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नाव बंद होने से लोगों की दुश्वारियां बढ़ीं
देवरिया
Updated Thu, 21 Jul 2016 10:34 PM IST
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प्रशासन के आदेश पर बरहज के कुटी घाट पर बंद पड़ी नावें।
- फोटो : अमर उजाला
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बरहज। प्रशासन की ओर से घाघरा नदी में नाव संचालन के रोके जाने के बाद करीब पांच हजार लोेग प्रभावित हैं। लोगों के बीच रोजीरोटी का संकट उत्पन्न हो गया है। पिछले शनिवार की दोपहर घाघरा नदी के उस पार गांव परसिया देवार तट से लोगों को बरहज लेकर आ रहा स्टीमर में तेल खत्म होने के चलते बीच धारा में बंद होकर बहने लगा। इसके बाद प्रशासन ने स्टीमर और नाव के संचालन पर रोक लगा दी।
घाघरा में लोकनिर्माण विभाग की ओर से कार्यदाई संस्था की ओर से पीपे का पुल व 15 जून से नवंबर माह तक नाव के सहारे घाघरा के उस के लोगों को यातायात मुहैया कराया जाता है। जिसमें तहसील क्षेत्र के परसिया देवार, विशुनपुर देवार सहित मऊ जिले के अधिकांश गांव के लोग हजारों की संख्या में नगर व जिला मुख्यालय पर आते हैं। इनमें स्कूल व कॉलेज आने वाले छात्रों की संख्या अधिक है।
शनिवार को हुई घटना के बाद डीएम के आदेश से नदी में किसी भी प्रकार से यातायात करने से रोक लगा दी गई है। जिसके चलते उस पार के लोगों पर आवागमन को लेकर संकट उत्पन्न हो गया है। देवारा क्षेत्र के नकिहवा टोले के रामाश्रय यादव ने बताया कि नगर में प्रतिदिन सैकड़ों लोग मजदूरी करने आते हैं। नाव बंद होने से उनकी रोजी बंद हो गई है।
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परसिया देवार के दूधनाथ चौहान, बेचन चौहान, योगेंद्र गुप्ता, नकिहवा के लाल साहब श्रीबदन, विशुनपुर देवार के अशोक यादव का कहना है कि नाव बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों की दवा, भोजन के सामानों के अलावा मुकदमे की पैरवी ठप हो गई है। प्रशासन से लगातार नाव चलवाने का अनुरोध किया जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं बन पाई।
एसडीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि सुरक्षा कारणों से नाव संचालन पर रोक लगाई गई है। नदी से यातायात चालू कराने की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।
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घाघरा में लोकनिर्माण विभाग की ओर से कार्यदाई संस्था की ओर से पीपे का पुल व 15 जून से नवंबर माह तक नाव के सहारे घाघरा के उस के लोगों को यातायात मुहैया कराया जाता है। जिसमें तहसील क्षेत्र के परसिया देवार, विशुनपुर देवार सहित मऊ जिले के अधिकांश गांव के लोग हजारों की संख्या में नगर व जिला मुख्यालय पर आते हैं। इनमें स्कूल व कॉलेज आने वाले छात्रों की संख्या अधिक है।
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शनिवार को हुई घटना के बाद डीएम के आदेश से नदी में किसी भी प्रकार से यातायात करने से रोक लगा दी गई है। जिसके चलते उस पार के लोगों पर आवागमन को लेकर संकट उत्पन्न हो गया है। देवारा क्षेत्र के नकिहवा टोले के रामाश्रय यादव ने बताया कि नगर में प्रतिदिन सैकड़ों लोग मजदूरी करने आते हैं। नाव बंद होने से उनकी रोजी बंद हो गई है।
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परसिया देवार के दूधनाथ चौहान, बेचन चौहान, योगेंद्र गुप्ता, नकिहवा के लाल साहब श्रीबदन, विशुनपुर देवार के अशोक यादव का कहना है कि नाव बंद होने से बच्चों की पढ़ाई, मरीजों की दवा, भोजन के सामानों के अलावा मुकदमे की पैरवी ठप हो गई है। प्रशासन से लगातार नाव चलवाने का अनुरोध किया जा रहा है। लेकिन अभी तक कोई व्यवस्था नहीं बन पाई।
एसडीएम राकेश कुमार सिंह का कहना है कि सुरक्षा कारणों से नाव संचालन पर रोक लगाई गई है। नदी से यातायात चालू कराने की व्यवस्था शीघ्र की जाएगी।