था। 10 अप्रैल 2017 को सामने से गुजर रहे हाईटेंशन तार से निकली चिंगारी से बैनर में आग लग गई। बैनर में लगे लोहे के राड से हाईटेंशन तार चिपक गया।
आग बुझाने के दौरान पिंटू सिंह, विवेक सिंह तथा प्रदीप की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। पिंटू और विवेक के पिता विद्यार्थी सिंह ने 20 जनवरी 2018 को लोक अदालत में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम देवरिया के एक्सईएन और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम हेड ऑफिस वाराणसी को पार्टी बनाते हुए मुकदमा दाखिल किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद 4 जनवरी 2024 को लोकअदालत ने बिजली निगम को दोषी बताते हुए दोनों भाइयों की मौत पर पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय सुनाया है। हादसे का शिकार हुए प्रदीप के परिजनों ने मुकदमा नहीं किया था।
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शहर के सिंधी मिल कालोनी निवासी पिंटू सिंह जलकल रोड चौराहे पर लल्लू गुप्ता के मकान में डांस क्लास चलाते थे। बड़े भाई विवेक सिंह भी इसमें सहयोग करते थे। डांस क्लास बिल्डिंग के दूसरी मंजिल पर चलती थी। मकान के सामने क्लास के प्रचार का बैनर लगा था। 10 अप्रैल 2017 को सामने से गुजर रहे हाईटेंशन तार से निकली चिंगारी से बैनर में आग लग गई। बैनर में लगे लोहे के राड से हाईटेंशन तार चिपक गया।
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आग बुझाने के दौरान पिंटू सिंह, विवेक सिंह तथा प्रदीप की करंट की चपेट में आने से मौत हो गई। पिंटू और विवेक के पिता विद्यार्थी सिंह ने 20 जनवरी 2018 को लोक अदालत में पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम देवरिया के एक्सईएन और पूर्वांचल विद्युत वितरण निगम हेड ऑफिस वाराणसी को पार्टी बनाते हुए मुकदमा दाखिल किया। दोनों पक्षों को सुनने के बाद 4 जनवरी 2024 को लोकअदालत ने बिजली निगम को दोषी बताते हुए दोनों भाइयों की मौत पर पांच-पांच लाख रुपये मुआवजा देने का निर्णय सुनाया है। हादसे का शिकार हुए प्रदीप के परिजनों ने मुकदमा नहीं किया था।
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