सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत का मामला: एक ही घर से उठी तीन महिलाओं की अर्थी, फफक पड़े लोग
तीनों भाई एक साथ अपनी धर्मपत्नियों के अंतिम संस्कार का रस्म निभा रहे थे। इस भयावह मंजर की किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। भरटोला वार्ड से जब तीन अर्थी एक साथ उठी तो हजारों लोग पीछे पीछे चल दिए। सड़क के दोनों तरफ लोगों का तांता लगा था।
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देवरिया जिले में भरटोला वार्ड के अधिवक्ता आनंद प्रकाश मिश्र के परिवार से जब मंगलवार को एक साथ घर की तीन महिलाओं की अर्थी उठी तो लोग फफक पड़े। सोमवार को सड़क हादसे में अधिवक्ता के परिवार की तीन महिलाएं और एक मासूम बच्ची की मौत हो गई थी। अधिवक्ता और उनके दोनों भाई की पत्नी परिवार के साथ पौत्र के उपनयन संस्कार में शामिल होने बिहार प्रांत के मैरवा स्थित बाबा हरिराम ब्रह्म स्थान पर जा रही थीं।
पोस्टमार्टम के बाद देर रात जब घर की तीनों महिलाओं का शव दरवाजे पर पहुंचा तो परिवार के लोगों के चीत्कार से पूरा मंजर गमगीन हो गया। मंगलवार की सुबह नगर के बैकुंठधाम पर तीनों देवरानी जेठानी का अंतिम संस्कार किया गया। पति और बेटों के कंधों पर घर से शव यात्रा निकली। मां की अर्थी को कंधे पर लेते ही एक बेटा बेहोश हो गया।
लोगों ने पानी का छींटा मार कर उसे होश में लाया। तीनों भाई एक साथ अपनी धर्मपत्नियों के अंतिम संस्कार का रस्म निभा रहे थे। इस भयावह मंजर की किसी ने कल्पना तक नहीं की थी। भरटोला वार्ड से जब तीन अर्थी एक साथ उठी तो हजारों लोग पीछे पीछे चल दिए। सड़क के दोनों तरफ लोगों का तांता लगा था।
इस हृदय विदारक दृश्य को देखकर लोगों की आंखों से आंसू निकलने लगा। बाजार में व्यवसायी दुकान बंद कर अपनी दुकान के सामने दुखी मन से खड़े हो गए। घटना पर पूरा कस्बा द्रवित था। अधिवक्ता की मकान से लेकर श्मशान घाट तक लोगों की भीड़ लग गई। मां की अंतिम यात्रा में साथ चल रहे पुत्रों की चीत्कार सुनकर साथ चल रहे लोग असहज हो गए।
शव यात्रा में शामिल हर शख्स की आंखें भर आईं। बैकुंठधाम पर तीन चिताएं एक साथ सजीं। तीनों भाई श्रीप्रकाश, आनंद प्रकाश और चंद्र प्रकाश ने अपनी अपनी धर्मपत्नियों को मुखाग्नि दी। तीन सगे भाईयों की पत्नी विमला, त्रिशुली और गीता एक साथ पंचतत्व में विलीन हो गईं। उनकी मौत पर कस्बे में मातम पसरा है।
अचानक धमाका हुआ और सब कुछ खत्म हो गया
मां के साथ गाड़ी में यात्रा कर रहे गीता का बेटा केसरी, घटना को याद कर सिहर जा रहे हैं। परिवार के नौ लोगों के साथ मांगलिक कार्यक्रम में मैरवा जा रहे केसरी ने कहा कि गाड़ी सामान्य गति से चल रही थी। अचानक धमाका हुआ और सबकी आंखें बंद हो गईं। आंख खुली तो ड्राइवर सहित परिवार के पांच लोगों की मौत हो गई थी। सड़क पर सबका शव पड़ा था। घायल कराह रहे थे। गाड़ी की स्पीड एकाएक तेज हुई और लगा कि गाड़ी किसी पहाड़ से टकरा गई। आंखों देखी हाल बताते वक्त वह कई बार असहज हुए।
दो मासूमों में बच गया कान्हा
सड़क हादसे में अंजना के दो मासूम बच्चों में कान्हा तो बच गया पर उसकी तीन साल की बहन सिद्धि नहीं बच पाई। एक साल के कान्हा के पैर में चोट आई है। सिद्धि का अंतिम संस्कार उसके पैतृक गांव परसिया में हुआ। अंजना की शादी देवरिया के परसिया अहीर गांव में कृष्ण कुमार तिवारी से हुई है। अंजना और उसके पति भी दुर्घटना में घायल हैं।