{"_id":"67f415cf5642fc48ae04ee61","slug":"the-agent-says-commit-suicide-the-loan-will-be-forgiven-deoria-news-c-208-1-sdn1004-151029-2025-04-07","type":"story","status":"publish","title_hn":"Deoria News: एजेंट कहते हैं कर लो आत्महत्या... कर्ज हो जाएगा माफ","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Deoria News: एजेंट कहते हैं कर लो आत्महत्या... कर्ज हो जाएगा माफ
Mon, 07 Apr 2025 11:43 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया
Updated Mon, 07 Apr 2025 11:43 PM IST
विज्ञापन
कर्ज लेने वालीं महिलाएं।
संवाद न्यूज एजेंसी
खुखुंदू। माइक्रो प्राइनेंस और अन्य प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों के एजेंट कर्जददार महिलाओं से बदसलूकी के साथ धमकी भी देने लगे लगे हैं। आरोप है कि दरवाजे पर पहुंचे एजेंट किस्त नहीं मिलने पर कहते हैं कि आत्महत्या कर लो, कर्ज माफ हो जाएगा।
जहर खाने और फंदा लगाने की बात भी कहते हैं। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि एजेंट अभद्रता भी करते हैं। जो किस्त जमा किया जा चुका है, उसे भी बकाया दिखकर प्रताड़ित करते हैं।
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से खुखुंदू गांव की करीब नौ महिलाओं ने 34 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसमें अधिकतर किस्ते जमा करने की बात कही जा रही है। महिलाओं का कहना है कि एजेंट थोड़ी-बहुत बची रकम की वसूली के लिए दरवाजे पर पहुंच अपशब्द कहते हुए आत्महत्या करने या फिर घर-बार छोड़कर भाग जाने की बात कहते हैं। घर में दैनिक उपयोग के लिए रखे सामान भी उठा ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
गांव की चंपा देवी पत्नी स्व. बिगू कन्नौजिया, नूरजहां पत्नी कलीम, इंदू देवी पत्नी नंदलाल प्रसाद, बासमती देवी पत्नी भुट्टी, बंदना देवी पत्नी नारायण, सुनीता देवी पत्नी राजमंगल ने बताया कि समूह में कर्ज देने के बाद एजेंट 40 हजार रुपये में दो हजार रुपये पहले ही निकालकर अपने पास रख लेते है। जब किस्त वसूली में दो-चार दिन विलंब होता है तो पांच सौ से एक हजार रुपये तक अधिक ब्याज लगा दिया जाता है।
कई बार किस्त लेकर रजिस्टर में चढ़ाते नहीं हैं। महिलाओं ने बताया कि कर्ज लेने वालों में अधिकतर बिना पढ़ी-लिखी महिलाएं शामिल हैं। एजेंटों की प्रताड़ना से पहले ही खुखुंदू गांव की अनीता देवी, सारा, चंदा देवी और सूरज घर-बार छोड़कर दिल्ली, गुजरात जा चुके है। महिलाओं ने बताया कि इन दिनों एजेंट कुछ ज्यादा ही दबाव बनाकर अभद्रता कर रहे है।
कर्ज भरने में मंजू और सुनीता की बिक चुकी है जमीन : खुखुंदू गांव की सुनीता देवी पत्नी राजमंगल गुप्ता और मंजू देवी पत्नी लक्ष्मण ने अपनी जमीन बेचकर समूह का कर्ज भरना शुरू किया। इनकी सारी पैतृक जमीनें भी बिक गईं। फिर भी कर्ज इनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। समूह की मेठ नूरजहां खुद कर्ज में डूबी हैं। उनका कहना है कि जमीन बिकने के बाद दोनों ने एजेंटों को कर्ज लिए रुपये लौटा दिए। उनके साथ जितनी महिलाएं हैं, सभी किस्त की रकम समय-समय पर देती रहीं, मगर एजेंट अब भी अधिकतर किस्त बाकी दिखा रहे हैं। बासमती देवी का कहना है कि एजेंट की प्रताड़ना से ही उनका बेटा सूरज घर छोड़कर भाग गया। दूसरा बेटा बीमार चल रहा है।
