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भयावह मंजर: वाहन के परखचे उड़े, शव इधर-उधर पड़े थे, कपड़े भी फटे थे
Mon, 01 May 2023 03:42 PM IST
गोरखपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
संवाद न्यूज एजेंसी, देवरिया।
Updated Mon, 01 May 2023 03:42 PM IST
सार
भाजपा हिंदुओं को मुसलमानों का भय दिखाकर उन्हें उनके अधिकारों से वचिंत कर रही है। शिक्षक भर्ती में घोटाला कर पिछड़ी और दलित जातियों का 22 हजार पद लूट लिया गया। महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा पर कोई बात करने वाला नहीं है।
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धरमपुर गांव में मृतक कैलाश के रोते बिलखते परिजन।संवाद
विस्तार
पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार रात हुए भीषण हादसे की खबर जब धरमपुर गांव पहुंची तो पूरी रात गांव में चर्चा शुरू हो गई। घटनास्थल से आए परिजन भयावह मंजर को याद कर सिहर उठे थे। बोलेरो के परखचे उड़ गए थे। वाहन की छत ही नहीं, बॉडी भी पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो गई थी। उन्हें पता चला कि हादसे के बाद मृतकों के शव सड़क पर जगह-जगह इधर-उधर पड़े हुए थे। यहां तक कि मृतकों के कपड़े भी फट गए थे।
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मौके की हालत को याद कर सभी की रूह कांप जा रही थी
रात में ही घटनास्थल पर मृतक कैलाश के भाई विनोद और गांव के लोग पहुंचे। मौके का मंजर देख सभी की आंखें नम हो गईं। मृतकों के शव गाड़ी से छिटक कर दूर-दूर पड़े थे और शवों की दशा ऐसी थी कि उनके कपड़े तक फट चुके थे। हादसे में जिंदा बची घायल किरन को जब रविवार को होश आया तो वह परिजनों के सामने बिलख कर रोने लगी। वह उस घटना को यादकर कांप जा रही थी। तेज आवाज अभी भी उसके कानों में गूंज रही थी।
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फोन पर जल्द घर पहुंचने की दी थी जानकारी, मौत की आई सूचना
घटना की जानकारी होने पर मृतकों के परिजन व रिश्तेदार के अनुसार घटना से कुछ ही देर पहले फोन पर जल्द घर पहुंचने की सूचना दी गई थी। इसके बाद रात में ही मौत की सूचना आ गई। परिजनों के अनुसार मृतक कैलाश इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। वह पत्नी नीतू को इलाज के लिए लेकर लखनऊ गया था। इनके तीन पुत्र व एक पुत्री हैं। सभी अभी नाबालिग हैं। वहीं मृतक अनिल को दो पुत्र व दो पुत्रियां हैं। मृतका गुड्डी दो लड़कों व सात लड़कियों की मां थी। वहीं हादसे में मृत रानी के दो भाई व दो बहन हैं। बोलरो में सवार सभी आपस में रिश्तेदार थे और दवा कराने के लिए लखनऊ कैलाश की बोलेरो से एक साथ गए थे।
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घटना के बाद परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल, शव पहुंचते उमड़ी भीड़
पोस्टमार्टम के बाद देर शाम धरमपुर तीनों का शव पहुंचा तो गांव के लोग कैलाश के दरवाजे पर पहुंच गए। परिजन शव को देखकर दहाड़े मारकर रोने लगे। घर वाले उस पल को याद कर रहे थे जब वह बोलेरो सवार परिजनों को लखनऊ के लिए रवाना कर दिए थे। जिनके आने का इंतजार कर रहे थे उनका शव आया। रविवार को घटना की जानकारी होने पर पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया था। सूचना पर पीड़ित परिवार के घर पहुंचे सदर तहसीलदार ने हालात का जायजा लिया।
महुआडीह गांव के धरमपुर टोला के रहने वाले कैलाश (37), अपनी बोलेरो गाड़ी से पत्नी नीतू देवी (33), बगल की रहने वाली पट्टीदार गुड्डी (45), पत्नी छोटेलाल के साथ अपनी भतीजी रानी (11) का इलाज कराने के लिए 28 अप्रैल की सुबह घर से लखनऊ के लिए निकले। बड़हलगंज पहुडंचने के बाद बड़हलगंज थाना क्षेत्र के सिधुआपार लक्ष्मी गांव के अपने दुक्खी (46) और उनकी पत्नी किरण देवी (42) को भी साथ ले लिए। लखनऊ पहुंचकर इलाज कराकर घर वापस लौटते समय शनिवार देर रात हादसे का शिकार हो गए। किरन देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। आजमगढ़ में उनकी इलाज चल रही है।
उधर, मौत की सूचना मिलते ही कैलाश के पिता अक्षयलाल, माता तारा देवी, बड़े भाई विनोद, छोटे भाई प्रियांशु, का रो-रोकर बुरा हाल है। कैलाश के तीन बेटे बिट्टू, सन्नी, समीर व बेटी अन्नू , रानी की मां सीमा बदहवास हैं। वहीं गुड्डी की मौत से पति छोटेलाल वी उनके पांच बेटों व दो बेटियां भी मां को इस तरह खोकर बेहाल हैं। एक ही परिवार से तीन और एक पट्टीदार की इस तरह हादसे में हुई मौत से चारों तरह चीख - पुकार मच गई। गांव में भी मातम पसर गया। दरवाजे पर के कई गांव के लोगों की भारी जुट गई।
महुआडीह गांव के धरमपुर टोला के रहने वाले कैलाश (37), अपनी बोलेरो गाड़ी से पत्नी नीतू देवी (33), बगल की रहने वाली पट्टीदार गुड्डी (45), पत्नी छोटेलाल के साथ अपनी भतीजी रानी (11) का इलाज कराने के लिए 28 अप्रैल की सुबह घर से लखनऊ के लिए निकले। बड़हलगंज पहुडंचने के बाद बड़हलगंज थाना क्षेत्र के सिधुआपार लक्ष्मी गांव के अपने दुक्खी (46) और उनकी पत्नी किरण देवी (42) को भी साथ ले लिए। लखनऊ पहुंचकर इलाज कराकर घर वापस लौटते समय शनिवार देर रात हादसे का शिकार हो गए। किरन देवी भी गंभीर रूप से घायल हो गईं। आजमगढ़ में उनकी इलाज चल रही है।
उधर, मौत की सूचना मिलते ही कैलाश के पिता अक्षयलाल, माता तारा देवी, बड़े भाई विनोद, छोटे भाई प्रियांशु, का रो-रोकर बुरा हाल है। कैलाश के तीन बेटे बिट्टू, सन्नी, समीर व बेटी अन्नू , रानी की मां सीमा बदहवास हैं। वहीं गुड्डी की मौत से पति छोटेलाल वी उनके पांच बेटों व दो बेटियां भी मां को इस तरह खोकर बेहाल हैं। एक ही परिवार से तीन और एक पट्टीदार की इस तरह हादसे में हुई मौत से चारों तरह चीख - पुकार मच गई। गांव में भी मातम पसर गया। दरवाजे पर के कई गांव के लोगों की भारी जुट गई।