फिर भी एजेंट दरवाजे पर चढ़कर गाली देते रहते हैं।
विज्ञापन
खुखुंदू। माइक्रो प्राइनेंस और अन्य प्राइवेट फाइनेंस कंपनियों के एजेंट कर्जददार महिलाओं से बदसलूकी के साथ धमकी भी देने लगे लगे हैं। आरोप है कि दरवाजे पर पहुंचे एजेंट किस्त नहीं मिलने पर कहते हैं कि आत्महत्या कर लो, कर्ज माफ हो जाएगा।
जहर खाने और फंदा लगाने की बात भी कहते हैं। पीड़ित महिलाओं ने बताया कि एजेंट अभद्रता भी करते हैं। जो किस्त जमा किया जा चुका है, उसे भी बकाया दिखकर प्रताड़ित करते हैं।
विज्ञापन
माइक्रो फाइनेंस कंपनियों से खुखुंदू गांव की करीब नौ महिलाओं ने 34 लाख रुपये का कर्ज लिया था। इसमें अधिकतर किस्ते जमा करने की बात कही जा रही है। महिलाओं का कहना है कि एजेंट थोड़ी-बहुत बची रकम की वसूली के लिए दरवाजे पर पहुंच अपशब्द कहते हुए आत्महत्या करने या फिर घर-बार छोड़कर भाग जाने की बात कहते हैं। घर में दैनिक उपयोग के लिए रखे सामान भी उठा ले जा रहे हैं।
विज्ञापन
गांव की चंपा देवी पत्नी स्व. बिगू कन्नौजिया, नूरजहां पत्नी कलीम, इंदू देवी पत्नी नंदलाल प्रसाद, बासमती देवी पत्नी भुट्टी, बंदना देवी पत्नी नारायण, सुनीता देवी पत्नी राजमंगल ने बताया कि समूह में कर्ज देने के बाद एजेंट 40 हजार रुपये में दो हजार रुपये पहले ही निकालकर अपने पास रख लेते है। जब किस्त वसूली में दो-चार दिन विलंब होता है तो पांच सौ से एक हजार रुपये तक अधिक ब्याज लगा दिया जाता है।
कई बार किस्त लेकर रजिस्टर में चढ़ाते नहीं हैं। महिलाओं ने बताया कि कर्ज लेने वालों में अधिकतर बिना पढ़ी-लिखी महिलाएं शामिल हैं। एजेंटों की प्रताड़ना से पहले ही खुखुंदू गांव की अनीता देवी, सारा, चंदा देवी और सूरज घर-बार छोड़कर दिल्ली, गुजरात जा चुके है। महिलाओं ने बताया कि इन दिनों एजेंट कुछ ज्यादा ही दबाव बनाकर अभद्रता कर रहे है।
कर्ज भरने में मंजू और सुनीता की बिक चुकी है जमीन : खुखुंदू गांव की सुनीता देवी पत्नी राजमंगल गुप्ता और मंजू देवी पत्नी लक्ष्मण ने अपनी जमीन बेचकर समूह का कर्ज भरना शुरू किया। इनकी सारी पैतृक जमीनें भी बिक गईं। फिर भी कर्ज इनका पीछा नहीं छोड़ रहा है। समूह की मेठ नूरजहां खुद कर्ज में डूबी हैं। उनका कहना है कि जमीन बिकने के बाद दोनों ने एजेंटों को कर्ज लिए रुपये लौटा दिए। उनके साथ जितनी महिलाएं हैं, सभी किस्त की रकम समय-समय पर देती रहीं, मगर एजेंट अब भी अधिकतर किस्त बाकी दिखा रहे हैं। बासमती देवी का कहना है कि एजेंट की प्रताड़ना से ही उनका बेटा सूरज घर छोड़कर भाग गया। दूसरा बेटा बीमार चल रहा है।
फिर भी एजेंट दरवाजे पर चढ़कर गाली देते रहते हैं।